(स्वाति खरे)
भोपाल (साई)। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी फेज‑2 में सीमेंस एनर्जी इंडिया लिमिटेड को 60.49 एकड़ भूमि का आशय पत्र (Letter of Intent) आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सौंपा। कंपनी ने लगभग 2,053 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे राज्य में बड़ी क्षमता वाला पॉवर ट्रांसफार्मर निर्माण केंद्र स्थापित होगा। यह कदम न केवल ऊर्जा उपकरण निर्माण को सुदृढ़ करेगा, बल्कि 1,500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगा।
परियोजना का विवरण और आर्थिक प्रभाव
सीमेंस एनर्जी इंडिया की नई इकाई में उच्च वोल्टेज ट्रांसफार्मर, स्विचगियर और संबंधित घटकों का उत्पादन होगा। प्रस्तावित सुविधा में आधुनिक उत्पादन लाइन, स्वचालित परीक्षण केंद्र और पर्यावरण‑अनुकूल तकनीकें स्थापित की जाएँगी। निवेश के साथ ही राज्य को तकनीकी हस्तांतरण, कौशल विकास और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने का अवसर मिलेगा। अनुमानित वार्षिक उत्पादन क्षमता के आधार पर मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय विद्युत अवसंरचना में प्रमुख योगदानकर्ता बनने की संभावना है।
रोजगार एवं राज्य की औद्योगिक नीति
प्रोजेक्ट के तहत 1,500 से अधिक कुशल एवं अर्द्ध‑कुशल कर्मियों को रोजगार मिलेगा, जिसमें इंजीनियरिंग, उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण और प्रबंधन के पद शामिल हैं। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (MPIDC) ने भूमि उपलब्ध कराकर निवेश को तेज़ी से कार्यान्वित करने का समर्थन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुकूल नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी और विश्वस्तरीय औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण मध्यप्रदेश अब निवेशकों के लिए प्रमुख गंतव्य बन रहा है।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: Siemens Energy India Ltd.
• आयोजन: आशय पत्र सौंपना
• स्थान: उज्जैन, विक्रम उद्योगपुरी फेज‑2
• मुख्य उद्देश्य: पॉवर ट्रांसफार्मर निर्माण इकाई स्थापित करना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: 2,053 करोड़ रुपये निवेश, 1,500+ रोजगार
• लक्ष्य: मध्यप्रदेश को ऊर्जा उपकरण विनिर्माण केंद्र बनाना
सीमेंस एनर्जी इंडिया की इस पहल से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास की गति तेज़ होगी और राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को भी बल मिलेगा। नियमित निवेश, तकनीकी उन्नति और कुशल मानव संसाधन पर केंद्रित रणनीति न केवल आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि सतत विकास और रोजगार सृजन के लिए एक मॉडल स्थापित करेगी। आगे भी सरकार की सहयोगी नीति और उद्योग‑शिक्षा साझेदारी इस परियोजना को सफल बनाते रहने की आशा है।