मारवाड़ी ने शेख को खून दिया… पहली बार मर्सडीज़, दूसरी बार लड्डू! असली कॉमेडी ट्विस्ट पढ़कर दंग रह जाएंगे**

एक मारवाड़ी ने शेख की जान बचाई, शेख ने मर्सडीज़ पकड़ाई। दूसरी बार खून दिया तो इनाम में मिला सिर्फ लड्डू! मारवाड़ी भड़क उठा, पर शेख ने ऐसा जवाब दिया कि हंसी नहीं रुकेगी। पूरी कहानी पढ़कर पेट पकड़कर हंसने के लिए तैयार रहें!

भारत में मारवाड़ी लोगों की पहचान सिर्फ बिजनेस माइंड से नहीं, बल्कि जबरदस्त ह्यूमर से भी होती है। और जब सामने हो अरब का शेख—तो मज़ाक अपने आप प्रीमियम क्वालिटी का निकलता है।

कहानी शुरू होती है अस्पताल से…
शेख की हालत खराब, खून की सख्त जरूरत।
डॉक्टर बोले—”ग्रुप मैच हुआ है, एक मारवाड़ी तैयार है!”
मारवाड़ी ने तुरंत खून दिया, शेख झूम उठा।
खुश होकर बोला—भाई,तूने जान बचाईमर्सडीज़ ले जा!

पर कहानी यहीं खत्म होती तो मज़ा क्या था?

कुछ महीनों बाद शेख को फिर खून चाहिए।
मारवाड़ी फिर तैयार—”कमाई तो रोज करनी चाहिए, अच्छे काम में ही सही!”
इस बार काम होने के बाद शेख आया…
पर हाथ में डिब्बा!
मारवाड़ी चौंका—”इस बार क्या है?”
शेख बोला—लड्डू!

मारवाड़ी (गुस्से में):
पहली बार मर्सडीज़अब सिर्फ लड्डू?”
शेख हँसते हुए:
क्या करूँ भाई,अब मेरे अंदर भी मारवाड़ी का खून दौड़ रहा है!

फनी डायलॉग्स का तड़का

पत्नि-पति:
पत्नि: तुम इतने कंजूस क्यों हो?
पति: खून में मारवाड़ी शेख का मिक्सचर है, खर्च अपने आप रुक जाता है!

दोस्त-दोस्त:
दोस्त 1: यार, आजकल गिफ्ट क्या दे रहे हो?
दोस्त 2: बजट कम हो गया—अब दिल से देता हूँ… मतलब खाली हाथ!

टीचर-स्टूडेंट:
टीचर: बताओ, खून में क्या दौड़ता है?
स्टूडेंट: सर, ऑफर चल रहा हो तो मर्सडीज़ भी!

पड़ोसी-पड़ोसी:
पहला: भाई, मिठाई क्यों दे रहे?
दूसरा: आज मैंने पैसे बचाए… खुशी मनानी चाहिए!

कहानी का बोनस मज़ाबुलेट पॉइंट्स

  • मारवाड़ी की दानशीलता का प्रीमियम वर्ज़न!
  • शेख की कंजूसी का नायक-स्तर अपग्रेड!
  • खून बदलते ही बजट भी बदल गया!
  • हास्य ऐसा कि आपका दिन बन जाए।

निष्कर्ष

मारवाड़ी और शेख की यह जोड़ी साबित करती है कि दुनिया में खून बदल सकता है… पर ह्यूमर कभी नहीं!
अंत में सिर्फ दो लाइनें—

जोक1:
खून दिया, इनाम मिला—पहले कार, फिर लड्डू…
अगली बार शायद “थैंक यू” भी EMI पर मिले!

जोक2:
शेख: भाई, अब मैं भी सेविंग मोड में आ गया हूँ।
मारवाड़ी: अच्छा हुआ… कम से कम हमें अकेले कंजूस न कहा जाए!

मारवाड़ी ने शेख को खून देकर उसकी जान बचाई

शेख ने खुश होकर उसे मर्सरीज कार गिफ्ट की!

शेख को फिर खून की जरूरत पड़ी,

मारवाड़ी ने फिर खून दिया

अबकी बार शेख ने सिर्फ लड्डू दिए,

मारवाड़ी (गुस्से से) : इस बार सिर्फ लड्डू??

शेख : भाई,अब हमारे अंदर भी मारवाड़ी का खून दौड़ रहा है!

(साई फीचर्स)