आष्टा जनविश्वास शिविर: समस्याओं का समाधान व आत्मनिर्भरता मंच

(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के भाग के रूप में 3 अक्टूबर 2026 को सिवनी जिले के बरघाट विकासखंड के ग्राम आष्टा में जनविश्वास शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में विधायक श्री कमल मर्सकोले, कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना, जिला भाजपा अध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन, जनपद अध्यक्ष श्रीमती आभा राहंगडाले, पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लंचंदानी तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली शाह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और शासकीय योजनाओं से जुड़ी जानकारी सीधे प्रतिनिधियों से प्राप्त की, जिससे स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता और समस्या समाधान की दिशा में कदम बढ़े।

शिविर का विस्तृत विवरण

शिविर में विभागीय स्टॉल लगाकर जल, स्वच्छता, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और शिक्षा जैसी विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने इन स्टॉलों से योजनाओं के पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया और लाभों के बारे में विस्तृत प्रश्न पूछे। विधायक मर्सकोले ने ग्रामीणों के सामने विकास कार्यों की प्रगति को रेखांकित किया और भविष्य में अधिक बुनियादी सुविधाओं की प्रतिबद्धता जताई। कलेक्टर मीना ने सभी उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रस्तुत समस्याओं का त्वरित परीक्षण कर पात्र मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं के लाभार्थियों को समय पर लाभ पहुंचाना प्रशासनिक जवाबदेही का मुख्य मानदंड है। सेवा सेतु सह-शिविर ने विभिन्न विभागों को एक ही मंच पर लाकर ग्रामीणों को एक ही स्थान पर कई योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया, जिससे सूचना का अभिसरण और समाधान प्रक्रिया में गति आई।

खबर के प्रमुख बिंदु

• कंपनी: नहीं लागू
• आयोजन: जनविश्वास शिविर एवं सेवा सेतु सह-शिविर
• स्थान: सिवनी, ग्राम आष्टा
• मुख्य उद्देश्य: ग्रामीण समस्याओं का समाधान, शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रसार
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: कलेक्टर द्वारा समस्याओं का परीक्षण, समयबद्ध निराकरण, योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना
• लक्ष्य: आत्मनिर्भरता सशक्त बनाना, योजना‑आधारित विकास को तेज़ी से लागू करना

निष्कर्ष

आष्टा में आयोजित जनविश्वास शिविर ने स्थानीय स्तर पर शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ किया। नियमित संवाद और विभागीय स्टॉल के माध्यम से ग्रामीणों को सीधे योजना‑सेवा तक पहुंचाने से न केवल समस्या समाधान में तेजी आई, बल्कि आत्मनिर्भरता की भावना भी प्रज्वलित हुई। भविष्य में ऐसे मंचों को निरंतर जारी रखकर कर्मचारी कल्याण, आधुनिक तकनीकी सहायता और समयबद्ध कार्यान्वयन को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे संचालनात्मक उत्कृष्टता और सतत विकास सुनिश्चित होगा।