सिवनी में गूंजेगी भक्ति और अध्यात्म की स्वरधारा, 17 से 24 मई तक होगी संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा

सिवनी के भैरोगंज स्थित हनुमान व्यायाम शाला में 17 से 24 मई 2026 तक आठ दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कथा में श्रीधाम चित्रकूट से पधार रहे संत महन्त पं. देवकी नंदन जी पाण्डेय महाराज भक्तों को आध्यात्मिक ज्ञान का संदेश देंगे। प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाले इस आयोजन में शोभायात्रा, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, रूक्मणी विवाह और महाप्रसाद वितरण जैसे धार्मिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे। आयोजन को लेकर क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना हुआ है।

भैरोगंज स्थित हनुमान व्यायाम शाला में आठ दिवसीय धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह

(मनोज राव)

सिवनी (साई)।धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण के बीच शहर के भैरोगंज क्षेत्र में आगामी 17 मई से 24 मई 2026 तक आठ दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। नगर के परतापुर रोड स्थित हनुमान व्यायाम शाला परिसर में आयोजित होने वाले इस आध्यात्मिक महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।

विधि-निधि निवास अधिवक्ता सोनकेसरिया परिवार द्वारा आयोजित इस कथा में श्रीधाम चित्रकूट से पधार रहे प्रख्यात संत महन्त श्री पं. देवकी नंदन जी पाण्डेय महाराज व्यासपीठ से संगीतमय शैली में कथा वाचन करेंगे। आयोजन समिति के अनुसार कथा का उद्देश्य समाज में सुख, शांति, सद्भाव और आत्म कल्याण का संदेश प्रसारित करना है।

प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी कथा

आयोजकों ने जानकारी दी है कि कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायंकाल 5 बजे तक चलेगी। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने का कार्य भी जारी है। कथा स्थल को आकर्षक धार्मिक सजावट से सजाया जा रहा है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आने लगा है।

शोभायात्रा के साथ होगा शुभारंभ

आठ दिवसीय धार्मिक आयोजन की शुरुआत 17 मई रविवार को विशाल शोभायात्रा के साथ होगी। आयोजन समिति के अनुसार कथा प्रारंभ होने से पहले नगर गृह के देवी-देवताओं का पूजन, गणेश पूजा और कलश स्थापना की जाएगी।

विशाल शोभायात्रा में:

  • धार्मिक झांकियां
  • भजन मंडलियां
  • कलश यात्रा
  • पारंपरिक वाद्य यंत्र
  • महिला एवं युवक मंडलों की सहभागिता

विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

शहर के विभिन्न मार्गों से निकलने वाली शोभायात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह बना हुआ है।

कथा में सुनाई जाएंगी श्रीकृष्ण और भागवत प्रसंगों की अमृतमयी कथा

आठ दिनों तक चलने वाली कथा में भागवत पुराण के विभिन्न प्रसंगों का संगीतमय वर्णन किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार कथा क्रम में कई प्रमुख धार्मिक प्रसंग शामिल रहेंगे।

कथा के प्रमुख प्रसंग

  • भक्ति और ज्ञान की महिमा
  • सुकदेव जन्म कथा
  • राजा परीक्षित प्रसंग
  • सती एवं शिव कथा
  • श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
  • बाल लीलाएं
  • गोवर्धन पूजा
  • रूक्मणी विवाह
  • सुदामा चरित्र

इन धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और जीवन मूल्यों का संदेश दिया जाएगा।

चित्रकूट से पधारेंगे पं. देवकी नंदन जी पाण्डेय महाराज

इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण श्रीधाम चित्रकूट से पधार रहे संत महन्त श्री पं. देवकी नंदन जी पाण्डेय महाराज रहेंगे। आयोजन समिति के अनुसार महाराज जी अपनी ओजस्वी और मधुर वाणी के लिए विशेष रूप से पहचाने जाते हैं।

धार्मिक कथाओं के माध्यम से समाज में नैतिकता, संस्कार, सदाचार और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश देना उनकी विशेषता मानी जाती है। उनके कथा वाचन को सुनने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

धार्मिक आयोजनों से मजबूत होता है सामाजिक जुड़ाव

विशेषज्ञों और समाजसेवियों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत करते हैं।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में धार्मिक आयोजन लोगों को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। कथा, सत्संग और भजन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना मजबूत होती है।

युवाओं को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास

आयोजन समिति का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।

आज डिजिटल और आधुनिक जीवनशैली के दौर में युवाओं का पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों से जुड़ाव कम होता दिखाई दे रहा है। ऐसे में भागवत कथा जैसे आयोजन उन्हें भारतीय संस्कृति, धर्म और नैतिक मूल्यों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

स्थानीय व्यापार और सामाजिक गतिविधियों पर भी असर

भव्य धार्मिक आयोजनों का प्रभाव स्थानीय सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों पर भी देखने को मिलता है। कथा आयोजन के दौरान:

  • फूल सजावट व्यवसाय
  • धार्मिक सामग्री विक्रेता
  • खानपान सेवाएं
  • ध्वनि एवं सजावट व्यवसाय

जैसे क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ जाती हैं।

स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन शहर की धार्मिक पहचान को भी मजबूत करते हैं।

कथा स्थल पर विशेष व्यवस्थाएं

आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही हैं। समिति सदस्यों के अनुसार:

  • बैठने की पर्याप्त व्यवस्था
  • पेयजल सुविधा
  • साफ-सफाई व्यवस्था
  • वाहन पार्किंग
  • महिला एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था

पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

साथ ही कथा के दौरान अनुशासन और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की टीम भी सक्रिय रहेगी।

24 मई को होगा हवन और महाप्रसाद वितरण

आठ दिवसीय कथा का समापन 24 मई रविवार को हवन पूजन और महाप्रसाद वितरण के साथ होगा। समापन दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भागवत कथा का श्रवण मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है। इसलिए समापन दिवस पर विशेष पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

धर्मप्रेमियों से की गई सहभागिता की अपील

आयोजक विधि-निधि निवास अधिवक्ता सोनकेसरिया परिवार ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में सहपरिवार उपस्थित होकर कथा श्रवण का लाभ लेने की अपील की है।

आयोजकों का कहना है कि सत्संग और धार्मिक आयोजनों से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा समाज में सद्भाव और नैतिकता को मजबूती मिलती है।

बढ़ते तनाव के दौर में अध्यात्म का महत्व

विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में मानसिक तनाव, सामाजिक प्रतिस्पर्धा और व्यस्त जीवनशैली के बीच अध्यात्म और धार्मिक गतिविधियों का महत्व और बढ़ गया है।

भागवत कथा जैसे आयोजन:

  • मानसिक शांति प्रदान करते हैं
  • सकारात्मक सोच विकसित करते हैं
  • सामाजिक जुड़ाव बढ़ाते हैं
  • नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं
  • परिवारों को सांस्कृतिक रूप से जोड़ते हैं

जिससे समाज में संतुलन और सद्भाव बनाए रखने में मदद मिलती है।

प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण आयोजन

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की संभावित उपस्थिति को देखते हुए आयोजन प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाए जाने की संभावना है।

धार्मिक आयोजनों में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना और नागरिक सुविधाओं को व्यवस्थित रखना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल रहता है।

सिवनी के भैरोगंज स्थित हनुमान व्यायाम शाला में आयोजित होने जा रही आठ दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का उत्सव भी है। 17 से 24 मई तक चलने वाले इस आयोजन में श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और संस्कारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। बदलते समय में ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने के साथ-साथ मानसिक शांति और सामाजिक एकता को भी मजबूती प्रदान करते हैं।