खजुराहो में ऐतिहासिक निर्णयों से बुंदेलखंड विकास को मिली मजबूती
(सचिन खरे)
खजुराहो (साई)। मध्यप्रदेश के खजुराहो स्थित महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में बुंदेलखंड के व्यापक विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
औद्योगिक निवेश, सड़क निर्माण, सिंचाई, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार अवसरों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को मंजूरी देकर प्रदेश सरकार ने क्षेत्रीय विकास को नई दिशा प्रदान की।
बैठक में बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देते हुए मसवासी ग्रंट औद्योगिक क्षेत्र, सागर–दमोह फोरलेन परियोजना, नए मेडिकल कॉलेजों के पद, अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और युवाओं को विदेश रोजगार के अवसर देने की योजनाओं पर जोर दिया गया।
मसवासी ग्रंट औद्योगिक क्षेत्र: बुंदेलखंड में उद्योग क्रांति का आधार
मंत्रि-परिषद ने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सागर जिले में मसवासी ग्रंट औद्योगिक क्षेत्र के लिए विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी दी।
यह पैकेज बुंदेलखंड के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा।
मुख्य विशेषताएँ:
- अनुमानित 24,240करोड़ रुपये का निवेश
- 29,000से अधिक रोजगार अवसर
- भूमि प्रीमियम और भू-भाटक मात्र 1रुपये प्रति वर्गमीटर
- विकास शुल्क भुगतान की 20वार्षिक किस्तें
- संधारण शुल्क केवल 8रुपये प्रति वर्गमीटर वार्षिक
- स्टाम्प और पंजीयन शुल्क में 100%प्रतिपूर्ति
- 5 वर्षों तक विद्युत शुल्क में छूट
यह नीति निवेशक-हितैषी माहौल तैयार करेगी और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाएगी।
एमएसएमई इकाइयों को MSME-2025 नीति का लाभ मिलेगा, हालांकि सीमेंट उद्योग इस पैकेज से बाहर रखा गया है।
सागर–दमोह फोरलेन मार्ग: मजबूत सड़क तंत्र की ओर कदम
बुंदेलखंड के लिए कनेक्टिविटी बढ़ाना विकास का मूल आधार है। इसी उद्देश्य से मंत्रि-परिषद ने सागर-दमोह फोरलेन मार्ग (76.68किमी) के निर्माण को प्रशासकीय स्वीकृति दी।
परियोजना की मुख्य बातें:
- कुल लागत: 2,059.85करोड़ रुपये
- मॉडल: हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM)
- 40% लागत: मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम
- 60% लागत: 15 वर्षों तक एन्युटी के रूप में राज्य बजट
- भू-अर्जन हेतु अतिरिक्त 323.41करोड़ रुपये
- संरचनाएँ:
- 13 अंडरपास
- 3 वृहद पुल
- 9 मध्यम पुल
- 1 आरओबी
- 13 वृहद एवं 42 मध्यम जंक्शन
यह फोरलेन मार्ग क्षेत्र में व्यापार, परिवहन और औद्योगिक आवागमन को नई मजबूती देगा।
मेडिकल कॉलेजों में1605पदों की स्वीकृति
दमोह, छतरपुर और बुधनी में नए मेडिकल कॉलेजों के लिए कुल 1605पदों को मंजूरी दी गई है।
पदों का विवरण:
- 990नियमित पद (प्रत्येक कॉलेज में 330)
- 615आउटसोर्स पद (प्रत्येक कॉलेज में 205)
इसके बाद इन क्षेत्रों में उन्नत चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध होंगी और युवाओं के लिए रोजगार की नई संभावनाएँ बनेंगी।
नौरादेही में तीसरा चीता रहवास: वन्यजीवन संरक्षण की नई पहल
मंत्रि-परिषद ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व,नौरादेही को देश में तीसरे चीता रहवास के रूप में विकसित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी।
चीता पुनर्वास की वर्तमान स्थिति:
- कूनो राष्ट्रीय उद्यान: 28चीते
- गांधीसागर अभयारण्य: 2चीते
- जनवरी 2026 में बोत्सवाना से 8नए चीते आने की संभावना
यह परियोजना मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख चीता संरक्षण केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना: दमोह में सिंचाई क्रांति
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र में 165.06करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी गई।
परियोजना से लाभ:
- तेंदूखेड़ा तहसील के 17गांवों को लाभ
- 3600हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा
- कृषि उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि होगी
11जिलों में12स्वास्थ्य संस्थाओं का उन्नयन
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 11 जिलों की 12 संस्थाओं को अपग्रेड किया गया।
उन्नयन की प्रमुख सूची:
- नीमच: भादवामाता उप स्वास्थ्य केंद्र → 30 बिस्तरीय CHC
- शाजापुर: मक्सी PHC → 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल
- उज्जैन: जीवाजीगंज → 50 बिस्तरीय
- खंडवा: ओंकारेश्वर → 50 बिस्तरीय
- पन्ना: अजयगढ़ → 50 बिस्तरीय
- खरगौन: महेश्वर → 50 बिस्तरीय
- सिंगरौली: देवसर → 50 बिस्तरीय
- रीवा: हनुमना → 50 बिस्तरीय
- बैतूल: भीमपुर → 100 बिस्तरीय
- सिंगरौली: चितरंगी → 100 बिस्तरीय
- अनूपपुर: कोतमा → 100 बिस्तरीय
- सागर: बीना → 100 बिस्तरीय
स्वीकृत पद:
- 345नियमित पद
- 3संविदा पद
- 136आउटसोर्स पद
- वार्षिक व्यय: 27.17करोड़ रुपये
600पिछड़ा वर्ग युवाओं को जापान-जर्मनी भेजने का निर्णय
पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को सोशल इंपैक्ट बांड (SIB) मॉडल के माध्यम से अगले 2 वर्षों में जापान और जर्मनी में रोजगार दिलाने की योजना को मंजूरी दी गई।
यह युवाओं को वैश्विक अवसर उपलब्ध कराने और कौशल विकास को प्रोत्साहित करने की बड़ी पहल है।
अग्निशमन सेवाओं का आधुनिकीकरण:397.54करोड़ की स्वीकृति
15वें वित्त आयोग की अनुशंसानुसार प्रदेश में अग्निशमन तंत्र को आधुनिक बनाने के लिए 397.54करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई।
वित्तीय संरचना:
- 75% केंद्रांश: 297.15करोड़
- 25% राज्यांश: 100.38करोड़
इससे उपकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षण क्षमताओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद की खजुराहो बैठक बुंदेलखंड सहित पूरे प्रदेश के विकास के लिए ऐतिहासिक साबित हुई।
औद्योगिक निवेश, सड़क कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, सिंचाई परियोजनाएँ, वन्यजीव संरक्षण और रोजगार अवसर जैसे बहुआयामी निर्णय प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देंगे।
इन योजनाओं के क्रियान्वयन से क्षेत्रीय संतुलन, औद्योगिक वृद्धि और जन-कल्याण को निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी।

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