विजय केडिया के पास आशुतोष फाइबर के 10.35 लाख शेयर, 130.10 रुपये पर बंद हुआ कंपनी का शेयर; IPO में 124 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन

(ब्यूरो कार्यालय)

मुंबई (साई)। शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक विजय केडिया की हिस्सेदारी वाली एक नई लिस्टेड कंपनी आशुतोष फाइबर इन दिनों निवेशकों के बीच चर्चा में है। टेक्निकल और सिंथेटिक यार्न बनाने वाली गुजरात आधारित इस कंपनी के शेयर गुरुवार को NSE पर 130.10 रुपये के भाव पर बंद हुए। कंपनी के शेयर इसी साल 7 सितंबर 2026 को शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुए थे। IPO के दौरान इसका इश्यू प्राइस 92 रुपये तय किया गया था।

कंपनी में अनुभवी निवेशक विजय केडिया की भी हिस्सेदारी है। उपलब्ध शेयरहोल्डिंग जानकारी के अनुसार, उनके पास आशुतोष फाइबर के 10,35,000 शेयर हैं। कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 4.73 प्रतिशत बताई गई है। खास बात यह है कि विजय केडिया कंपनी के IPO से पहले से ही शेयरधारक हैं। उन्होंने IPO के बाद खुले बाजार से कंपनी में यह हिस्सेदारी नहीं खरीदी थी।

आशुतोष फाइबर के शेयरों की लिस्टिंग, IPO को मिला भारी सब्सक्रिप्शन, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और विजय केडिया की हिस्सेदारी जैसे पहलुओं ने इसे बाजार में चर्चा का विषय बनाया है। हालांकि, किसी बड़े निवेशक की हिस्सेदारी को देखकर किसी शेयर में निवेश का निर्णय लेना उचित नहीं है। निवेश से पहले कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, मूल्यांकन और जोखिमों को समझना जरूरी है।

आशुतोष फाइबर के शेयर 130.10 रुपये पर बंद

गुजरात स्थित आशुतोष फाइबर के शेयर गुरुवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 130.10 रुपये के भाव पर बंद हुए। कंपनी शेयर बाजार में नई है और इसकी लिस्टिंग 7 सितंबर 2026 को हुई थी।

IPO के दौरान कंपनी ने अपने शेयर का इश्यू प्राइस 92 रुपये रखा था। इसके मुकाबले 130.10 रुपये का बंद भाव ऊंचे स्तर पर है। हालांकि, शेयर का मौजूदा भाव बाजार की मांग और आपूर्ति, कंपनी के वित्तीय नतीजों, निवेशकों की धारणा और व्यापक बाजार परिस्थितियों से प्रभावित हो सकता है।

लिस्टिंग के दिन कंपनी के शेयर 140 रुपये पर सूचीबद्ध हुए थे और उसी दिन बढ़त के साथ 147 रुपये पर बंद हुए। इस तरह शुरुआती कारोबार में शेयर ने IPO के इश्यू प्राइस से ऊपर शुरुआत की थी।

IPO प्राइस और शेयर बाजार में लिस्टिंग का विवरण

विवरण जानकारी
कंपनी आशुतोष फाइबर
IPO खुलने की तारीख 31 अगस्त 2026
IPO बंद होने की तारीख 2 सितंबर 2026
प्राइस बैंड 87–92 रुपये
इश्यू प्राइस 92 रुपये
लिस्टिंग की तारीख 7 सितंबर 2026
लिस्टिंग प्राइस 140 रुपये
लिस्टिंग वाले दिन बंद भाव 147 रुपये
गुरुवार का बंद भाव 130.10 रुपये
IPO का कुल आकार लगभग 56 करोड़ रुपये

ये आंकड़े उपलब्ध कराए गए कंपनी और IPO संबंधी विवरण पर आधारित हैं। शेयर का भाव हर कारोबारी सत्र में बदल सकता है।

विजय केडिया के पास आशुतोष फाइबर के 10.35 लाख शेयर

शेयर बाजार में अनुभवी निवेशक के रूप में पहचाने जाने वाले विजय केडिया की आशुतोष फाइबर में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। उपलब्ध सितंबर 2026 तिमाही की शेयरहोल्डिंग जानकारी के अनुसार, उनके पास कंपनी के कुल 10,35,000 शेयर हैं।

कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 4.73 प्रतिशत बताई गई है। यह निवेश इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि विजय केडिया IPO से पहले ही कंपनी के शेयरधारक थे। यानी उनकी हिस्सेदारी कंपनी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने से पहले मौजूद थी।

शेयरहोल्डिंग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, IPO से पहले कंपनी में विजय केडिया की हिस्सेदारी 6.57 प्रतिशत थी। बाद में कंपनी ने 61.25 लाख नए शेयर जारी किए। नए शेयर जारी होने के कारण कंपनी की कुल शेयर संख्या बढ़ी और विजय केडिया की हिस्सेदारी का प्रतिशत घटकर 4.73 प्रतिशत रह गया।

हिस्सेदारी घटने का क्या है कारण?

कंपनी जब नए शेयर जारी करती है, तो उसकी कुल शेयर संख्या बढ़ जाती है। यदि किसी मौजूदा निवेशक की शेयर संख्या पहले जितनी ही बनी रहती है, तो कुल शेयरों में उसका प्रतिशत हिस्सा कम हो सकता है। इसे शेयरहोल्डिंग का डायल्यूशन कहा जाता है।

आशुतोष फाइबर के मामले में उपलब्ध जानकारी के अनुसार:

  • IPO से पहले विजय केडिया की हिस्सेदारी 57 प्रतिशत थी।
  • उनके पास 10,35,000 शेयर हैं।
  • कंपनी में मौजूदा हिस्सेदारी 73 प्रतिशत बताई गई है।
  • कंपनी ने 25 लाख नए शेयर जारी किए।
  • नए शेयर जारी होने के बाद उनकी हिस्सेदारी का प्रतिशत कम हुआ।

इसलिए हिस्सेदारी में प्रतिशत के आधार पर आई कमी को अपने आप शेयरों की बिक्री नहीं माना जाना चाहिए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विजय केडिया ने IPO के बाद खुले बाजार से हिस्सेदारी नहीं खरीदी थी और वे IPO से पहले ही कंपनी में निवेशक थे।

क्या करती है आशुतोष फाइबर कंपनी?

आशुतोष फाइबर टेक्निकल और सिंथेटिक यार्न बनाने वाली गुजरात आधारित कंपनी है। कंपनी के उत्पादों का उपयोग कई औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में किया जाता है। इसके यार्न्स का इस्तेमाल फिल्टर, फ्लेम-रेटारडैंट वर्कवियर, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण यानी PPE किट, कार सीट फैब्रिक और कारपेट जैसे उत्पादों में होता है।

टेक्निकल टेक्सटाइल का उपयोग सामान्य कपड़ों से आगे बढ़कर औद्योगिक, सुरक्षा और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में किया जाता है। ऐसे उत्पादों में मजबूती, टिकाऊपन और विशेष उपयोग के अनुरूप गुणों की आवश्यकता होती है।

आशुतोष फाइबर के उत्पादों के बताए गए उपयोग क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • फिल्टर्स: औद्योगिक और अन्य फिल्ट्रेशन संबंधी उपयोग।
  • फ्लेम-रेटारडैंट वर्कवियर: आग या अधिक तापमान से सुरक्षा के उद्देश्य से तैयार किए जाने वाले कार्यस्थल के कपड़े।
  • PPE किट्स: व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री।
  • कार सीट फैब्रिक: वाहनों की सीटों और इंटीरियर में उपयोग होने वाले कपड़े।
  • कारपेट्स: विभिन्न प्रकार के कालीन और फ्लोर कवरिंग उत्पाद।

इन क्षेत्रों में कंपनी के उत्पादों की मांग उसके कारोबार के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, किसी खास क्षेत्र से कंपनी को कितनी आय होती है, इसका विस्तृत विभाजन उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

चीन है कंपनी का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट

आशुतोष फाइबर के कारोबार में निर्यात की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी के कुल रेवेन्यू में निर्यात की हिस्सेदारी करीब 39 प्रतिशत रही।

कंपनी का सबसे बड़ा निर्यात बाजार चीन बताया गया है। इसका अर्थ है कि कंपनी का कारोबार केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों और बाजारों से भी जुड़ा हुआ है।

निर्यात आधारित कारोबार में अवसरों के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े रहते हैं। अंतरराष्ट्रीय मांग, विदेशी बाजारों की प्रतिस्पर्धा, मुद्रा विनिमय दरों, व्यापार नीतियों और आयात-निर्यात से संबंधित परिस्थितियों का असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है।

चीन कंपनी का सबसे बड़ा निर्यात बाजार होने के कारण वहां की मांग और व्यापारिक परिस्थितियां भी कारोबार के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं। हालांकि, उपलब्ध विवरण में चीन से होने वाली कुल बिक्री का अलग आंकड़ा नहीं दिया गया है।

तीन वित्त वर्षों में कंपनी की आय और मुनाफे का प्रदर्शन

आशुतोष फाइबर के वित्तीय आंकड़ों में पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान आय और टैक्स के बाद मुनाफे में बढ़ोतरी दिखाई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में कंपनी की कुल आय 109.89 करोड़ रुपये रही थी। इस दौरान टैक्स भुगतान के बाद मुनाफा 7.05 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की कुल आय बढ़कर 114.97 करोड़ रुपये हो गई। इस अवधि में टैक्स के बाद मुनाफा 8.51 करोड़ रुपये रहा।

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की कुल आय 117.43 करोड़ रुपये बताई गई, जबकि टैक्स भुगतान के बाद मुनाफा बढ़कर 16.04 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कंपनी के वित्तीय आंकड़े

वित्त वर्ष कुल आय टैक्स के बाद मुनाफा
FY 2024 109.89 करोड़ रुपये 7.05 करोड़ रुपये
FY 2025 114.97 करोड़ रुपये 8.51 करोड़ रुपये
FY 2026 117.43 करोड़ रुपये 16.04 करोड़ रुपये

इन आंकड़ों से पता चलता है कि उपलब्ध तीन वर्षों के विवरण में कंपनी की कुल आय लगातार बढ़ी है। वित्त वर्ष 2026 में मुनाफे में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

मुनाफे में बढ़ोतरी पर निवेशकों की नजर

वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का टैक्स के बाद मुनाफा 8.51 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 16.04 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह दिए गए आंकड़ों के अनुसार, एक साल में मुनाफे में अच्छी वृद्धि हुई।

कंपनी की आय में वृद्धि के साथ मुनाफे का बढ़ना निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। हालांकि, केवल एक या दो वित्त वर्षों के नतीजों के आधार पर कंपनी के भविष्य का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।

निवेशकों को यह भी देखना चाहिए कि मुनाफे में वृद्धि किन कारणों से हुई, कंपनी के खर्चों में कितना बदलाव आया, कर्ज की स्थिति क्या है और भविष्य में कारोबार की वृद्धि कितनी टिकाऊ हो सकती है। इन पहलुओं का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

124.44 गुना सब्सक्राइब हुआ था आशुतोष फाइबर का IPO

आशुतोष फाइबर के IPO को निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिली थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी का IPO कुल 124.44 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

IPO में अलग-अलग निवेशक श्रेणियों की ओर से प्राप्त आवेदन का आंकड़ा भी काफी ऊंचा रहा। खुदरा निवेशकों की श्रेणी में IPO 131.77 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों यानी NII श्रेणी में 267.47 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया।

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) श्रेणी में IPO को 76.4 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

किस श्रेणी से कितना सब्सक्रिप्शन मिला?

निवेशक श्रेणी सब्सक्रिप्शन
कुल IPO 124.44 गुना
खुदरा निवेशक 131.77 गुना
गैर-संस्थागत निवेशक (NII) 267.47 गुना
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) 76.4 गुना

इन आंकड़ों से पता चलता है कि IPO में विभिन्न श्रेणियों के निवेशकों ने आवेदन किया था। खासतौर पर NII श्रेणी में सब्सक्रिप्शन सबसे अधिक रहा।

हालांकि, IPO का अधिक सब्सक्राइब होना भविष्य में शेयर के भाव बढ़ने की गारंटी नहीं होता। सब्सक्रिप्शन के आंकड़े केवल IPO के दौरान निवेशकों की मांग को दर्शाते हैं। लिस्टिंग के बाद शेयर का प्रदर्शन कंपनी के कारोबार, वित्तीय नतीजों और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

निवेशकों के लिए किन बातों पर नजर रखना जरूरी?

आशुतोष फाइबर में विजय केडिया की हिस्सेदारी और IPO को मिले भारी सब्सक्रिप्शन के कारण कंपनी चर्चा में है। इसके बावजूद निवेशकों को किसी शेयर का मूल्यांकन करते समय कई पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए।

  1. कंपनी की आय और मुनाफा: पिछले वर्षों के वित्तीय नतीजों के साथ यह देखना जरूरी है कि कंपनी भविष्य में भी आय और मुनाफे में वृद्धि बनाए रख पाती है या नहीं।
  2. निर्यात पर निर्भरता: कुल रेवेन्यू में करीब 39 प्रतिशत हिस्सेदारी निर्यात की बताई गई है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मांग और व्यापारिक परिस्थितियों पर नजर रखना उपयोगी होगा।
  3. शेयर का मूल्यांकन: IPO के इश्यू प्राइस और मौजूदा बाजार भाव के अंतर से अकेले यह तय नहीं किया जा सकता कि शेयर सस्ता है या महंगा। इसके लिए कंपनी की कमाई, प्रति शेयर आय, कर्ज और अन्य वित्तीय अनुपातों का अध्ययन जरूरी है।
  4. शेयरहोल्डिंग में बदलाव: बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी में बदलाव को समझना चाहिए। केवल किसी प्रसिद्ध निवेशक का नाम देखकर निवेश का निर्णय नहीं लेना चाहिए।
  5. कारोबार के जोखिम: टेक्निकल टेक्सटाइल और सिंथेटिक यार्न के कारोबार में कच्चे माल की कीमत, प्रतिस्पर्धा, मांग और उत्पादन लागत जैसे कारक महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

विजय केडिया की हिस्सेदारी से चर्चा में आशुतोष फाइबर

आशुतोष फाइबर शेयर बाजार में नई सूचीबद्ध कंपनी है, जिसके IPO को कुल 124.44 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। कंपनी के शेयर 7 सितंबर 2026 को 140 रुपये पर लिस्ट हुए और पहले दिन 147 रुपये पर बंद हुए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गुरुवार को इसका शेयर NSE पर 130.10 रुपये पर बंद हुआ।

कंपनी में दिग्गज निवेशक विजय केडिया के पास 10,35,000 शेयर हैं और उनकी हिस्सेदारी 4.73 प्रतिशत बताई गई है। IPO से पहले यह हिस्सेदारी 6.57 प्रतिशत थी। कंपनी ने 61.25 लाख नए शेयर जारी किए, जिसके कारण उनकी हिस्सेदारी का प्रतिशत कम हुआ।

वित्त वर्ष 2026 में आशुतोष फाइबर की कुल आय 117.43 करोड़ रुपये और टैक्स के बाद मुनाफा 16.04 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के कारोबार में निर्यात की हिस्सेदारी करीब 39 प्रतिशत है और चीन उसका सबसे बड़ा निर्यात बाजार बताया गया है।

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, उत्पादों के उपयोग और बड़े निवेशक की हिस्सेदारी पर बाजार की नजर बनी रह सकती है। लेकिन निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले कंपनी के वित्तीय दस्तावेजों, जोखिमों और मौजूदा मूल्यांकन का स्वतंत्र अध्ययन करें। किसी बड़े निवेशक की हिस्सेदारी अपने आप में खरीदने या बेचने की सलाह नहीं मानी जानी चाहिए।