(ब्यूरो कार्यालय)
देहरादून (साई)। उत्तरी भारत के प्रमुख राज्य उत्तराखंड में 13 अक्टूबर 2026 को देर रात तक मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में एक लंबी मैराथन‑स्तर की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की और इसमें राज्य के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) ने भाग लिया। चार घंटे से अधिक चलने वाली इस सत्र का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों की प्रगति, जनसुविधाओं की स्थिति, कानून‑व्यवस्था और आगामी त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करना था, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही को सुदृढ़ किया जा सके।
विकास कार्यों की प्रगति एवं जनसुविधाएँ
बैठक में विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने सीवर‑पेयजल पाइपलाइन, सड़कों की मरम्मत, और अधूरे विकास परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 1 नवंबर तक सभी अधूरे सीवर‑पेयजल कार्य पूर्ण हों और गड्ढामुक्त सड़कों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जनसुविधाओं के लिए समयबद्ध राजस्व निपटान और जनता को दफ्तरों के चक्कर कम करने के लिए डिजिटल सेवाओं को तेज करने का आदेश दिया गया।
कानून‑व्यवस्था, सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन
धामी ने सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था में कोई चूक न होने की कड़ी चेतावनी दी। कुंभ‑2027 की तैयारियों में देरी पर जवाबदेही तय करने, साप्ताहिक समीक्षा और स्थलीय निरीक्षण को अनिवार्य करने का निर्देश दिया गया। ऑपरेशन कालनेमी और सत्यापन अभियान में गति लाने, संदिग्ध गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ ही आपदा‑प्रभावित क्षेत्रों में डॉक्टरों और एएनएम की उपलब्धता को हर हाल में सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। भालू‑तेंदुए के हमलों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर शीघ्र मुआवजा देने का भी निर्देश दिया गया।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: उत्तराखंड सरकार • आयोजन: मैराथन‑स्तर उच्चस्तरीय बैठक • स्थान: मुख्यमंत्री आवास, देहरादून • मुख्य उद्देश्य: विकास कार्य, जनसुविधा, कानून‑व्यवस्था की समीक्षा • प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: 1 नवंबर तक सीवर‑पेयजल कार्य पूर्ण, गड्ढामुक्त सड़कों की मरम्मत, कुंभ‑2027 की समयबद्ध तैयारी, ऑपरेशन कालनेमी में तेज़ी, आपदा राहत में डॉक्टर‑एएनएम की उपलब्धता • लक्ष्य: प्रशासनिक जवाबदेही, नागरिक सुविधा में सुधार, सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करना
मुख्यमंत्री धामी ने इस विस्तृत समीक्षा को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि नियमित सत्र, साप्ताहिक निरीक्षण और तकनीकी सहायता के माध्यम से कर्मचारी कल्याण, आधुनिक तकनीक का उपयोग और समयबद्ध कार्यान्वयन से उत्तराखंड की संचालन उत्कृष्टता और सतत विकास को नई दिशा मिलेगी। भविष्य में भी ऐसी उच्चस्तरीय बैठकों के माध्यम से राज्य की प्रगति को गति प्रदान की जाएगी।