(विनीत खरे)
नई दिल्ली (साई)। केंद्र सरकार ने मंगलवार को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission – CPC) की शर्तों (Terms of Reference – ToR) को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी। यह आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए वेतन संरचना और अन्य लाभों की समीक्षा करेगा।
सरकार ने कहा है कि यह आयोग 18महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगा, जिसके आधार पर केंद्र के 50 लाख से अधिक कर्मचारियों और लगभग 60 लाख पेंशनधारकों के वेतन और पेंशन में परिवर्तन की संभावना है।
🔹 8वें वेतन आयोग की संरचना (Composition of 8th Pay Commission):
सरकार के अनुसार, आयोग में होंगे:
- 1अध्यक्ष (Chairperson)
- 1अंशकालिक सदस्य (Part-time Member)
- 1सदस्य-सचिव (Member Secretary)
यह आयोग पिछले वेतन आयोगों की तरह केंद्र सरकार के अधीनस्थ मंत्रालयों, विभागों और कर्मचारियों की सेवा शर्तों, वेतनमानों, भत्तों, पेंशन योजनाओं और अन्य वित्तीय लाभों का अध्ययन करेगा।
🔹 आयोग के मुख्य उद्देश्य (Main Objectives of 8th CPC):
- केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन,भत्ते और सेवानिवृत्ति लाभों में आवश्यक संशोधन की सिफारिश करना।
- आर्थिक परिस्थिति,मुद्रास्फीति,और वित्तीय अनुशासन को ध्यान में रखते हुए उचित वेतन संरचना तय करना।
- केंद्र व राज्य सरकारों के वित्तीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए ऐसे सुधार सुझाना जो लंबी अवधि में टिकाऊ हों।
- निजी क्षेत्र और सार्वजनिक उपक्रमों के वेतन स्तर का तुलनात्मक अध्ययन करना।
- यदि आवश्यक हो, तो आयोग अपने काम के दौरान अंतरिम रिपोर्ट (Interim Reports) भी प्रस्तुत कर सकेगा।
🔹 वित्तीय अनुशासन पर विशेष ज़ोर:
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 8वें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करते समय राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Prudence) और आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देनी होगी।
सरकारी बयान के अनुसार —
“वेतन आयोग को यह ध्यान रखना होगा कि विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन बने रहें। साथ ही गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं (Non-Contributory Pension Schemes) की वित्तीय बोझ को भी ध्यान में रखा जाए।”
🔹 8वें वेतन आयोग का दायरा (Scope of the 8th Pay Commission):
यह आयोग केंद्र सरकार के निम्नलिखित वर्गों के लिए सिफारिशें देगा:
- केंद्र सरकार के सभी ग्रुपA, BऔरCकर्मचारी
- सशस्त्र बलों (Defence Personnel) के कर्मी
- केंद्रीय अर्ध-सरकारी संस्थानों (Autonomous Bodies) के कर्मचारी
- पेंशनधारक (Pensioners), जिनमें पुरानी पेंशन योजना (OPS) और नई पेंशन योजना (NPS) दोनों के लाभार्थी शामिल हैं
🔹 कब तक आएगी रिपोर्ट?
आयोग को अपनी रिपोर्ट 18महीनों के भीतर प्रस्तुत करनी होगी, यानी कि यदि इसका गठन जनवरी 2025 में हुआ है, तो जुलाई2026तक इसकी सिफारिशें आने की उम्मीद है।
सरकार के सूत्रों के अनुसार, आयोग संभवतः 2026के बजट सत्र से पहले अपनी सिफारिशें दे देगा, ताकि नए वेतनमान 1जनवरी2027से लागू किए जा सकें।
🔹 क्या बदल सकता है इस बार (Expected Changes):
8वें वेतन आयोग से निम्नलिखित बड़े बदलावों की उम्मीद की जा रही है —
- बेसिक पे (Basic Pay) में 20–25% तक बढ़ोतरी।
- डीए (DA) को नए फॉर्मूले के साथ वेतन में समाहित करने की संभावना।
- HRA (House Rent Allowance) और Transport Allowance में संशोधन।
- Pension Calculation Formula में पारदर्शिता और सरलीकरण।
- NPSकर्मचारियों के लिए अतिरिक्त लाभ या नई व्यवस्था की संभावना।
🔹 सरकारी कर्मचारियों में उत्साह:
केंद्रीय कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है।
कर्मचारी संघ (Confederation of Central Govt Employees) ने कहा —
“8वें वेतन आयोग की मंजूरी लंबे समय से लंबित मांग थी। हमें उम्मीद है कि इस बार सरकार मुद्रास्फीति और बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखेगी।”
🔹 आर्थिक विश्लेषण:
वित्त विशेषज्ञों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर सरकार पर लगभग₹4.5लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक भार पड़ सकता है।
हालांकि, यह राशि GDPका0.4से0.6प्रतिशत तक मानी जा रही है, जो कि वर्तमान आर्थिक स्थिति में प्रबंधनीय हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार विकास व्यय और टैक्स संग्रह के संतुलन को बनाए रखती है, तो यह सुधार मांग बढ़ाने (Demand Boost) और आर्थिक विकास (Economic Growth) दोनों में सहायक सिद्ध हो सकता है।
🔹 पेंशनधारकों के लिए भी राहत की उम्मीद:
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आयोग न केवल कर्मचारियों बल्कि सेवानिवृत्त पेंशनरों की समस्याओं पर भी विचार करेगा।
खासतौर पर, पुरानी पेंशन योजना (OPS) और नई पेंशन योजना (NPS) के बीच बढ़ते अंतर को कम करने के लिए सुझाव दिए जा सकते हैं।
🔹 पिछले वेतन आयोगों से तुलना:
| वेतन आयोग | गठन वर्ष | सिफारिशें लागू वर्ष | औसत वेतन वृद्धि |
| 6वां आयोग | 2006 | 2008 | 35% |
| 7वां आयोग | 2014 | 2016 | 23.55% |
| 8वां आयोग | 2025 | 2027 (अपेक्षित) | 20–25% (अनुमानित) |
🔹 केंद्र सरकार की प्राथमिकता:
केंद्र सरकार का कहना है कि उसका लक्ष्य केवल वेतन बढ़ाना नहीं, बल्कि कार्यकुशलता,उत्पादकता और कर्मचारी संतोष को बढ़ाना है।
स्रोतों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें डिजिटल प्रशासन, तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग और मानव संसाधन विकास से भी जुड़ी होंगी।
🔚 निष्कर्ष (Conclusion):
8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
इससे न केवल लाखों कर्मचारियों की आय बढ़ेगी, बल्कि इससे उपभोक्ता मांग में भी वृद्धि होगी, जो अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।
सरकार ने जिस संतुलित दृष्टिकोण से वित्तीय अनुशासन और कर्मचारी कल्याण को जोड़ा है, वह एक दीर्घकालिक सुधार की दिशा में ठोस कदम है।
अब सबकी नज़र आयोग की रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों पर टिकी है, जो आने वाले 18 महीनों में केंद्र सरकार की वेतन नीति का नया अध्याय लिखेंगी।

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