मंडला में तेंदूपत्ता संग्राहकों को 36 करोड़ बोनस, विकास योजनाओं की सौगात

(ब्यूरो कार्यालय)
मण्डला (साई)। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मंडला जिले में आयोजित प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के प्रशिक्षण‑सहजागरूकता कार्यक्रम तथा तेंदूपत्ता बोनस वितरण समारोह में भाग लिया। उन्होंने 8 वन मंडलों के कुल 9,04,126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के लिए 36 करोड़ 17 लाख 37 हजार 518 रुपये की बोनस राशि वितरित की। यह कदम प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों के आर्थिक सशक्तिकरण और वन संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

विकास एवं सामाजिक पहल

बोनस वितरण के साथ ही मुख्यमंत्री ने मंडला जिले में 460 करोड़ रुपये के 74 विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें टाइगर सफारी जू का निर्माण, मोहगांव और घुघरी में महाविद्यालय की स्थापना, लघु वनोपज प्रोसेसिंग यूनिट का उद्घाटन और पान की खेती का पुनः प्रारंभ शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्थानीय रोजगार सृजन, शिक्षा का विस्तार और वन उत्पादों की मूल्यवृद्धि के माध्यम से जनजातीय परिवारों की आय में वृद्धि करना है।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रकृति पूजक जनजातीय समुदाय प्रदेश की धरोहर है। हम सबको प्राणवायु देने वाले वनों की सुरक्षा, इनके संवर्धन और प्रबंधन में जनजातियों का योगदान अतुलनीय है। ऐसे सभी जनजातीय भाई-बहनों और तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनका वाजिब हक, मेहनत का पूरा सम्मान दिलाना तथा इनके सभी हितों की सुरक्षा हमारा संकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनोपजों से जुड़ी आजीविका को मजबूत कर जनजातीय परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनोपज से जुड़े परिवारों के हितों को मजबूत करना ही राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को मण्डला जिले में प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के सदस्यों के लिए हुए प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम तथा तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में सहभागिता की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां प्रदेश के 8 वन मंडलों के 9 लाख 4 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के बोनस के रूप में 36 करोड़ 17 लाख 37 हजार 518 रुपये की बोनस राशि का अंतरण किया। मंडला जिले के पूर्व और पश्चिम वन मंडल, सिवनी जिले के उत्तर एवं दक्षिण वन मंडल, बालाघाट जिले के उत्तर और दक्षिण वन मंडल सहित डिण्डोरी एवं जबलपुर वन मंडल के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का लाभ मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के बोनस के रूप में लगभग 139 करोड़ रुपए से अधिक की बोनस राशि वितरित की जाएगी।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मण्डला जिले के जंगलों की रक्षा में वन विभाग को सहयोग देने वाली 84 वन समितियों के करीब 40 हजार सदस्यों को 26 करोड़ 56 लाख 53 हजार 929 रुपये की काष्ठ लाभांश राशि भी वितरित की। मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन, रानी दुर्गावती, एवं राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडला जिले को लगभग 460 करोड़ रुपए की लागत वाले 74 विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। इसमें 263 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 47 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं 197 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 27 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 75.28 करोड़ रुपए से बनने वाले 19 शासकीय हाईस्कूल शाला भवनों, 33.92 करोड़ रुपए से मंडला में बनने वाले नवीन एकीकृत कलेक्टर कार्यालय भवन, 14.80 करोड़ रुपए से मंडला में बनने वाले नर्सिंग कॉलेज भवन तथा 1 करोड़ रुपए से मंडला में स्थापित होने वाले ट्राईबल मल्टीपर्पज मार्केटिंग सेंटर (टीएमएमसी) के भवन निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। साथ ही 137.11 करोड़ रुपए की लागत से निवास, बिछिया, घुटास और सागर कस्बे में नवनिर्मित चार सांदीपनि विद्यालय भवनों का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर किसान कल्याण वर्ष पर केन्द्रित प्रदर्शनी में विभिन्न शासकीय विभागों के स्टॉल्स का अवलोकन किया तथा मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत जिले के मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने इन होनहार विद्यार्थियों को स्कूटी की चाबी देकर अपने हाथों से हेलमेट पहनाया और इन्हें खूब पढ़-लिखकर आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं

स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडला जिले के लिए कई घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि मंडला जिले के मोहगांव और घुघरी में शासकीय महाविद्यालय खोला जाएगा। मंडला में लघु वनोपज का बहुतायत में संग्रहण होता है। इसीलिए मंडला में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अधीन लघु वनोपज की प्रोसेसिंग यूनिट खोली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जिले में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को वन्य जीवों के देखने की स्थानीय सुविधा के लिए मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इस जिले में पान की खेती हुआ करती थी, यह स्थानीय लोगों की आमदनी का बड़ा जरिया थी। इसीलिए अब मंडला में पान की खेती पुन: प्रांरभ की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में देश का 12 प्रतिशत दूध उत्पादन हो रहा हैं। हम इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक लेकर जाएंगे। इस लक्ष्य की दिशा में हम दूध उत्पादन से पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में दुग्ध सहकारी समितियां बना रहे हैं। मंडला जिले में भी आवश्यकतानुसार दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जाएंगी और गौपालकों को उनके दूध उत्पादन का सही दाम दिलाया जाएगा।

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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातियों के समग्र विकास के साथ ही उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। राज्य सरकार जनजातीय नायकों के शौर्य-पराक्रम का स्मरण करते हुए इनके मान-सम्मान के लिए सभी प्रयास कर रही हैं। हमने रानी दुर्गावती के सम्मान में पहले जबलपुर और फिर उनकी राजधानी सिंग्रामपुर में कैबिनेट की बैठक की। फिर राजा भभूत सिंह एवं अन्य जनजातीय नायकों के स्थल पर भी कैबिनेट की। यह राज्य सरकार की जनजातीय वीरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2024 के तेंदूपत्ता बोनस और लाभांश की मिल रही राशि वन समितियों तथा वनोपज संग्राहकों की मेहनत और समर्पण का प्रतिफल है। राज्य सरकार का प्रयास है कि वनक्षेत्रों से लगे गांवों में वनोपज संग्रहण से आमदनी आधारित अर्थव्यवस्था का विकास हो। इस आजीविका से जुड़े परिवारों को संग्रहित वनोपज का बेहतर मूल्य मिले और उनकी आर्थिक हालत को भी मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि मंडला जिले में वन्य जीव पर्यटन के विकास और विस्तार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास की दौड़ में मंडला अब किसी से पीछे नहीं है। यहां मेडिकल कॉलेज बनने जा रहा है। नर्सिंग कॉलेज का भूमि पूजन आज हो गया है। मंडला से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण से प्रदेश का ड्रापआउट शून्य प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप और पूरे स्कूल में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी दे रही हैं। यह मध्यप्रदेश में दिनों-दिन बढ़ती शैक्षणिक गुणवत्ता और सांदीपनि विद्यालयों का असर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले महीने ही मप्र सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ कर प्रदेशवासियों को सुगम बसों की सौगात दी हैं। अभी 1500 बसों के संचालन से प्रारंभ हुए इस कारवां को हम तेजी से और आगे लेकर जाएंगे।

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कार्यक्रम को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं मंडला के वर्तमान लोकसभा सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने भी संबोधित कर क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी विभिन्न विकास कार्यों की मांगे रखीं। कार्यकम में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा मंडला जिले के प्रभारी मंत्री श्री दिलीप जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय कुशराम, नगरपालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, श्री नवीनगिरि गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।

वन समिति एवं लाभांश

84 वन समितियों के 40 हजार सदस्यों को 26.56 लाख रुपये का काष्ठ लाभांश प्रदान किया गया। यह लाभांश वन संसाधनों के सतत उपयोग को प्रोत्साहित करता है और समिति सदस्यों को प्रबंधन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनोपज से जुड़ी आजीविका को मजबूत करना, जनजातीय समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास को तेज करना और वन संरक्षण को प्राथमिकता देना राज्य सरकार की मुख्य प्राथमिकता है।

खबर के प्रमुख बिंदु

• कंपनी: मंडला वन मंडल एवं राज्य सरकार
• आयोजन: तेंदूपत्ता बोनस वितरण एवं प्रशिक्षण‑सहजागरूकता कार्यक्रम
• स्थान: मंडला, मध्य प्रदेश
• मुख्य उद्देश्य: आर्थिक सशक्तिकरण, वन संरक्षण, जनजातीय विकास
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: 36.17 करोड़ बोनस, 460 करोड़ विकास कार्य, टाइगर सफारी जू, महाविद्यालय, प्रोसेसिंग यूनिट
• लक्ष्य: 2025 तक वन‑आधारित आय में 20% वृद्धि