भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप
(अशोक सोनी)
सिवनी (साई)।मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए लखनादौन स्थित अपर कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ रीडर को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी कर्मचारी पर एक राजस्व प्रकरण में राहत दिलाने और मामले का अंतिम निराकरण करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
लोकायुक्त जबलपुर की इस कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने भी तत्काल कदम उठाते हुए आरोपी सहायक ग्रेड-03 कर्मचारी माधव प्रसाद तिवारी को निलंबित कर दिया। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना द्वारा जारी आदेश के बाद यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है।
क्या है पूरा मामला? जानिए रिश्वत मांगने से गिरफ्तारी तक की पूरी कहानी
प्राप्त जानकारी के अनुसार छपारा विकासखंड के ग्राम गंगाढाना निवासी ठाकुर संतोष सिंह सिसोदिया के विरुद्ध बिना अनुमति पेड़ काटने से संबंधित एक राजस्व प्रकरण चल रहा था। इस मामले में उन पर जुर्माना भी लगाया गया था।
आरोप है कि न्यायालय अपर कलेक्टर लखनादौन कार्यालय में रीडर के पद पर कार्यरत माधव प्रसाद तिवारी ने इस प्रकरण को समाप्त कराने तथा जुर्माना संबंधी कार्रवाई में राहत दिलाने के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
फरियादी रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था। उसने मामले की शिकायत लोकायुक्त पुलिस जबलपुर से की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी अधिकारियों को उपलब्ध कराई।
शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त की टीम ने प्रारंभिक जांच कर आरोपों की पुष्टि की। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की तैयारी की गई।
पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार 16 जून 2026 को जब फरियादी ने जिला मुख्यालय सिवनी में उपभोक्ता फोरम कार्यालय के पास आरोपी रीडर को 20 हजार रुपये की रिश्वत की राशि सौंपी, उसी समय पहले से मौजूद लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद की और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी।
कलेक्टर नेहा मीना ने जारी किया तत्काल निलंबन आदेश
लोकायुक्त की कार्रवाई सामने आने के बाद सिवनी कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने मामले को गंभीर कदाचार मानते हुए तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की।
शासकीय कार्य के बदले रिश्वत लेना मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमों के तहत गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना जाता है। इसी आधार पर कलेक्टर ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत माधव प्रसाद तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय कुरई निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें शासन के नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।
सहायक ग्रेड-02 मदन कुमरे को सौंपा गया अतिरिक्त प्रभार
रीडर माधव प्रसाद तिवारी के निलंबन के बाद कार्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है।
अपर कलेक्टर कार्यालय से संबंधित उनके संपूर्ण दायित्व को आगामी आदेश तक उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) सिवनी कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 श्री मदन कुमरे को उनके वर्तमान कार्यों के साथ अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपा गया है।
इस निर्णय का उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों की निरंतरता बनाए रखना और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा से बचाना है।
भ्रष्टाचार के मामलों में लोकायुक्त की भूमिका
लोकायुक्त संगठन का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में होने वाले भ्रष्टाचार पर नियंत्रण करना और शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच करना है। रिश्वत लेने या शासकीय कार्य के बदले अनुचित लाभ मांगने जैसे मामलों में लोकायुक्त द्वारा ट्रैप कार्रवाई की जाती है।
ऐसी कार्रवाई केवल आरोपी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने का कार्य भी करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर शिकायत और साक्ष्यों के आधार पर की गई कार्रवाई से प्रशासनिक व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत होता है।
जनता में चर्चा और प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रभाव
लखनादौन जैसे महत्वपूर्ण राजस्व क्षेत्र में अपर कलेक्टर कार्यालय के कर्मचारी के रिश्वत लेते पकड़े जाने की घटना ने स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े किए हैं। आम नागरिकों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लगातार मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
वहीं प्रशासनिक स्तर पर इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों को भी यह संदेश गया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या रिश्वतखोरी पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
भ्रष्टाचार रोकने के लिए जागरूकता और जवाबदेही जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिकों की जागरूकता और प्रशासनिक पारदर्शिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
यदि कोई नागरिक किसी शासकीय कार्य के बदले अवैध धनराशि की मांग का सामना करता है तो उसकी शिकायत संबंधित सक्षम एजेंसियों तक पहुंचाना व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।
साथ ही सरकारी कार्यालयों में प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और जवाबदेह बनाना भी भ्रष्टाचार रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
कानून और प्रशासनिक नियमों के तहत आगे बढ़ेगी कार्रवाई
लोकायुक्त द्वारा दर्ज प्रकरण के बाद आरोपी कर्मचारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं आगे बढ़ेंगी। जांच में प्राप्त साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगामी कार्रवाई तय की जाएगी।
दूसरी ओर, विभागीय स्तर पर निलंबन की कार्रवाई प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने और सरकारी सेवाओं की मर्यादा को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से की गई है।
सिवनी जिले के लखनादौन में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए अपर कलेक्टर कार्यालय के रीडर की गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में सामने आई है। लोकायुक्त जबलपुर की ट्रैप कार्रवाई और उसके तुरंत बाद कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना द्वारा जारी निलंबन आदेश ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय कार्यों में रिश्वतखोरी और अनियमितताओं को गंभीरता से लिया जाएगा।
आगे की कानूनी जांच और विभागीय प्रक्रिया के परिणाम इस मामले की दिशा तय करेंगे। वहीं यह घटना प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास को मजबूत करने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।

समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में फोटोज, वीडियोज, ग्राफिक्स आदि को सफलता पूर्वक हेंडल करने वाले अशोक सोनी, नगर ब्यूरो में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 20 वर्षों से ज्यादा समय से सक्रिय अशोक सोनी वर्तमान में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो के रूप में कार्यरत हैं .
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.





