(दीपक अग्रवाल)
मुंबई (साई)। मोबाइल टावर स्कैम में स्कैमर्स लोगों को फर्जी NOC भेजकर एग्रीमेंट फीस मांगते हैं। वे खुद को प्रोफेशनल दिखाते हैं और एक बार जब वे आपका भरोसा जीत लेते हैं, तो वे आपको एक नकली NOC भेजते हैं और एग्रीमेंट फीस के तौर पर 2,500 रुपये भेजने के लिए कहते हैं। इसके बाद वे गायब हो जाते हैं या फिर कोई दूसरा कारण बताकर आपसे और पैसों की मांग करने लगते हैं।
मोबाइल टावर स्कैम क्या है!
मोबाइल टावर स्कैम में स्कैमर्स लोगों को फर्जी ऑफर्स और नकली डॉक्यूमेंट्स के जरिए धोखा देते हैं। वे खुद को टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधि बताते हैं और लोगों को अपनी जमीन पर टावर लगाने के लिए अच्छे पैसे देने का वादा करते हैं।
इसके बाद वे लोगों से एग्रीमेंट फीस के तौर पर पैसे मांगते हैं और एक बार जब वे पैसे ले लेते हैं, तो वे गायब हो जाते हैं या फिर कोई दूसरा कारण बताकर और पैसों की मांग करने लगते हैं।
स्कैमर्स कैसे काम करते हैं
स्कैमर्स लोगों को फर्जी NOC भेजते हैं और उनसे एग्रीमेंट फीस के तौर पर 2,500 रुपये भेजने के लिए कहते हैं। वे खुद को प्रोफेशनल दिखाते हैं और एक बार जब वे आपका भरोसा जीत लेते हैं, तो वे आपको एक नकली NOC भेजते हैं और और पैसों की मांग करने लगते हैं।
कुछ स्कैमर्स आपसे आपके बैंक और फाइनेंशियल डिटेल्स भी मांग सकते हैं। अगर आप उन्हें ये जानकारियां भेजते हैं, तो आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है।
मोबाइल टावर स्कैम से बचने के तरीके
मोबाइल टावर स्कैम से बचने के लिए सबसे पहले आपको सावधानी से काम लेना होगा। अगर कोई व्यक्ति आपको टावर लगाने के लिए अच्छे पैसे देने का वादा करता है, तो आपको उसकी जांच करनी होगी।
आपको स्कैमर्स से बचने के तरीके के बारे में जानकारी लेनी होगी और अपने बैंक और फाइनेंशियल डिटेल्स को सुरक्षित रखना होगा।
मोबाइल टावर स्कैम एक बड़ा खतरा है और लोगों को इसके बारे में जागरूक रहना होगा। स्कैमर्स लोगों को फर्जी ऑफर्स और नकली डॉक्यूमेंट्स के जरिए धोखा देते हैं और उनका बैंक अकाउंट खाली कर सकते हैं।
लोगों को सावधानी से काम लेना होगा और स्कैमर्स से बचने के तरीके के बारे में जानकारी लेनी होगी।

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