प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवरात्र में ही फेंट सकते हैं पत्ते!
मंत्रियों की विजन रिपोर्ट, परफार्मेंस आडिट, जनता का मूड भांपते हुए ही होगा मंत्रीमण्डल विस्तार . . .
(लिमटी खरे)
अपनी तीसरी पारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा 09 जून 2024 को अपने सहयोगी 71 केंद्रीय मंत्रियों जिसमें 30 कैबनेट मंत्री, 05 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं 36 राज्य मंत्रियों के साथ शपथ ली थी। उसके अगले ही दिन 10 जून 2024 को मंत्रियों के मंत्रालयों और विभागों का बटवारा किया गया था। इसके बाद से अब तक मंत्रीमण्डल में विस्तार नहीं किया गया है।
07 लोक कल्याण मार्ग (प्रधानमंत्री आवास) के भरोसेमंद सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि लगभग दो सालों में मंत्रियों का परफार्मेंस इस दफा बहुत ज्यादा अच्छा नहीं माना जा रहा है। पहली बार जिस तरह लोक कल्याण को प्रथमिकता दी जा रही थी, वह दूसरी और तीसरी दफा गुणोत्तर क्रम में कम ही होती चली गई।

सूत्रों का कहना था कि प्रधानमंत्री पर संघ सहित संगठन का दबावा है कि जनता के बीच सरकार के खिलाफ आक्रोश उबलकर सतह पर आता जा रहा है। जेन जी का आंदोलन इसका एक उदहारण माना जा सकता है। सरकार ने अपनी चतुराई से इस अंदोलन के गुब्बारे में पिन टोंचकर इसे पंचर जरूर कर दिया है पर असंतोष का लावा खदबदाता ही दिख रहा है।
सूत्रों की मानें तो सरकार को इंटेलीजेंस का इनपुट भी बहुत अच्छा नहीं मिल रहा है। वह तो कांग्रेस के राहुल गांधी के कदमताल इस तरह के हैं कि वह भाजपा के खिलाफ चल रहे इस असंतोष को बहुत ज्यादा हवा नहीं दे पा रहे हैं, वरना नरेंद्र मोदी को एक दिन भी सरकार चलाना दुष्कर साबित हो सकता था।
वहीं भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय दीनदयाल मार्ग,आईटीओ से छन छन कर जो खबरें बाहर आ रही हैं उसके अनुसार मंत्रीमण्डल विस्तार या फेरबदल के लिए नरेंद्र मोदी पर दबाव चरम पर है। कुछ समय पहले तक माना जा रहा था कि नरेंद्र मोदी मंत्रीमण्डल का विस्तार गणेशोत्सव में ही किया जा सकता था, पर नरेंद्र मोदी की पूर्व से तय व्यस्तताओं के चलते यह संभव दिखाई नहीं दे रहा है। अब यह माना जा रहा है कि 26 सितंबर से पितृपक्ष आरंभ हो रहा है। इन 15 दिनों में कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता है, इसलिए अब विस्तार नवरात्र तक टलना अवश्यंभावी ही माना जा रहा है।
पीएमओ के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि रविवार 20 सितंबर गुजर गया। 21 को वे दिल्ली में पर बहुत ज्यादा व्यस्त हैं। 22 से संभवतः वाराणसी के दौरे पर रहेंगे पीएम, फिर 23 व 24 को वे दिल्ली में रहेंगे। दिल्ली में नरेंद्र मोदी अपने मंत्रियों के साथ चिंतन बैठक में रहेंगे।
इस चिंतन बैठक की तैयारियां मंत्रियों के द्वारा जोर शोर से की जा रही हैं। इस बार मंत्रियों को आठ आठ के समूहों में बांटा गया है। मंत्रियों को विजन रिपोर्ट साझा करने को भी कहा गया है। वहीं दूसरी ओर पीएमओ के अफसरों के द्वारा मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड और इंटेलिजेंस इनपुट सभी को हर एंगल से खंगाला जा रहा है ताकि पीएम के साथ बैठक के द्वौरान प्रधानमंत्री अपडेटेड रहें।
सूत्रों ने इस बात के संकेत भी दिए हैं कि पीएमओ के अफसरों के द्वारा मंत्रियों के द्वारा दिए गए प्रेजेंटेशन को हर एंगल से खंगालकर उस आधार पर उनके काम काज की समीक्षा कर मंत्रियों को अंक प्रदाय किए जा सकते हैं, पर इस प्रक्रिया में कम से कम दो सप्ताह का समय लगने की उम्मीद है। यह काम पितृ पक्ष में किए जाने की उम्मीद है।
सूत्रों ने इस बात की उम्मीद जताई है कि अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो नवरात्र के दो तीन दिनों में ही नरेंद्र मोदी अपने पत्ते फेंटकर मंत्रीमण्डल में फेरबदल और विस्तार भी कर सकते हैं। इसी दौरान दीपावली के पहले ही केंद्र सरकार के द्वारा मानसून का बचा सत्र आहूत कर परिसीमन विधेयक पेश करने की संभावनाओं को भी टटोल सकती है।
(लेखक समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के संपादक हैं)
(साई फीचर्स)