E-Zero FIR: साइबर अपराधों से निपटने के लिए घर बैठे दर्ज होगी FIR

केंद्र सरकार ने साइबर अपराधों से निपटने के लिए E-Zero FIR प्रणाली शुरू की है, जिससे पीड़ित घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह व्यवस्था त्वरित कार्रवाई और बैंक खाते फ्रीज होने में मदद करेगी।

नई दिल्ली: साइबर अपराधों की शिकायत अब घर बैठे ऑनलाइन दर्ज करें E-Zero FIR से। यह व्यवस्था त्वरित कार्रवाई और बैंक खाते फ्रीज होने में मदद करेगी। साइबर अपराधों में शुरुआती 1 से 3 घंटे सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। कई बार शिकायत दर्ज होने में देरी के कारण अपराधी रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते हैं। इसके अलावा, साइबर अपराधों में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने E-Zero FIR प्रणाली को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तेजी से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

E-Zero FIR क्या है

E-Zero FIR एक ऐसी डिजिटल व्यवस्था है, जिसके जरिए साइबर अपराध का शिकार व्यक्ति घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है।

शिकायत दर्ज होते ही पुलिस और संबंधित एजेंसियां तत्काल कार्रवाई शुरू कर सकती हैं। आमतौर पर किसी भी अपराध की एफआईआर उसी थाने में दर्ज होती है, जिसके अधिकार क्षेत्र में घटना हुई हो।

E-Zero FIR के फायदे

E-Zero FIR का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह त्वरित कार्रवाई और बैंक खाते फ्रीज होने में मदद करता है।

इसके अलावा, यह व्यवस्था साइबर अपराधों में शुरुआती 1 से 3 घंटे सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। कई बार शिकायत दर्ज होने में देरी के कारण अपराधी रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते हैं।

E-Zero FIR कैसे दर्ज करें

साइबर अपराध का शिकार हुआ कोई भी व्यक्ति राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) या राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकता है।

यदि शिकायत में साइबर धोखाधड़ी की राशि 10 लाख रुपये या उससे अधिक है, तो सिस्टम स्वतः उसे E-Zero FIR के रूप में पंजीकृत कर देता है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए यह व्यवस्था बहुत मददगार साबित हो सकती है।

E-Zero FIR के बाद की प्रक्रिया

E-Zero FIR दर्ज होने के बाद शिकायतकर्ता को तीन दिन के भीतर संबंधित साइबर पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपने बयान का सत्यापन कराना होगा।

सत्यापन के बाद E-Zero FIR को नियमित एफआईआर में परिवर्तित कर दिया जाता है।