कहते हैं — “जहां गुरु हों, वहां ज्ञान बरसे।” लेकिन अगर चेला ज़्यादा “खुजलीदार” निकले, तो ज्ञान नहीं, हंसी बरस पड़ती है! ऐसा ही कुछ […]