देश की सबसे बड़ी पंचायत की गरिमा को कैसे रखा जाएगा बरकरार . . .

फरवरी 2026 में संसद के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव बिना प्रधानमंत्री के जवाब के पारित होना एक असामान्य राजनीतिक घटना बन गई। इस घटनाक्रम ने संसदीय परंपराओं, सत्ता-विपक्ष टकराव और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर नई बहस छेड़ दी है। इसका असर संसद की कार्यप्रणाली, राजनीतिक समीकरण और लोकतांत्रिक संवाद पर पड़ सकता है।

लिमटी की लालटेन 756

लोकसभा में परंपरा पर सवाल: पीएम के जवाब बिना धन्यवाद प्रस्ताव पास, संसद की गरिमा और राजनीति पर बड़ा प्रभाव

शर्मनाक, जून 2004 के बाद फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री बहस में विपक्ष के आरोपों का जवाब नहीं दे पाए . . .