करवे कॉलोनी में शराब दुकान बंद करने का आग्रह

(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने करवे कॉलोनी और भैरवगंज के निवासी प्रतिनिधियों के साथ मिलकर जिला प्रशासन और आबकारी विभाग के अधिकारियों को लिखित अनुरोध भेजा। पार्टी के जिला सचिव ओम प्रकाश, डीडी वासनिक, डॉ. बी.सी. ओके, किरण प्रकाश, राहुल कुमार, यीशु प्रकाश, आकाश मालवीय, शिवराज बेस, धनीराम बंडेवार, मंजू ककोड़िया आदि ने स्पष्ट किया कि आवासीय क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलना न केवल सामाजिक शांति को बाधित करता है बल्कि महिलाओं और छात्रों को असुरक्षित बनाता है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया गया तो भविष्य में बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।

मुख्य चर्चा बिंदु

पार्टी ने कई बिंदुओं पर प्रकाश डाला। पहला, शराब की उपलब्धता से नशे की लत बढ़ती है, जिससे परिवारिक और आर्थिक क्षति होती है। दूसरा, आवासीय क्षेत्रों में शराब की दुकानें खुलने से सार्वजनिक सुरक्षा जोखिम बढ़ता है, विशेषकर महिलाओं और छात्र-छात्राओं के लिए। तीसरा, स्थानीय व्यापारियों को प्रोत्साहित किया गया कि वे सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत शराब के बजाय आवश्यक वस्तुओं या सेवाओं के व्यापार को प्राथमिकता दें। इसके अलावा, पार्टी ने आबकारी विभाग को अनुरोध किया कि मौजूदा लाइसेंस प्रक्रिया को सख्त किया जाए और किसी भी नई दुकान के लिए आवासीय क्षेत्र में अनुमति न दी जाए। इस पहल से समुदाय में शांति, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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खबर के प्रमुख बिंदु

• कंपनी/संस्था: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (जिला स्तर)
• आयोजन: लिखित ज्ञापन एवं बैठक
• स्थान: करवे कॉलोनी, भैरवगंज
• मुख्य उद्देश्य: आवासीय क्षेत्रों में शराब की दुकानें न खोलना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: जिला प्रशासन और आबकारी विभाग को प्रतिबंधित करने का आदेश
• लक्ष्य: महिलाओं, छात्रों और स्थानीय समुदाय की सुरक्षा एवं सामाजिक शांति

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भविष्य की दिशा

पार्टी ने कहा कि यदि प्रशासनिक कार्रवाई शीघ्र नहीं होती तो व्यापक जनआंदोलन का आयोजन किया जाएगा। निरंतर निगरानी, नियमित समीक्षा और तकनीकी सहायता के माध्यम से शराब के दुरुपयोग को रोकने की रणनीति अपनाई जाएगी। इस प्रकार, कर्मचारी कल्याण, सामाजिक जिम्मेदारी और सतत विकास के सिद्धांतों को मिलाकर सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और स्थानीय प्रशासन को एकजुट किया जा सकेगा, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक और सामाजिक लाभ सुनिश्चित होगा।