(ब्यूरो कार्यालय)
रीवा (साई)।विन्ध्य क्षेत्र में स्वास्थ्य और मानवता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पहली बार श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय अंतर्गत संजय गांधी अस्पताल, रीवा में स्किन डोनेशन का आयोजन हुआ। यह घटना न केवल चिकित्सा क्षेत्र के लिए बल्कि आम नागरिकों के लिए भी प्रेरणास्पद है।
उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मई 2025 में रीवा में स्किन बैंक के शुभारंभ अवसर पर लोगों से अंगदान करने की अपील की थी। उनका कहना था कि अंगदान महादान है और इससे कई निराश जीवन में आशा का प्रकाश लाया जा सकता है। उनकी इस पहल का सकारात्मक परिणाम सामने आया है।

प्रेरणादायक घटना
रीवा निवासी स्वर्गीय शिवेन्द्र कुमार पाण्डेय के निधन के पश्चात उनकी पत्नी, श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय, जिन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग में कटनी जिले की जिला कार्यक्रम अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, ने स्किन डोनेशन का निर्णय लिया। यह पहल विन्ध्य क्षेत्र में पहली बार हुई है।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि स्वर्गीय शिवेन्द्र पाण्डेय के परिजनों द्वारा किया गया यह प्रेरणादायक कार्य कई जिंदगियों को बचाने में सहायक होगा। उन्होंने कहा, “अंगदान से बड़ा कोई दान नहीं है।”
श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय में प्रक्रिया
शिवेन्द्र पाण्डेय की स्किन हार्वेस्टिंग का कार्य श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय के प्लास्टिक सर्जरी विभाग द्वारा किया गया। इस प्रक्रिया का नेतृत्व डॉ. सौरभ सक्सेना और डॉ. अजय पाठक ने किया।
हार्वेस्ट की गई स्किन को स्किन बैंक में सुरक्षित किया गया। इसके बाद इसे माइक्रोबायोलॉजिकल और बायोकेमिकल परीक्षणों के माध्यम से प्रोसेस किया जाएगा। आवश्यकतानुसार यह गंभीर रूप से जले हुए मरीजों में प्रत्यारोपित की जा सकेगी।
साथ ही स्वर्गीय श्री पाण्डेय की कार्निया भी उनके परिजनों ने दान की। इससे दृष्टिहीन मरीजों को रोशनी मिल सकेगी।
प्रक्रिया और सुरक्षा मानक
डॉ. सौरभ सक्सेना के अनुसार, दुर्घटना या बीमारी से मृत्यु के चार से छह घंटे के भीतर स्किन हार्वेस्टिंग की जाती है और मृतक का शरीर परिजनों को सौंप दिया जाता है।
श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय में डीन डॉ. सुनील अग्रवाल के मार्गदर्शन में स्किन डोनेशन और ऑर्गन डोनेशन से संबंधित जनजागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित किए जा रहे हैं।
स्किन बैंक और संरक्षण
प्लास्टिक सर्जरी विभाग के स्किन बैंक में दानदाताओं से प्राप्त स्किन को छह महीने से दो साल तक सुरक्षित रखा जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर इसे जोखिम रहित तरीके से जरूरतमंद मरीजों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्किन बैंक में सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए, सभी जैविक और रासायनिक परीक्षण किए जाते हैं ताकि मरीजों को संक्रमण या अन्य समस्याओं से बचाया जा सके।
अंगदान और मानवता
अंगदान महादान है और यह न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाने का कार्य करता है। यह जीवन की अनमोल देन है।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि अंगदान से कई निराश जीवन में नई उम्मीदें जगी हैं। उन्होंने विन्ध्य क्षेत्र के नागरिकों को प्रेरित किया कि वे भी अंगदान में हिस्सा लें और मानवता की सेवा में योगदान दें।
रीवा और विन्ध्य क्षेत्र में जागरूकता
रीवा और विन्ध्य क्षेत्र में अंगदान और स्किन डोनेशन के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ रही है। अस्पताल और प्रशासन द्वारा नियमित जनजागरूकता कार्यक्रम, सेमिनार और कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
स्किन डोनेशन के महत्व को समझने के लिए स्थानीय समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
अन्य अंगदान पहलें
- कार्निया डोनेशन
- किडनी, हृदय और लीवर डोनेशन
- हड्डी और त्वचा का दान
इन पहलों से अनेक मरीजों को नई जिंदगी मिलती है। स्वर्गीय पाण्डेय की स्किन और कार्निया डोनेशन एक प्रेरक उदाहरण है।
विशेषज्ञों की राय
डॉ. सौरभ सक्सेना और डॉ. अजय पाठक का कहना है कि अंगदान न केवल मृतक के परिवार को संतोष देता है, बल्कि यह समाज में मानवता की भावना को भी मजबूत करता है।
डॉ. सुनील अग्रवाल ने कहा कि ऐसे प्रेरणादायक कार्यों से लोगों में अंगदान के प्रति रुचि और विश्वास बढ़ता है।
भविष्य की योजनाएँ
- विन्ध्य क्षेत्र में और अधिक स्किन बैंक स्थापित करना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में अंगदान जागरूकता अभियान।
- अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षण और कार्यशालाएँ।
इस तरह के कदम आने वाले समय में अंगदान को सामान्य नागरिकों के बीच और लोकप्रिय बनाएंगे।
Conclusion (निष्कर्ष)
विन्ध्य क्षेत्र में पहली बार स्किन डोनेशन का यह उदाहरण मानवता और सामाजिक जागरूकता की मिसाल है। स्वर्गीय शिवेन्द्र कुमार पाण्डेय के परिजनों द्वारा किया गया यह कार्य कई मरीजों के जीवन में आशा और स्वास्थ्य लेकर आएगा।
उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने इस पहल को सराहा और लोगों से अपील की कि वे अंगदान में भाग लें। स्किन डोनेशन और अन्य अंगदान न केवल मरीजों की जान बचाने में मदद करता है, बल्कि यह समाज में मानवता और सेवा की भावना को मजबूत करता है।
विन्ध्य क्षेत्र में स्किन डोनेशन ने एक नई प्रेरणा और उम्मीद की किरण जगाई है।

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