राजौदा-केलोद-डबलचौकी मार्ग का भूमि-पूजन: 25 गांव को 70,000 लाभ

(विद्याधर जाधव)
भोपाल (साई)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास जिले के ग्राम केलोद में राजौदा‑केलोद‑डबलचौकी मार्ग का भूमि‑पूजन किया। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, विधायक मनोज चौधरी और आशीष शर्मा सहित कई प्रमुख अधिकारी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। इस 32 किमी लंबी सड़क का उद्देश्य क्षेत्रीय आर्थिक विकास को तेज़ करना और 25 गांव के 70,000 ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा प्रदान करना है।

मार्ग का विवरण और आर्थिक प्रभाव

राजौदा से शुरू होकर केलोद होते हुए डबलचौकी तक फैला यह राजमार्ग लगभग 98 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित होगा। यह मार्ग हाट पिपल्या को इंदौर‑बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ता है, जिससे देवास मुख्यालय तक की दूरी 40‑45 किमी घटेगी। स्थानीय व्यापारियों को बाजार तक तेज़ पहुँच, कृषि उत्पादों की त्वरित डिलीवरी और रोजगार सृजन के नए अवसर मिलेंगे। सरकार ने इस परियोजना को क्षेत्रीय समृद्धि का मुख्य आधार बताया है।

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सुरक्षा, तकनीकी एवं पर्यावरणीय पहल

निर्माण में आधुनिक जियो‑टेक्निकल सर्वेक्षण, ड्रेनेज सिस्टम और रेनफॉरेस्टिंग उपाय अपनाए गए हैं। सड़क की सतह को टिकाऊ एएस्फाल्ट से लेपित किया जाएगा, जिससे वर्षा के समय भी सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण के तहत 500 पेड़ लगाकर हरित आवरण बढ़ाने का वचन दिया गया है। इन तकनीकी उपायों से दुर्घटना दर घटेगी और दीर्घकालिक रखरखाव लागत में कमी आएगी।

खबर के प्रमुख बिंदु

• कंपनी: राज्य सरकार (Madhya Pradesh)
• आयोजन: राजौदा‑केलोद‑डबलचौकी मार्ग का भूमि‑पूजन
• स्थान: ग्राम केलोद, देवास
• मुख्य उद्देश्य: 25 गांव के 70,000 ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा देना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: 98 करोड़ रुपये की निवेश, 32 किमी लंबी सड़क, 500 पेड़ लगाना
• लक्ष्य: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सुधार, आर्थिक विकास, रोजगार सृजन

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राजौदा‑केलोद‑डबलचौकी मार्ग का पूर्ण होना प्रदेश की बुनियादी ढाँचा योजना में एक मील का पत्थर है। नियमित निगरानी, आधुनिक तकनीक और सतत पर्यावरणीय उपायों के साथ यह परियोजना न केवल आवागमन को आसान बनाएगी बल्कि स्थानीय उद्योगों को भी सशक्त करेगी। भविष्य में इसी तरह की पहलें क्षेत्रीय समृद्धि और सतत विकास के लिए प्रेरक सिद्ध होंगी।