अमेरिका में बढ़ता परजीवी संक्रमण बना चिंता का विषय
(श्वेता यादव)
बंग्लुरू (साई)।अमेरिका में खाद्य जनित बीमारियों को लेकर एक बार फिर स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इस बार चिंता का कारण साइक्लोस्पोरियासिस (Cyclosporiasis) नामक परजीवी संक्रमण है, जिसके मामले कई राज्यों में तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि ओरेगन (Oregon) में स्थिति अभी भी अपेक्षाकृत नियंत्रित बनी हुई है।
राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार मई और जून के दौरान केवल सात-सात मामलों की पुष्टि हुई है। यह संख्या उन राज्यों की तुलना में काफी कम है जहां संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार निगरानी बनाए हुए हैं क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण की स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
क्या है Cyclosporiasis?
साइक्लोस्पोरियासिस एक परजीवी (Parasite) से होने वाला संक्रमण है, जो मुख्य रूप से छोटी आंत को प्रभावित करता है। इसका कारण Cyclospora cayetanensis नामक सूक्ष्म परजीवी होता है। यह संक्रमण अक्सर दूषित खाद्य पदार्थों या दूषित पानी के सेवन से फैलता है।
यह बीमारी विशेष रूप से उन खाद्य पदार्थों से जुड़ी मानी जाती है जिन्हें बिना पकाए खाया जाता है। इनमें शामिल हैं—
- सलाद पत्तियां
- हरी पत्तेदार सब्जियां
- ताजे फल
- बिना पकी सब्जियां
- दूषित पानी
यदि इन खाद्य पदार्थों में परजीवी मौजूद हो तो संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है।
ओरेगन में कितने मामले सामने आए?
ओरेगन स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार—
- मई में 7 मामले दर्ज हुए।
- जून में भी 7 मामले सामने आए।
- किसी भी मामले का संबंध किसी साझा खाद्य स्रोत से नहीं मिला।
- किसी बड़े सामुदायिक प्रकोप की पुष्टि नहीं हुई।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना संभव नहीं है कि भविष्य में मामलों की संख्या बढ़ेगी या नहीं। राष्ट्रीय स्तर पर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
अन्य राज्यों में क्यों बढ़ रहे हैं मामले?
राष्ट्रीय स्तर पर स्थिति ओरेगन से अलग दिखाई दे रही है। कई राज्यों में संक्रमण के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल हैं—
- मिशिगन
- न्यूयॉर्क
- इलिनॉय
- टेक्सास
इन राज्यों में स्वास्थ्य एजेंसियां संक्रमण के स्रोत की पहचान करने में जुटी हुई हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कौन-सा खाद्य उत्पाद या आपूर्ति श्रृंखला इस संक्रमण के लिए जिम्मेदार है।
स्वास्थ्य एजेंसियों की निगरानी जारी
राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य अधिकारी लगातार मामलों का विश्लेषण कर रहे हैं। हालांकि कई राज्यों में संक्रमण के बढ़ते मामलों ने निगरानी प्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर संक्रमण के स्रोत की पहचान हो जाती है तो आगे फैलाव को काफी हद तक रोका जा सकता है। फिलहाल विभिन्न राज्यों से प्राप्त आंकड़ों का अध्ययन किया जा रहा है ताकि संभावित जोखिमों की पहचान की जा सके।
किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए?
Cyclosporiasis के लक्षण सामान्य पेट संबंधी बीमारी जैसे लग सकते हैं, लेकिन कई मामलों में ये लंबे समय तक बने रह सकते हैं।
मुख्य लक्षण—
- पानी जैसे दस्त
- बार-बार तेज दस्त
- पेट में मरोड़
- भूख कम लगना
- मतली
- गैस और पेट फूलना
- कमजोरी
- वजन कम होना
- थकान
कुछ मरीजों में लक्षण कुछ दिनों के लिए दिखाई देते हैं, जबकि कुछ मामलों में बीमारी कई सप्ताह तक बनी रह सकती है।
संक्रमण कैसे फैलता है?
यह बीमारी व्यक्ति से व्यक्ति में सामान्य रूप से नहीं फैलती।
संक्रमण मुख्य रूप से होता है—
- दूषित सब्जियां खाने से
- दूषित फल खाने से
- दूषित पानी पीने से
- संक्रमित खाद्य पदार्थों के सेवन से
विशेषज्ञों के अनुसार यह परजीवी खेतों, सिंचाई के पानी या खाद्य प्रसंस्करण के दौरान खाद्य पदार्थों तक पहुंच सकता है।
क्यों बढ़ जाती है जोखिम की संभावना?
कुछ परिस्थितियां संक्रमण का खतरा बढ़ा सकती हैं—
- बिना धोए फल खाना
- बिना धोई सब्जियां खाना
- पहले से कटे हुए सलाद का सेवन
- असुरक्षित पेयजल
- खराब स्वच्छता
यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ भोजन तैयार करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।
पहले के वर्षों की तुलना में क्या स्थिति है?
ओरेगन के पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि वर्तमान स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है।
हाल के वर्षों में—
- जून 2024 में 12 मामले दर्ज हुए थे।
- जुलाई 2025 में भी 12 मामलों की पुष्टि हुई थी।
- वर्तमान वर्ष में मई और जून दोनों महीनों में केवल 7-7 मामले दर्ज किए गए।
इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल राज्य में संक्रमण नियंत्रित स्तर पर है। हालांकि विशेषज्ञ लगातार निगरानी बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं।
क्या इलाज संभव है?
विशेषज्ञों के अनुसार Cyclosporiasis का उपचार संभव है।
इलाज में शामिल हो सकता है—
- चिकित्सकीय सलाह के अनुसार एंटीबायोटिक दवाएं
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीना
- शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करना
- आराम करना
- पौष्टिक भोजन लेना
स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली वाले कई लोगों में संक्रमण बिना अतिरिक्त उपचार के भी ठीक हो सकता है, लेकिन गंभीर लक्षण होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक माना जाता है।
बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ संक्रमण से बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं।
भोजन संबंधी सावधानियां
- फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोएं।
- जहां संभव हो भोजन पकाकर खाएं।
- पहले से कटे हुए सलाद से बचें।
- साफ पानी का उपयोग करें।
- भोजन तैयार करने से पहले हाथ धोएं।
व्यक्तिगत स्वच्छता
- साबुन से नियमित हाथ धोना।
- रसोई की साफ-सफाई बनाए रखना।
- कच्चे और पके भोजन को अलग रखना।
- दूषित पानी के उपयोग से बचना।
क्या पश्चिमी राज्यों में भी बढ़ सकता है संक्रमण?
हालांकि अभी ओरेगन में मामले सीमित हैं, लेकिन कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि यदि संक्रमण का स्रोत व्यापक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ा हुआ पाया गया तो पश्चिमी राज्यों में भी मामलों की संख्या बढ़ सकती है।
इसी कारण स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी रख रहा है और अन्य राज्यों के आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है।
खाद्य सुरक्षा क्यों बनी बड़ी चुनौती?
आज वैश्विक खाद्य आपूर्ति प्रणाली पहले की तुलना में कहीं अधिक व्यापक हो चुकी है। एक ही खाद्य उत्पाद कई राज्यों तक पहुंचता है।
यदि किसी स्तर पर खाद्य पदार्थ दूषित हो जाए तो उसका प्रभाव बड़े भौगोलिक क्षेत्र तक फैल सकता है। इसलिए खाद्य सुरक्षा, गुणवत्ता जांच और आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रभाव
ऐसे संक्रमण केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहते बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी प्रभाव डालते हैं।
इनका असर—
- अस्पतालों पर बढ़ता दबाव
- खाद्य सुरक्षा जांच में वृद्धि
- सार्वजनिक जागरूकता अभियान
- कृषि और खाद्य उद्योग की निगरानी
- संक्रमण नियंत्रण कार्यक्रमों पर अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता
यदि समय रहते संक्रमण को नियंत्रित नहीं किया जाए तो इसका आर्थिक और सामाजिक प्रभाव भी दिखाई दे सकता है।
विशेषज्ञों की राय
सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि संक्रमण के स्रोत की पहचान होने तक लोगों को स्वच्छ भोजन, सुरक्षित पानी और व्यक्तिगत स्वच्छता के नियमों का पालन करना चाहिए।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार दस्त, कमजोरी या पेट संबंधी गंभीर परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना उचित रहेगा।
आगे क्या हो सकता है?
राष्ट्रीय स्तर पर जांच पूरी होने के बाद संक्रमण के वास्तविक स्रोत की जानकारी सामने आ सकती है। यदि किसी विशेष खाद्य उत्पाद की पुष्टि होती है तो संबंधित एजेंसियां आवश्यक कदम उठा सकती हैं।
भविष्य में संभावित कदम—
- खाद्य स्रोत की पहचान
- प्रभावित उत्पादों की निगरानी
- सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह जारी करना
- संक्रमण की रिपोर्टिंग बढ़ाना
- खाद्य सुरक्षा मानकों को और मजबूत करना
अमेरिका के कई राज्यों में Cyclosporiasis संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, लेकिन ओरेगन में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में दिखाई दे रही है। राज्य में दर्ज मामलों की संख्या अपेक्षाकृत कम है और अब तक किसी साझा खाद्य स्रोत की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी विशेषज्ञ सावधानी बरतने, स्वच्छ भोजन और सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने तथा लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दे रहे हैं। आने वाले दिनों में राष्ट्रीय जांच के परिणाम यह स्पष्ट करेंगे कि संक्रमण का वास्तविक स्रोत क्या है और आगे इसकी दिशा कैसी रह सकती है।

कर्नाटक की राजधानी बंग्लुरू में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो के रूप में कार्यरत श्वेता यादव ने नई दिल्ली के एक ख्यातिलब्ध मास कम्यूनिकेशन इंस्टीट्यूट से पोस्ट ग्रेजुएशन की उपाधि लेने के बाद वे पिछले लगभग 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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