(स्वाति खरे)
भोपाल (साई)। राज्य के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में 19 सितंबर को सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7,400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी प्रदान करने का कार्यक्रम आयोजित किया। यह वितरण ‘मुख्यमंत्री स्कूटी योजना’ के तहत किया गया, जिसका लक्ष्य कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में 70% अंक के साथ प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को शैक्षणिक प्रोत्साहन देना है।
योजना का विवरण
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत इलेक्ट्रिक स्कूटी (ई-स्कूटी) की अधिकतम कीमत 1.20 लाख रुपये निर्धारित की गई है। योजना सभी संकायों के छात्रों को समान रूप से लाभान्वित करती है, बशर्ते वे शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ रहे हों और निर्धारित शैक्षणिक मानदंड पूरे करें। अब तक 23,000 से अधिक पात्र छात्रों को विभिन्न प्रकार की स्कूटी प्रदान की जा चुकी है, जिससे इस वर्ष के वितरण में ई-स्कूटी की प्राथमिकता स्पष्ट है।
वितरण कार्यक्रम और तकनीकी पहल
वितरण समारोह में मुख्यमंत्री के साथ शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख, स्कूल प्रिंसिपल और चयनित छात्रों के अभिभावक उपस्थित थे। ई-स्कूटी की डिलीवरी के लिए डिजिटल रजिस्ट्रेशन प्रणाली का उपयोग किया गया, जिससे पारदर्शिता और त्वरित सत्यापन सुनिश्चित हुआ। इलेक्ट्रिक वाहन की पर्यावरणीय लाभों को देखते हुए, इस पहल को सतत विकास के साथ जोड़ते हुए राज्य ने चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की योजना भी घोषित की है।
खबर के प्रमुख बिंदु
• योजना: मुख्यमंत्री स्कूटी योजना
• लाभार्थी: 7,400 मेधावी विद्यार्थी
• आयोजन: ई-स्कूटी वितरण समारोह
• स्थान: शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय, शिवाजी नगर, भोपाल
• मुख्य उद्देश्य: शैक्षणिक प्रोत्साहन एवं यात्रा सुविधा
• प्रमुख घोषणा: इलेक्ट्रिक स्कूटी के साथ पर्यावरण‑स्नेही पहल
• लक्ष्य: 2025‑26 शैक्षणिक सत्र में सभी पात्र छात्रों को स्कूटी प्रदान करना
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का निरंतर विस्तार छात्रों के शैक्षणिक उत्साह को बढ़ावा देगा और उच्च शिक्षा की ओर उनका मार्ग सुगम बनाएगा। इलेक्ट्रिक स्कूटी के माध्यम से न केवल यात्रा में सुविधा होगी, बल्कि पर्यावरणीय प्रभाव को भी कम किया जाएगा। नियमित समीक्षा और तकनीकी उन्नयन के साथ यह पहल राज्य के शैक्षिक विकास और सतत परिवहन नीति के साथ सामंजस्य स्थापित करती है, जिससे भविष्य में और अधिक छात्रों को समान लाभ मिलने की संभावना है।