इंदौर-खंडवा हाईवे पर ब्रिज अलाइनमेंट विवाद

(ब्यूरो कार्यालय)
इंदौर (साई)। 
इंदौर-खंडवा हाईवे पर ब्रिज अलाइनमेंट विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि एनएचएआई और ठेकेदार कंपनी द्वारा यह ब्रिज आईआईटी इंदौर के दूसरे गेट के पास प्रस्तावित किया गया है, जिससे एक निजी कॉलोनाइजर को सीधा फायदा पहुंचेगा। इसके अलावा टनल के समानांतर सर्विस रोड बनाने के लिए अलग से जमीन का अधिग्रहण भी करना होगा। गांव के पास बनाने से टूटेंगे मकान और स्कूल, बनेगा ‘ब्लैक स्पॉट’।

ब्रिज अलाइनमेंट विवाद की जड़

ग्रामीणों का आरोप है कि एनएचएआई और ठेकेदार कंपनी द्वारा यह ब्रिज आईआईटी इंदौर के दूसरे गेट के पास प्रस्तावित किया गया है।

ग्रामीणों का दावा है कि इस अलाइनमेंट से एक निजी कॉलोनाइजर को सीधा फायदा पहुंचेगा।

एनएचएआई का तर्क

एनएचएआई ने कॉलोनाइजर को लाभ पहुंचाने के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि ग्रामीणों की मांग के अनुसार गांव के बिल्कुल नजदीक ब्रिज बनाया जाता है, तो कई मकानों और एक स्कूल को तोड़ना पड़ेगा।

highway bridge alignment विवाद के मुख्य बिंदु

ग्रामीणों को दोनों स्थानों के तकनीकी गुण-दोष अच्छी तरह समझा दिए हैं और आखिरी फैसला उन्हीं पर छोड़ दिया है।

  • ग्रामीणों का आरोप है कि एनएचएआई और ठेकेदार कंपनी द्वारा यह ब्रिज आईआईटी इंदौर के दूसरे गेट के पास प्रस्तावित किया गया है।
  • ग्रामीणों का दावा है कि इस अलाइनमेंट से एक निजी कॉलोनाइजर को सीधा फायदा पहुंचेगा।
  • एनएचएआई ने कॉलोनाइजर को लाभ पहुंचाने के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

विवाद का समाधान

ग्रामीणों को दोनों स्थानों के तकनीकी गुण-दोष अच्छी तरह समझा दिए हैं और आखिरी फैसला उन्हीं पर छोड़ दिया है।

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यदि तलाई नाका के लोग अपने गांव के नजदीक 12 मीटर की ब्लास्टिंग झेलने और मकानों-स्कूल को तोड़ने के लिए तैयार हैं, तो वे हमें इसका लिखित निर्णय दें, हम वहीं ब्रिज बना देंगे। इंदौर समाचार के अनुसार, यह विवाद जल्द ही समाप्त होने की उम्मीद है। देश विदेश समाचार पर और पढ़ें। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बारे में जानें।