(हेमेन्द्र क्षीरसागर) भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो केवल अपने समय के नेता नहीं रहते, बल्कि युग-पुरुष बन जाते हैं। […]