सिवनी में वित्तीय साक्षरता शिविर: 300 छात्रों को बैंकिंग सुरक्षा की शिक्षा

(अशोक सोनी)
सिवनी (साई)। 22 सितंबर 2026 को जिला स्तरीय वित्तीय साक्षरता अभियान के तहत एक विशेष शिविर आयोजित किया गया। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के निर्देशन में भारतीय रिज़र्व बैंक के अग्रणी विकास अधिकारी धीरज गुप्ता, सिवनी बैंक के प्रवीण कुमार दिसोरिया और विद्यालय प्राचार्य सुनीता पटेल ने मिलकर लगभग 300 कक्षा 9‑12 के छात्रों को वित्तीय प्रबंधन, बचत और डिजिटल सुरक्षा के महत्व से अवगत कराया। यह पहल छात्रों को भविष्य में सुरक्षित वित्तीय निर्णय लेने के लिए तैयार करने के उद्देश्य से की गई।

कार्यक्रम विवरण

शिविर में प्रतिभागियों को बचत की आदत, बैंकिंग सेवाओं का सुरक्षित उपयोग, लेन‑देन में सावधानी, ऑनलाइन बैंकिंग और साइबर अपराधों से बचाव के बारे में सरल एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि पिन, पासवर्ड या गुप्त संकेतांक जैसी संवेदनशील जानकारी कभी भी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। छात्रों को अनजान लिंक, संदिग्ध कॉल या संदेशों से बचने, तथा अनजान व्यक्तियों को बैंक संबंधी जानकारी न देने की चेतावनी दी गई। इसके अलावा, आय‑व्यय प्रबंधन, अनावश्यक खर्चों से बचाव और नियमित बचत की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तरी और संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए, जहाँ छात्रों ने डिजिटल भुगतान, साइबर सुरक्षा और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कई प्रश्न पूछे और अधिकारियों ने उन्हें स्पष्ट एवं सहज भाषा में उत्तर दिए। इस इंटरैक्टिव सत्र ने छात्रों की समझ को गहरा किया और वित्तीय साक्षरता के प्रति उनका उत्साह बढ़ाया।

खबर के प्रमुख बिंदु

• कंपनी/संस्था: भारतीय रिज़र्व बैंक, सिवनी बैंक, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय
• आयोजन: वित्तीय साक्षरता शिविर
• स्थान: सिवनी (एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, घंसौर)
• मुख्य उद्देश्य: छात्रों को बचत, सुरक्षित बैंकिंग और साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक करना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: संवेदनशील बैंकिंग जानकारी साझा न करने, अनजान लिंक एवं कॉल से बचाव, नियमित बचत की आदत विकसित करना
• लक्ष्य: 300 छात्रों में वित्तीय जागरूकता का स्तर बढ़ाना और भविष्य में सुरक्षित वित्तीय व्यवहार को प्रोत्साहित करना

वित्तीय साक्षरता शिविर ने छात्रों को आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था में सुरक्षित रूप से भाग लेने के लिए आवश्यक ज्ञान प्रदान किया। निरंतर जागरूकता कार्यक्रम, प्रौद्योगिकी‑सहायता प्रशिक्षण और नियमित समीक्षा से छात्रों की वित्तीय सुरक्षा और बचत की संस्कृति को सुदृढ़ किया जा सकता है। ऐसी पहलें न केवल व्यक्तिगत आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देती हैं, बल्कि समग्र सामाजिक विकास और सतत आर्थिक वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।