(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 को सिवनी के बींझावाड़ा में स्थित सीनियर अनुसूचित जाति बालक छात्रावास क्रमांक‑1 में अस्पृश्यता निवारण हेतु सद्भावना शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के तत्वावधान में आयोजित हुआ और जनपद अध्यक्ष श्रीमती किरण भलावी, ग्राम पंचायत सरपंच श्री योगेश उइके, पंच नंदलाल यादव तथा कई गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में शुरू हुआ। सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और सामुदायिक एकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह पहल आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का महत्व इस बात में निहित है कि यह राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को स्थानीय स्तर पर साकार करने का एक व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत करता है।
सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक पहल
शिविर में छात्र‑छात्राओं ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसमें नुक्कड़ नाटिका के माध्यम से अस्पृश्यता और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ जागरूकता संदेश दिया गया। साथ ही निबंध और भाषण प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने गांधीजी के विचारों एवं सामाजिक समरसता पर अपने विचार व्यक्त किए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। तकनीकी उपकरणों जैसे प्रोजेक्टर और ध्वनि प्रणाली के उपयोग से संदेश की पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ाई गई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और छात्रों ने एक साथ सहभोज किया, जहाँ सामाजिक समानता और आपसी सद्भाव का संदेश दोहराया गया।
खबर के प्रमुख बिंदु
\u2022 कंपनी/संस्था: अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, सिवनी\n\u2022 आयोजन: अस्पृश्यता निवारण सद्भावना शिविर\n\u2022 स्थान: बींझावाड़ा, सिवनी\n\u2022 मुख्य उद्देश्य: सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन, सामुदायिक समरसता\n\u2022 प्रमुख उपस्थित: किरण भलावी, योगेश उइके, नंदलाल यादव, लालजीराम मीना आदि\n\u2022 मुख्य कार्यक्रम: सांस्कृतिक प्रस्तुति, नुक्कड़ नाटिका, निबंध‑भाषण प्रतियोगिता, पुरस्कार वितरण, सहभोज\n\u2022 घोषणा/संकल्प: सामाजिक समानता एवं गांधी विचारों का प्रचार\n\u2022 लक्ष्य: दीर्घकालिक सामाजिक एकता और जागरूकता
आगे की दिशा
भविष्य में इस प्रकार के शिविरों को नियमित रूप से आयोजित कर सामाजिक जागरूकता को गहरा किया जाएगा। तकनीकी साधनों और स्थानीय नेतृत्व के सहयोग से अस्पृश्यता जैसी पुरानी कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे। इस पहल से कर्मचारियों, छात्रों और ग्रामीणों के बीच विश्वास का पुल मजबूत होगा, जिससे सतत विकास और सामाजिक समरसता की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन संभव होगा। साथ ही, भविष्य में स्कूलों और कॉलेजों के साथ साझेदारी कर युवा वर्ग में समानता की भावना को और सुदृढ़ किया जाएगा।