MP Breaking News: 49 जिलों में मौसम का रेड अलर्ट जैसा असर! आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी, प्रशासन अलर्ट मोड पर

मध्य प्रदेश में जून की शुरुआत के साथ मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 49 जिलों में आंधी, बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। कई शहरों में तेज हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इससे गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं, लेकिन प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

(विद्याधर जाधव)

भोपाल (साई)। जून महीने की शुरुआत के साथ ही मध्य प्रदेश में मौसम ने बड़ा यू-टर्न ले लिया है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी झेल रहे प्रदेशवासियों को अब राहत मिलने की उम्मीद दिखाई दे रही है। भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के 49 जिलों में आंधी, तेज हवाओं, बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 72 घंटे मध्य प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

प्रदेश के कई जिलों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं दक्षिण-पश्चिमी और मालवा-निमाड़ क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है।

भोपाल,इंदौर,उज्जैन समेत कई संभागों में अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, जबलपुर और सागर संभाग के कई जिलों में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

विशेष रूप से:

  • भोपाल
  • इंदौर
  • उज्जैन
  • ग्वालियर
  • जबलपुर
  • नर्मदापुरम
  • सागर
  • विदिशा
  • रायसेन
  • राजगढ़

जिलों में मौसम का असर अधिक देखने को मिल सकता है।

इन जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना

मौसम वैज्ञानिकों ने धार जिले में ओलावृष्टि की आशंका जताई है। वहीं खरगोन और बुरहानपुर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

इसके अलावा:

  • खंडवा
  • बड़वानी
  • झाबुआ
  • अलीराजपुर
  • बैतूल
  • हरदा
  • छिंदवाड़ा
  • पांढुर्णा

में भी तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

गर्मी से राहत,लेकिन बढ़ सकता है नुकसान का खतरा

मौसम में बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले सप्ताह प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था।

हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं से नुकसान की संभावना भी बनी हुई है। किसानों, बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे नरसिंहपुर और राजगढ़

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक तापमान नरसिंहपुर और राजगढ़ में दर्ज किया गया, जहां पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

प्रमुख शहरों का तापमान:

  • भोपाल – 38 डिग्री
  • इंदौर – 36.3 डिग्री
  • ग्वालियर – 37.5 डिग्री
  • उज्जैन – 37.5 डिग्री
  • जबलपुर – 36.4 डिग्री
  • सागर – 38.5 डिग्री

मौसम में आए बदलाव के बाद आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।

मानसून की गतिविधियां हुईं तेज

मौसम विभाग का कहना है कि मध्य भारत में सक्रिय सिस्टम के कारण मौसम तेजी से बदल रहा है। मानसून की प्रगति सामान्य से बेहतर मानी जा रही है और इसका असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई देने लगा है।

विशेषज्ञों के अनुसार जून के दूसरे और तीसरे सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

प्रशासन ने शुरू की तैयारी

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासनों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम, बिजली विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों को संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि तेज हवाओं या बिजली गिरने जैसी घटनाओं में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

किसानों के लिए राहत और चिंता दोनों

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। जमीन में नमी बढ़ने से बुवाई की तैयारियों को मदद मिलेगी।

लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि की स्थिति में बागवानी और सब्जी फसलों को नुकसान भी हो सकता है। इसलिए किसानों को मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।

जनता से सावधानी बरतने की अपील

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। तेज आंधी और बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें।

विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को मौसम खराब होने के दौरान घरों में सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश में जून की शुरुआत मौसम के बड़े बदलाव के साथ हुई है। जहां एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए अगले कुछ दिन प्रदेश के लिए अहम रहने वाले हैं। प्रशासन, किसान और आम नागरिक सभी की नजरें अब मौसम की अगली चाल पर टिकी हुई हैं।