INDIANPSU NARI SHAKTI SAMMAN AWARDS 2026: 17 महिला PSU प्रोफेशनल्स का सम्मान, नारी नेतृत्व और उत्कृष्टता को मिला राष्ट्रीय मंच

नई दिल्ली में नारी शक्ति के सम्मान का भव्य आयोजन

(वाय.के. पाण्डेय)

नई दिल्ली (साई)।देश के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित 2nd Edition of INDIANPSU NARI SHAKTI SAMMAN AWARDS 2026 का आयोजन नई दिल्ली के एससीओपी कन्वेंशन सेंटर, लोधी रोड में किया गया। इस समारोह में विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत 17 महिला अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट योगदान, नेतृत्व क्षमता, तकनीकी दक्षता, प्रशासनिक कौशल और सामाजिक जिम्मेदारी के लिए सम्मानित किया गया।

समारोह में सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों, मीडिया, कॉर्पोरेट और सामाजिक क्षेत्रों के अनेक वरिष्ठ प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि देश के विकास में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है और सार्वजनिक क्षेत्र में भी महिलाएं नई पहचान बना रही हैं।

मुख्य अतिथियों ने की महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज रहीं, जबकि भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूजा कपिल मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं।

दोनों अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि देश में महिलाओं की भागीदारी अब केवल पारंपरिक भूमिकाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वे प्रशासन, प्रबंधन, तकनीकी क्षेत्र, ऊर्जा, खनन और कॉर्पोरेट नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

उन्होंने सम्मानित महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

पिछले कुछ वर्षों में देश के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ी है। ऊर्जा, खनन, पेट्रोलियम, वित्त, इंजीनियरिंग और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी दक्षता साबित की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक उपक्रमों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी केवल लैंगिक समानता का संकेत नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक क्षमता और संस्थागत विकास के लिए भी सकारात्मक संकेत है।

महिला अधिकारियों की मौजूदगी ने निर्णय प्रक्रिया में विविधता, संवेदनशीलता और बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा दिया है।

इन17महिला अधिकारियों को मिला सम्मान

इस वर्ष जिन महिला अधिकारियों को सम्मानित किया गया, वे देश के विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों का प्रतिनिधित्व करती हैं।

सम्मान प्राप्त करने वाली महिला अधिकारियों में शामिल हैं—

  • श्रीवाणी सुद्दाला – महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL)
  • संजू देवी – भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL)
  • श्वेता शालिनी हांसदा – सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL)
  • जैस्मिन सिंह – भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL)
  • तृप्ति मौर्य – BCCL
  • डॉ. अनुपमा दुबे – साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL)
  • स्वाति वर्मा – BPCL
  • लकीता – SECL
  • रूपल भार्गव – BCCL
  • पैरो हेम्ब्रम – CCL
  • डॉ. संजीवनी पाणिग्रही – SECL
  • सोनिया कुमारी – CCL
  • मनीषा कुजूर – MCL
  • उषा देवी – BCCL
  • ज्योति पांडेय – SECL
  • रश्मि सिंह – MCL
  • ख्याति नेताम – SECL

इन महिलाओं ने अपने-अपने संस्थानों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए न केवल संगठन की प्रगति में योगदान दिया, बल्कि अन्य महिला पेशेवरों के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।

खनन और ऊर्जा क्षेत्र में महिलाओं की नई पहचान

खनन और ऊर्जा क्षेत्र परंपरागत रूप से पुरुष प्रधान माने जाते रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं ने इन क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

कोल इंडिया समूह की विभिन्न कंपनियों, पेट्रोलियम क्षेत्र और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों में महिला अधिकारियों ने प्रबंधन, तकनीकी कार्यों, परियोजना संचालन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से संस्थानों में बेहतर कार्य संस्कृति और समावेशी नेतृत्व को बढ़ावा मिलता है।

मीडिया जगत की महिला हस्तियों को भी मिला सम्मान

समारोह में मीडिया क्षेत्र की चार वरिष्ठ महिला पत्रकारों और टीवी एंकर्स को भी सम्मानित किया गया।

सम्मान प्राप्त करने वालों में शामिल हैं—

  • Excellence in TV Anchoring – स्वाति शुक्ला कुमार
  • Excellence in National Reporting – आरज़ू साई
  • Excellence in TV News Anchoring – शशि शर्मा
  • Outstanding TV Anchor of the Year – पयोधि शशि शर्मा

इन महिला पत्रकारों को पत्रकारिता, राष्ट्रीय रिपोर्टिंग और टेलीविजन एंकरिंग में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

लोकतंत्र में महिला पत्रकारों की भूमिका

भारतीय मीडिया में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। राष्ट्रीय मुद्दों से लेकर सामाजिक सरोकारों तक महिला पत्रकारों ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, महिला पत्रकारों ने संवेदनशील मुद्दों को सामने लाने, जमीनी रिपोर्टिंग को मजबूती देने और समाज के विविध वर्गों की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस प्रकार के सम्मान मीडिया क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के मनोबल को बढ़ाने का कार्य करते हैं।

समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाली महिलाओं को विशेष सम्मान

समारोह में केवल सार्वजनिक उपक्रमों की महिलाओं को ही नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

शिक्षा के क्षेत्र में सम्मान

Shiksha Jyoti Award से प्रीति पांडेय को सम्मानित किया गया। उन्हें शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।

पुलिस सेवा में उत्कृष्ट कार्य

Dynamic Police Officer Award आईपीएस प्रीति बाला गुप्ता को दिया गया। उन्हें पुलिस प्रशासन और समाज के प्रति संवेदनशील कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

महिला अधिकारों के लिए संघर्ष

Justice Champion Award योगिता भायना को प्रदान किया गया। महिला अधिकारों और न्याय की दिशा में उनके प्रयासों को इस सम्मान के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान मिली।

स्वास्थ्य सेवा में योगदान

Medical Excellence Award डॉ. निधि मल्होत्रा को दिया गया। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को सराहा गया।

नारी सशक्तिकरण का नया मंच बनता यह आयोजन

आयोजन से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि इस पुरस्कार का उद्देश्य केवल सम्मान देना नहीं, बल्कि ऐसी महिलाओं को राष्ट्रीय पहचान प्रदान करना है जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

दूसरे संस्करण की सफलता यह दर्शाती है कि यह मंच अब राष्ट्रीय स्तर पर महिला नेतृत्व और उपलब्धियों को सम्मानित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है।

सार्वजनिक क्षेत्र में महिला नेतृत्व क्यों है महत्वपूर्ण?

भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम देश की आर्थिक प्रगति, ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ऐसे में महिलाओं का नेतृत्व कई कारणों से महत्वपूर्ण माना जाता है—

  • निर्णय प्रक्रिया में विविधता बढ़ती है।
  • संस्थानों में समावेशी कार्य संस्कृति विकसित होती है।
  • युवा महिला पेशेवरों को प्रेरणा मिलती है।
  • नेतृत्व में लैंगिक संतुलन स्थापित होता है।
  • प्रशासनिक दक्षता और नवाचार को बढ़ावा मिलता है।

बदलती सामाजिक सोच का प्रतीक

एक समय था जब खनन, ऊर्जा और भारी उद्योग जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बेहद सीमित मानी जाती थी। लेकिन आज महिलाएं इन क्षेत्रों में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं।

यह बदलाव केवल रोजगार के अवसरों का परिणाम नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं की क्षमता को लेकर बदलती सोच का भी प्रतीक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में सार्वजनिक उपक्रमों में महिलाओं की संख्या और नेतृत्व दोनों में वृद्धि देखने को मिल सकती है।

नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा

सम्मानित महिलाओं की उपलब्धियां उन लाखों छात्राओं और युवा पेशेवरों के लिए प्रेरणा हैं जो प्रशासन, तकनीकी क्षेत्र, ऊर्जा, प्रबंधन और सार्वजनिक सेवा में अपना करियर बनाना चाहती हैं।

इन पुरस्कारों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि ये केवल उपलब्धियों का सम्मान नहीं करते, बल्कि संघर्ष, समर्पण और नेतृत्व क्षमता को भी राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं।

महिलाओं की उपलब्धियों को पहचान देना क्यों जरूरी?

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी समाज में सकारात्मक बदलाव तभी आता है जब उत्कृष्ट कार्य करने वालों को उचित पहचान मिले।

महिलाओं को मिलने वाले ऐसे सम्मान—

  • लैंगिक समानता को बढ़ावा देते हैं।
  • कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल तैयार करते हैं।
  • युवा पीढ़ी को प्रेरित करते हैं।
  • संस्थानों में महिला नेतृत्व को प्रोत्साहित करते हैं।
  • समाज में महिलाओं की भूमिका को नई पहचान देते हैं।

भविष्य में और बड़े स्तर पर होगा आयोजन

आयोजकों ने संकेत दिया कि इस सम्मान समारोह का अगला संस्करण और भी बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य देशभर में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को एक साझा मंच प्रदान करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के प्रयास लगातार जारी रहे तो देश में महिला नेतृत्व को नई दिशा और अधिक अवसर मिलेंगे।

नई दिल्ली में आयोजित INDIANPSU NARI SHAKTI SAMMAN AWARDS 2026 केवल एक पुरस्कार समारोह नहीं, बल्कि महिलाओं की उपलब्धियों, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण में उनकी बढ़ती भूमिका का उत्सव बनकर सामने आया। सार्वजनिक उपक्रमों की 17 महिला अधिकारियों से लेकर मीडिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला अधिकारों के क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को सम्मानित कर इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि भारत की विकास यात्रा में महिलाओं की भागीदारी अब केंद्र में है।

महिलाओं की उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित करने वाले ऐसे आयोजन न केवल प्रेरणा देते हैं, बल्कि एक अधिक समावेशी, समान और प्रगतिशील समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी साबित होते हैं।

White Dolphin Media के CEO एवं indianpsu.com के Editor-in-Chief विवेक अवस्थी ने कहा कि INDIANPSU NARI SHAKTI SAMMAN AWARDS का उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र और समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देना है।

उन्होंने कहा कि दूसरे संस्करण की सफलता से यह स्पष्ट है कि यह मंच महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन बन चुका है और अगले वर्ष इसका तीसरा संस्करण और भी बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा।

प्रमुख बिंदु
SCOPE Convention Centre, नई दिल्ली में आयोजित हुआ 2nd INDIANPSU NARI SHAKTI SAMMAN AWARDS 2026।
विभिन्न PSUs की 17 महिला अधिकारियों को उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि रहीं सांसद बांसुरी स्वराज, जबकि पूजा कपिल मिश्रा थीं विशिष्ट अतिथि।
मीडिया क्षेत्र की चार वरिष्ठ महिला पत्रकारों और एंकर्स को भी सम्मान मिला।
शिक्षा, पुलिस सेवा, महिला अधिकार और स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान देने वाली महिलाओं को Special Recognition Awards प्रदान किए गए।
समारोह में PSU, सरकार, मीडिया और कॉर्पोरेट जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।