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वैष्णो देवी में भूस्खलन : चीख, मलबे और भारी बारिश से दहल उठा त्रिकूट पर्वत, यात्रा स्थगित

(ब्यूरो कार्यालय)

कटड़ा (साई)। जम्मू-कश्मीर में हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मंगलवार को रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर के मार्ग पर हुए भूस्खलन में 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 21 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है, क्योंकि अभी भी कई लोग मलबे में दबे हुए हैं। दोपहर करीब 3 बजे अर्धकुंवारी के पास इंद्रप्रस्थ भोजनालय के नजदीक यह हादसा हुआ, जिसने श्रद्धालुओं को चौंका दिया।

राहत और बचाव कार्य जारी

सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए लगातार काम कर रही हैं। कटरा और आसपास के इलाकों में सेना की तीन टुकड़ियां तैनात की गई हैं। एनडीआरएफ ने जम्मू और उसके आसपास के क्षेत्रों में फंसे लोगों को बचाने के लिए नावों का भी उपयोग किया है।

यात्रा और यातायात पर रोक

भूस्खलन के बाद माता वैष्णो देवी की यात्रा को पूरी तरह से रोक दिया गया है। भारी बारिश और लैंडस्लाइड की वजह से जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात ठप हो गया है। जम्मू आने-जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। दूरसंचार सेवाएं भी बाधित हो गई हैं, जिससे बचाव कार्यों में बाधा आ रही है।

बारिश से तबाही का आलम

मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में कठुआ में 155.6 मिमी, डोडा में 99.8 मिमी, जम्मू में 81.5 मिमी और कटरा में 68.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। तवी और चिनाब नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

सरकार ने उठाए कदम

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक आपात बैठक कर सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, भोजन, पानी और दवाएं उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही, 27 अगस्त तक सभी स्कूलों को बंद रखने और 10वीं-11वीं की परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला लिया गया है।

दर्द में डूबा जम्मू-कश्मीर

कुछ ही दिनों पहले किश्तवाड़ में बादल फटने से 65 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी। अब वैष्णो देवी में हुए इस हादसे ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर को गहरे सदमे में डाल दिया है। सेना और एनडीआरएफ के जवान इस मुश्किल घड़ी में बचाव और राहत कार्यों में लगे हुए हैं, और लोग अपने प्रियजनों की खबर जानने के लिए कटरा अस्पताल और आधार शिविर में पहुंच रहे हैं।