देशभर में मौसम का बदलेगा मिजाज
(श्वेता यादव)
बंग्लुरू (साई)।मई की भीषण गर्मी के बाद जून की शुरुआत देश के कई हिस्सों में राहत और चुनौती दोनों लेकर आने वाली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 1 जून के लिए व्यापक मौसम चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि देश के 19 राज्यों में तेज आंधी, भारी बारिश, वज्रपात और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर निचले एवं मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। वहीं बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी एक मजबूत चक्रवाती प्रणाली विकसित हो रही है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर, पूर्व, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में मौसम तेजी से बदल सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जो कई क्षेत्रों में तापमान में गिरावट ला सकता है, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने का जोखिम भी बढ़ा सकता है।

19 राज्यों में जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग ने जिन राज्यों में विशेष चेतावनी जारी की है, उनमें शामिल हैं—
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- दिल्ली
- झारखंड
- पश्चिम बंगाल
- ओडिशा
- छत्तीसगढ़
- मध्य प्रदेश
- राजस्थान
- हरियाणा
- पंजाब
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश
- जम्मू-कश्मीर
- तमिलनाडु
- केरल
- असम
- त्रिपुरा
- नागालैंड
इन राज्यों के अनेक जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और आंधी की संभावना जताई गई है।
90 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग की चेतावनी का सबसे महत्वपूर्ण पहलू तेज हवाओं की संभावना है। कई राज्यों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
इतनी तेज गति की हवाएं—
- पेड़ों को उखाड़ सकती हैं।
- बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
- यातायात प्रभावित कर सकती हैं।
- कमजोर संरचनाओं को क्षति पहुंचा सकती हैं।
- किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों को खुले स्थानों, पुराने पेड़ों और कमजोर निर्माणों से दूर रहने की सलाह दी है।
दिल्ली में मौसम देगा राहत और चुनौती दोनों
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1 जून को मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। मौसम विभाग ने बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
अनुमान के अनुसार—
- अधिकतम तापमान: 35°C
- न्यूनतम तापमान: 27°C
- हवा की गति: 40 से 50 किमी प्रति घंटा
दिल्ली-एनसीआर में लंबे समय से गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिल सकती है, लेकिन तेज हवाओं के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका भी है।
उत्तर प्रदेश में कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जैसी स्थिति
उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।
मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, झांसी, अयोध्या, गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी सहित कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की संभावना है।
कुछ इलाकों में हवाओं की गति 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। यह स्थिति विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और खुले इलाकों के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।
बिहार में बिजली और तूफान का खतरा
बिहार के लगभग सभी प्रमुख जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बेगूसराय और वैशाली जैसे जिलों में तेज बारिश के साथ वज्रपात का जोखिम बना हुआ है।
पूर्वी भारत में बिजली गिरने की घटनाएं हर वर्ष जान-माल का नुकसान करती हैं। इसलिए मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों के भीतर रहने की सलाह दी है।
झारखंड और पूर्वी भारत में प्री-मानसून गतिविधियां तेज
झारखंड में 1 से 3 जून तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है।
रांची, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग सहित कई जिलों में तेज बारिश और तूफान की चेतावनी दी गई है। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह मानसून पूर्व गतिविधियों के मजबूत होने का संकेत है।
पहाड़ी राज्यों में भी बढ़ा जोखिम
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है।
उत्तराखंड
- देहरादून
- नैनीताल
- पिथौरागढ़
- चमोली
- रुद्रप्रयाग
इन क्षेत्रों में बारिश के साथ ओलावृष्टि और तेज हवाएं चल सकती हैं।
हिमाचल प्रदेश
शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा और ऊना में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।
जम्मू-कश्मीर
अनंतनाग, राजौरी, पुंछ, कुपवाड़ा और गांदरबल सहित कई क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।
पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश में भी मौसम बदलेगा करवट
मध्य प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
प्रमुख प्रभावित जिले—
- सिवनी
- छिंदवाड़ा
- बेतूल
- खंडवा
- इंदौर
- रीवा
- सीधी
- अशोकनगर
- मुरैना
भोपाल में तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, लेकिन तेज हवाएं और बारिश लोगों को गर्मी से राहत दिला सकती हैं।
राजस्थान और पंजाब में भी अलर्ट
राजस्थान के जयपुर, अजमेर, अलवर, करौली, बीकानेर और भीलवाड़ा में तेज हवाओं और बारिश की संभावना है।
पंजाब के अमृतसर, गुरदासपुर, लुधियाना और होशियारपुर में भी 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
कृषि क्षेत्र में सक्रिय लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी वर्षा की संभावना
असम, त्रिपुरा और नागालैंड में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
असम के धुबरी, कोकराझार, बारपेटा और गोलाघाट जैसे क्षेत्रों में तेज हवाएं और भारी बारिश दोनों का खतरा बना हुआ है।
पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार वर्षा से निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।
किसानों और मछुआरों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने किसानों और मछुआरों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
किसानों के लिए सुझाव
- कटाई योग्य फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें।
- खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करें।
- कृषि उपकरणों को खुले में न छोड़ें।
- मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखें।
मछुआरों के लिए सलाह
- नदी, समुद्र और बड़े जलाशयों में अनावश्यक रूप से न जाएं।
- खराब मौसम के दौरान नौकायन से बचें।
- स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियां मानसून की प्रगति से पहले बनने वाली सामान्य लेकिन प्रभावशाली मौसमी गतिविधियों का हिस्सा हैं।
हालांकि, जलवायु परिवर्तन और मौसम की बढ़ती अनिश्चितता के कारण इन घटनाओं की तीव्रता पहले की तुलना में अधिक देखने को मिल रही है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन को आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखना चाहिए।
भविष्य में क्या असर पड़ सकता है?
यदि बारिश का यह दौर जारी रहता है तो—
- उत्तर भारत में तापमान में गिरावट आएगी।
- लू से राहत मिलेगी।
- जल स्रोतों को फायदा होगा।
- खरीफ फसलों की तैयारी को समर्थन मिलेगा।
हालांकि अत्यधिक वर्षा, तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाएं नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।
1 जून को देश के 19 राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग ने भारी बारिश, तेज आंधी, वज्रपात और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। कई राज्यों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में नागरिकों, किसानों, यात्रियों और मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। मौसम का यह बदलाव गर्मी से राहत जरूर देगा, लेकिन इसके साथ आने वाले जोखिमों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। सतर्कता और समय पर जानकारी ही इस मौसमीय चुनौती से सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी उपाय है।

कर्नाटक की राजधानी बंग्लुरू में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो के रूप में कार्यरत श्वेता यादव ने नई दिल्ली के एक ख्यातिलब्ध मास कम्यूनिकेशन इंस्टीट्यूट से पोस्ट ग्रेजुएशन की उपाधि लेने के बाद वे पिछले लगभग 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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