आज का पंचांग (शुक्रवार, 18 September 2026)
सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले पंचांग देखने की परंपरा है। पंचांग के माध्यम से तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ मुहूर्तों की जानकारी प्राप्त होती है। आइए जानते हैं 18 September 2026 का विस्तृत पंचांग।
🌞 आज का दिन विशेष
शुक्रवार को बृहस्पति देवता की कृपा विशेष रूप से प्रकट होती है। यह दिन ज्ञान, धन, और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है। बृहस्पति की शक्ति से व्यावसायिक सौदे, शैक्षणिक कार्य और आध्यात्मिक साधना में सफलता की संभावना बढ़ जाती है। इस दिन शनि के प्रभाव को संतुलित करने के लिए शनि व्रत, दान और बृहस्पति को जल अर्पित करना लाभकारी रहता है।
📅 तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- वार: शुक्रवार
- तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्थी
- नक्षत्र: अश्विनी
- योग: विजय
- करण: विचित्र
🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त | चंद्र उदय-चंद्रास्त
Noida, Uttar Pradesh (स्थानीय समयानुसार)
- सूर्योदय: 06:10 AM
- सूर्यास्त: 06:20 PM
- चंद्र उदय: 08:35 PM
- चंद्रास्त: 06:05 AM (अगले दिन)
⛔ राहुकाल, गुलिक काल, यमगण्ड
| काल | समय |
|---|---|
| राहुकाल | 04:00 PM – 05:30 PM |
| गुलिक काल | 07:30 AM – 09:00 AM |
| यमगण्ड | 07:00 PM – 08:30 PM |
🌟 अभिजीत मुहूर्त
12:00 PM – 12:48 PM
अभिजीत मुहूर्त को सभी महत्वपूर्ण कार्यों के आरम्भ के लिए उत्तम माना जाता है, विशेषकर लिखित दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर, अनुबंध और आध्यात्मिक साधना।
🕒 दिन के चोघड़िया
| चोघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| उद्वेग | 06:10 AM – 07:40 AM | विचलित, सावधानी आवश्यक |
| चर | 07:40 AM – 09:10 AM | व्यवस्थापन, यात्रा |
| लभ | 09:10 AM – 10:40 AM | धन‑लाभ, नई शुरुआत |
| अमृत | 10:40 AM – 12:10 PM | आरोग्य, आध्यात्मिक कार्य |
| शुभ | 12:10 PM – 01:40 PM | विवाह, गृह प्रवेश |
| चल | 01:40 PM – 03:10 PM | सामान्य कार्य, सतर्कता |
| उद्वेग | 03:10 PM – 04:40 PM | विरोध, विवाद |
| चर | 04:40 PM – 06:20 PM | यात्रा, व्यापार |
🌙 रात के चोघड़िया
| चोघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| लभ | 06:20 PM – 07:49 PM | धन‑लाभ, सामाजिक मिलन |
| अमृत | 07:49 PM – 09:18 PM | आरोग्य, आध्यात्मिक साधना |
| शुभ | 09:18 PM – 10:47 PM | विवाह, नई शुरुआत |
| चल | 10:47 PM – 12:16 AM | सामान्य कार्य, सतर्कता |
| उद्वेग | 12:16 AM – 01:45 AM | विरोध, विवाद |
| चर | 01:45 AM – 03:14 AM | यात्रा, व्यापार |
| लभ | 03:14 AM – 04:43 AM | धन‑लाभ, अध्ययन |
| अमृत | 04:43 AM – 06:10 AM | आरोग्य, आध्यात्मिक कार्य |
🪔 आज के विशेष शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: 04:00 AM – 05:30 AM
- अभिजीत मुहूर्त: 12:00 PM – 12:48 PM
- विजय मुहूर्त: 07:30 PM – 08:30 PM
- अमृत चौघड़िया: 10:40 AM – 12:10 PM (दिन) तथा 07:49 PM – 09:18 PM (रात)
- गोधूलि मुहूर्त: 06:20 PM – 06:45 PM
🛕 पूजा एवं संकल्प मुहूर्त
बृहस्पति के शुक्ल पक्ष के इस दिन शनि व्रत (शुक्रवार) रखकर बृहस्पति को जल अर्पित करना लाभकारी रहेगा। 06:00 AM – 07:30 AM के ब्रह्म मुहूर्त में विष्णु/श्री गणेश की पूजा, 12:10 PM – 01:40 PM के शुभ चोघड़िया में वैदिक मंत्र (गायत्री, विष्णु सहस्रनाम) का जप तथा 07:30 PM – 08:30 PM के विजय मुहूर्त में बृहस्पति के लिए हवन किया जा सकता है। दान के लिए शनिवार को काले चावल, काले कपड़े या काली वस्तु देना शुभ माना जाता है।
📦 खरीदारी मुहूर्त (Gold, Vehicle, Electronics)
- 06:30 AM – 07:30 AM
- 10:00 AM – 11:00 AM
- 02:00 PM – 03:00 PM
सोने की खरीदारी के लिए लभ चोघड़िया (09:10 AM – 10:40 AM) और विजय मुहूर्त (07:30 PM – 08:30 PM) सबसे अनुकूल हैं। वाहन एवं इलेक्ट्रॉनिक सामान के लिये शुभ समय 02:00 PM – 03:00 PM के चल चोघड़िया में रखें।
📜 नए कार्य प्रारंभ
नौकरी में नई जिम्मेदारी, व्यवसाय में निवेश, शैक्षणिक परीक्षा या इंटरव्यू के लिये 10:40 AM – 12:10 PM (अमृत चोघड़िया) तथा 07:30 PM – 08:30 PM (विजय मुहूर्त) सबसे अनुकूल हैं। इन समयों में प्रारम्भ किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक रहती है।
💼 व्यवसाय / कारोबार मुहूर्त
व्यापार विस्तार, अनुबंध साइनिंग और आर्थिक लेन‑देन के लिये 09:10 AM – 10:40 AM (लभ चोघड़िया) तथा 07:49 PM – 09:18 PM (अमृत चोघड़िया) में कार्य आरम्भ करने से लाभ की संभावना बढ़ती है। इस दिन बृहस्पति की कृपा से साझेदारी और विदेशी व्यापार में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
🗓 दिन-विशेष / धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व
- कोई विशेष व्रत या पर्व नहीं है, परन्तु शुक्रवार को बृहस्पति व्रत (सूर्यास्त के बाद) रखना शुभ माना जाता है।
- शुक्रवार का दिन बृहस्पति देव की शक्ति को दर्शाता है, जो ज्ञान, धन और न्याय का प्रतीक है।
समग्र रूप से 18 सितंबर 2026 (शुक्रवार) का पंचांग बृहस्पति की अनुकूलता से भरपूर है। व्यापार, शिक्षा और आध्यात्मिक कार्यों में सफलता की संभावनाएँ अधिक हैं, परन्तु राहुकाल (04:00 PM – 05:30 PM) एवं गुलिक काल (07:30 AM –