(ब्यूरो कार्यालय)
इंदौर (साई)। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना के मुद्दे पर केंद्र और राज्य शासन को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पूछा है कि मध्य प्रदेश के सबसे बड़े व्यावसायिक शहर इंदौर में जीएसटी ट्रिब्यूनल क्यों नहीं है। यह नोटिस मप्र टैक्स कंसल्टेंट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया। एसोसिएशन ने तर्क दिया है कि इंदौर में जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना न होना करदाताओं के लिए न्याय तक पहुंच को प्रभावित करता है।
जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना का मुद्दा
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना के मुद्दे पर केंद्र और राज्य शासन को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पूछा है कि मध्य प्रदेश के सबसे बड़े व्यावसायिक शहर इंदौर में जीएसटी ट्रिब्यूनल क्यों नहीं है।
यह नोटिस मप्र टैक्स कंसल्टेंट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया। एसोसिएशन ने तर्क दिया है कि इंदौर में जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना न होना करदाताओं के लिए न्याय तक पहुंच को प्रभावित करता है।
जीएसटी ट्रिब्यूनल की आवश्यकता
जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि यह करदाताओं के लिए न्याय तक पहुंच को आसान बनाता है। जीएसटी ट्रिब्यूनल में करदाता अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं और न्याय प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अलावा, जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना से करदाताओं को अपने मामलों को सुनवाई के लिए दूसरे शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह उनके लिए समय और पैसे की बचत करेगा।
जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना में देरी
जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना में देरी के कारणों का पता लगाने के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य शासन को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पूछा है कि मध्य प्रदेश के सबसे बड़े व्यावसायिक शहर इंदौर में जीएसटी ट्रिब्यूनल क्यों नहीं है।
कोर्ट ने यह भी पूछा है कि जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना के लिए केंद्र और राज्य शासन ने क्या कदम उठाए हैं। कोर्ट ने शासन को छह सप्ताह में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
- जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना की आवश्यकता है
- जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना से करदाताओं को न्याय तक पहुंच को आसान बनाया जा सकता है
- जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना में देरी के कारणों का पता लगाने के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य शासन को नोटिस जारी किया है
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के नोटिस के बाद केंद्र और राज्य शासन को जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना होगा। जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना से करदाताओं को न्याय तक पहुंच को आसान बनाया जा सकता है।
इसके अलावा, जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना से करदाताओं को अपने मामलों को सुनवाई के लिए दूसरे शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह उनके लिए समय और पैसे की बचत करेगा। जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना के बारे में अधिक जानकारी के लिए जीएसटी समाचार और कर समाचार पर जाएं।

कर्नाटक की राजधानी बंग्लुरू में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो के रूप में कार्यरत श्वेता यादव ने नई दिल्ली के एक ख्यातिलब्ध मास कम्यूनिकेशन इंस्टीट्यूट से पोस्ट ग्रेजुएशन की उपाधि लेने के बाद वे पिछले लगभग 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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