(विनीत खरे)
नई दिल्ली (साई)।देशभर में मई महीने के अंतिम सप्ताह के दौरान मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। एक ओर उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं, वहीं दूसरी ओर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले 6 से 7 दिनों तक देश के कई हिस्सों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, मध्य भारत और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रह सकती है। वहीं केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
कई राज्यों में लू का प्रकोप जारी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। विशेष रूप से राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और बिहार के कुछ हिस्सों में तेज गर्म हवाओं का असर लगातार बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- दिन के समय तापमान 44 से 47 डिग्री तक पहुंच सकता है
- रात के तापमान में भी कमी नहीं आ रही
- गर्म हवाओं के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ रहा है
- शहरी क्षेत्रों में उमस की समस्या और गंभीर हो सकती है
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी और शुष्क हवाओं के सक्रिय रहने के कारण उत्तर भारत में गर्मी का असर फिलहाल बना रहेगा।
स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
मौसम विभाग ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए चेतावनी जारी की है। विभाग ने कहा है कि लगातार लू की स्थिति मध्यम से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार:
- लंबे समय तक धूप में रहने से हीट स्ट्रोक हो सकता है
- शरीर में पानी की कमी तेजी से बढ़ सकती है
- ब्लड प्रेशर और हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ सकती है
- बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर सबसे अधिक असर पड़ता है
डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
मौसम विभाग की जरूरी सलाह
भीषण गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए हैं।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
- हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें
- सिर को टोपी, गमछा या छाते से ढककर रखें
- दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
- अधिक कैफीन और तले भोजन से दूरी रखें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सावधानी बरतना ही गर्मी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
दूसरी ओर कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
जहां एक ओर उत्तर और मध्य भारत गर्मी से जूझ रहा है, वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
विशेष रूप से:
- केरल में अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की गई
- असम के कई इलाकों में तेज बारिश हुई
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का असर
- तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी अच्छी बारिश दर्ज हुई
विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण इन क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ रही है।
केरल में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान केरल में कई स्थानों पर 11 से 20 सेंटीमीटर तक भारी वर्षा दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में 21 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हुई।
बारिश के कारण:
- कई निचले इलाकों में जलभराव
- यातायात प्रभावित
- नदियों का जलस्तर बढ़ा
- ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी
जैसी स्थितियां सामने आई हैं।
स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मानसून की प्रगति ने बढ़ाई उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है।
मानसून की इस प्रगति से:
- दक्षिण भारत में बारिश बढ़ सकती है
- तापमान में धीरे-धीरे गिरावट संभव
- कृषि गतिविधियों को गति मिल सकती है
- जल संकट से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ेगी
हालांकि मौसम विभाग ने साफ किया है कि उत्तर और मध्य भारत में फिलहाल गर्मी से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है।
कृषि क्षेत्र पर मौसम का असर
देश के अलग-अलग हिस्सों में बदलते मौसम का सीधा असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। जहां एक ओर अत्यधिक गर्मी फसलों और मिट्टी की नमी को प्रभावित कर रही है, वहीं भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो रही है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार:
- तेज गर्मी से मिट्टी की नमी तेजी से कम हो रही है
- सब्जियों और बागवानी फसलों पर असर पड़ सकता है
- पशुधन पर भी गर्मी का प्रभाव बढ़ रहा है
- बारिश वाले क्षेत्रों में धान की तैयारी को फायदा मिल सकता है
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की समय पर प्रगति किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है।
बिजली और पानी की मांग में भारी वृद्धि
लगातार बढ़ती गर्मी के कारण देश के कई राज्यों में बिजली और पानी की मांग तेजी से बढ़ रही है। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के अधिक उपयोग के कारण बिजली खपत नए स्तर पर पहुंच रही है।
कई शहरों में:
- बिजली कटौती की शिकायतें
- जल संकट की स्थिति
- टैंकरों पर निर्भरता
- भूमिगत जल स्तर में गिरावट
देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की चरम मौसम स्थितियां अब अधिक सामान्य होती जा रही हैं।
जलवायु परिवर्तन का बढ़ता प्रभाव
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि देश में एक साथ हीट वेव और अत्यधिक वर्षा की घटनाएं जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकेत हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है
- तापमान में असामान्य वृद्धि हो रही है
- बारिश का वितरण असंतुलित हो गया है
- प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ रहा है
ऐसे में दीर्घकालिक पर्यावरणीय नीतियों और सतत विकास पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
आम लोगों की बढ़ी परेशानी
देशभर में मौसम की इस दोहरी मार का असर आम जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है। गर्मी वाले क्षेत्रों में लोग तेज धूप और बिजली संकट से परेशान हैं, जबकि बारिश प्रभावित इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित होने की समस्या सामने आ रही है।
लोगों का कहना है कि:
- दोपहर में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है
- बिजली कटौती से परेशानी बढ़ रही है
- बारिश वाले क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति खराब हो रही है
- बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है
विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम के बदलते स्वरूप के साथ लोगों को भी अपनी जीवनशैली और तैयारी में बदलाव करना होगा।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार:
- उत्तर और मध्य भारत में अगले सप्ताह तक गर्मी जारी रह सकती है
- कई क्षेत्रों में लू की स्थिति बनी रह सकती है
- दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना
- मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा
विशेषज्ञों का कहना है कि जून के पहले सप्ताह से मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
देश इस समय मौसम के दोहरे प्रभाव का सामना कर रहा है। एक ओर भीषण गर्मी और लू ने उत्तर तथा मध्य भारत में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, वहीं दूसरी ओर दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश ने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। मौसम विभाग की चेतावनियां यह संकेत दे रही हैं कि आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
ऐसे समय में प्रशासन और नागरिक दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने, जल संरक्षण पर ध्यान देने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने से जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मानसून की प्रगति उम्मीद जरूर जगा रही है, लेकिन फिलहाल देश के बड़े हिस्से को गर्मी और बदलते मौसम की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

मूलतः प्रयागराज निवासी, पिछले लगभग 25 वर्षों से अधिक समय से नई दिल्ली में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय विनीत खरे किसी पहचान को मोहताज नहीं हैं.
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.





