सिवनी में 10 अगस्त तक समर्थन मूल्य पर होगी ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीदी, किसानों के लिए तीन उपार्जन केंद्र निर्धारित

किसानों को राहत: समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए तैयार प्रशासन

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)।मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और कृषि आय को सुरक्षित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सिवनी जिले के किसानों के लिए ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द का समर्थन मूल्य पर उपार्जन शुरू किया जा रहा है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले में तीन उपार्जन केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां 10 अगस्त 2026 तक खरीदी का कार्य किया जाएगा।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के निर्देशानुसार यह उपार्जन कार्य कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के मार्गदर्शन में संचालित होगा। प्रशासन ने खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

जिले में बनाए गए तीन उपार्जन केंद्र

जिले में पंजीकृत किसानों और उनके पंजीकृत रकबे को ध्यान में रखते हुए तीन अलग-अलग उपार्जन केंद्र निर्धारित किए गए हैं।

निर्धारित उपार्जन केंद्र इस प्रकार हैं:

  1. सिवनी तहसील के लिए
  • एम.पी. वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (एमपीडब्ल्यूएलसी) नरेला-2बी
  • संचालन संस्था : सहकारी प्रक्रिया एवं विपणन संस्था
  1. लखनादौन तहसील के लिए
  • ग्राम जोबा स्थित एमपीडब्ल्यूएलसी बीओटी पिपरिया
  • संचालन संस्था : सहकारी प्रक्रिया एवं विपणन संस्था मर्यादित, लखनादौन
  1. केवलारी तहसील के लिए
  • ग्राम डोकररांजी स्थित सरताज वेयरहाउस (उगली रोड)
  • संचालन संस्था : प्रियदर्शनी विपणन सहकारी समिति, केवलारी

इन केंद्रों पर किसानों की उपज की खरीदी सुव्यवस्थित तरीके से की जाएगी ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

10 अगस्त तक चलेगा उपार्जन अभियान

प्रशासन के अनुसार ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द का समर्थन मूल्य पर उपार्जन 10 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। यह प्रक्रिया सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक संचालित होगी।

खरीदी के लिए किसानों को निर्धारित समयावधि के भीतर स्लॉट बुकिंग करानी होगी। स्लॉट बुकिंग व्यवस्था का उद्देश्य उपार्जन केंद्रों पर भीड़ कम करना और किसानों को सुविधाजनक तरीके से अपनी उपज बेचने का अवसर प्रदान करना है।

स्लॉट बुकिंग को लेकर क्या हैं नियम?

प्रशासन द्वारा किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

प्रमुख नियम

  • उपार्जन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक स्लॉट बुकिंग की जा सकेगी।
  • बुक किए गए स्लॉट की वैधता 7 कार्य दिवस होगी।
  • किसान निर्धारित समय के भीतर ही अपनी उपज उपार्जन केंद्र पर लेकर पहुंच सकेंगे।
  • बिना स्लॉट बुकिंग के उपज विक्रय में कठिनाई हो सकती है।

इस व्यवस्था से खरीदी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।

किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता: कलेक्टर नेहा मीना

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने सभी संबंधित अधिकारियों और उपार्जन समितियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को खरीदी केंद्रों पर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने विशेष रूप से मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। संभावित बेमौसम वर्षा को देखते हुए खरीदी केंद्रों पर तिरपाल, सुरक्षित भंडारण और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

कलेक्टर ने कहा कि किसानों की मेहनत की फसल सुरक्षित रहना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और उपार्जन प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के संपन्न होनी चाहिए।

सीधे बैंक खाते में पहुंचेगा भुगतान

किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि उपार्जित मूंग और उड़द का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा।

प्रशासन के अनुसार भुगतान प्रक्रिया जेआईटी पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी। भुगतान राशि किसानों के आधार से लिंक बैंक खातों में सीधे जमा होगी।

इस व्यवस्था के कई लाभ हैं—

  • भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
  • बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
  • किसानों को समय पर राशि प्राप्त होगी।
  • भुगतान संबंधी विवादों की संभावना कम होगी।

डिजिटल भुगतान प्रणाली को कृषि विपणन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।

केवल FAQ गुणवत्ता वाली उपज ही होगी स्वीकार

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल एफएक्यू (FAQ) यानी निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप मूंग और उड़द ही उपार्जन केंद्रों पर लेकर आएं।

FAQ गुणवत्ता के लिए जरूरी बातें

  • उपज साफ और सूखी हो।
  • उसमें मिट्टी, कंकड़ और अन्य अशुद्धियां न हों।
  • नमी का स्तर निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।
  • खराब या क्षतिग्रस्त दाने न्यूनतम हों।

यदि किसान गुणवत्ता मानकों का ध्यान रखेंगे तो खरीदी प्रक्रिया तेजी से पूरी होगी और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

समर्थन मूल्य पर खरीदी क्यों है महत्वपूर्ण?

देश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

कई बार बाजार में फसलों के दाम गिरने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदी किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।

विशेषज्ञों के अनुसार—

  • एमएसपी किसानों की आय को स्थिरता प्रदान करता है।
  • कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलता है।
  • किसानों का आर्थिक जोखिम कम होता है।
  • कृषि क्षेत्र में निवेश की संभावना बढ़ती है।

मूंग और उड़द उत्पादन में सिवनी की भूमिका

सिवनी जिले के कई क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। इन फसलों को कम अवधि वाली और लाभकारी दलहनी फसल माना जाता है।

मूंग और उड़द की खेती के कई फायदे हैं—

  • कम पानी में अच्छी पैदावार।
  • मिट्टी की उर्वरता में सुधार।
  • दलहनी फसलों से नाइट्रोजन स्थिरीकरण।
  • किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि दलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाने से देश की पोषण सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा को भी मजबूती मिलती है।

मानसून के बीच खरीदी व्यवस्था बनी चुनौती

इस बार खरीदी प्रक्रिया मानसून के दौरान संचालित हो रही है। ऐसे में उपज को सुरक्षित रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

बारिश के कारण उपज की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त तिरपाल, सुरक्षित गोदाम और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो किसानों की उपज सुरक्षित रहेगी और खरीदी प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की जा सकेगी।

किसानों की अपेक्षाएं और प्रशासन की जिम्मेदारी

किसानों की सबसे बड़ी अपेक्षा समय पर खरीदी और भुगतान की होती है। इसके अलावा वे उपार्जन केंद्रों पर बेहतर व्यवस्थाएं और पारदर्शी प्रक्रिया चाहते हैं।

प्रशासन ने इस बार किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए कई व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का दावा किया है। आने वाले दिनों में इन व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता खरीदी प्रक्रिया के दौरान स्पष्ट होगी।

सिवनी जिले में 10 अगस्त 2026 तक ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द का समर्थन मूल्य पर उपार्जन किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। तीन उपार्जन केंद्रों की स्थापना, स्लॉट बुकिंग व्यवस्था, सीधे बैंक खाते में भुगतान और मानसून के दौरान सुरक्षित भंडारण की तैयारियां प्रशासन की किसान हितैषी पहल को दर्शाती हैं। यदि उपार्जन प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार सुचारु रूप से संचालित होती है तो इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और जिले में दलहनी फसलों के उत्पादन को भी नई मजबूती मिलेगी।