शहरीकरण आज की सबसे बड़ी जरूरत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव, अर्बन ट्रांसफार्मेशन समिट-2025 में बोले – ग्रीन और क्लीन सिटीज की ओर बड़ा कदम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शहरीकरण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। ग्रीन और क्लीन सिटीज़ के निर्माण, मेट्रो, स्मार्ट सिटी और डिजिटल सु-शासन की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। अर्बन ट्रांसफार्मेशन समिट-2025 में उन्होंने विकास की नई योजनाओं और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।

(बुद्धसेन शर्मा)

भोपाल (साई)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शहरीकरण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। आधुनिक दौर में नागरिकों का जीवन सुविधाओं से युक्त और सरल बनाने के लिए सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि शहरों का विकास उनकी सांस्कृतिक पहचान और विरासत को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, ताकि आधुनिकता और परंपरा का संतुलन कायम रहे।

✅ ग्रीन और क्लीन सिटीज़ की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रीन और क्लीन सिटीज़ का निर्माण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण और स्वच्छ परिवेश नागरिकों को एक बेहतर भविष्य देगा।

  • शहरी क्षेत्रों में पार्क और हरित क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।
  • प्रदूषण नियंत्रण के लिए EV पॉलिसी लागू की गई है।
  • स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है।

✅ मेट्रो ट्रेन और फ्लाईओवर प्रोजेक्ट

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के बड़े नगरों में मेट्रो ट्रेन सेवा और फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण तेजी से हो रहा है।

  • इंदौर में मेट्रो का संचालन प्रारंभ हो चुका है।
  • भोपाल में अक्टूबर 2025 तक एक कॉरिडोर पर मेट्रो दौड़ने लगेगी।
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट को सुलभ और आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट कार्ड सिस्टम लागू होगा।

✅ स्मार्ट सिटी मिशन और डिजिटल शासन

प्रदेश में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे शहरों में डिजिटल शासन लागू किया गया है।

  • इंदौर लगातार 8 वर्षों से देश का सबसे स्वच्छ शहर बना हुआ है।
  • डिजिटल गवर्नेंस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा दिया गया है।
  • CCTV निगरानी, स्मार्ट लाइटिंग और GIS मैपिंग जैसे नवाचार किए जा रहे हैं।

✅ अफोर्डेबल हाउसिंग और अमृत योजना

सरकार का लक्ष्य है कि हर परिवार को पक्का मकान मिले।

  • अब तक 56 लाख आवास बनाए जा चुके हैं।
  • लगभग 75 लाख घर महिलाओं के नाम पर पंजीकृत हैं।
  • 10 लाख नए घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर 50 हजार करोड़ का निवेश होगा।

अमृत योजना 2.0 के तहत –

  • जल आपूर्ति की 297 परियोजनाओं पर काम हो रहा है।
  • सीवरेज प्रोजेक्ट से 60% शहरी आबादी को लाभ मिलेगा।

✅ विकसित मध्यप्रदेश 2047 और 2 ट्रिलियन इकोनॉमी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक विकसित मध्यप्रदेश का लक्ष्य रखते हुए सरकार 2 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने पर काम कर रही है। इसमें शहरी विकास की बड़ी भूमिका रहेगी।

✅ सिंहस्थ-2028 और परिवहन सुविधाएं

  • सिंहस्थ-2028 से पहले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर परिवहन सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
  • EV पॉलिसी के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा।
  • चार्जिंग स्टेशन और विनिर्माण इकाइयों की स्थापना की जा रही है।

✅ अग्नि एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम 2025

शहरीकरण और औद्योगिकीकरण को देखते हुए सरकार ने “मध्यप्रदेश अग्नि एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम-2025” लागू किया है।

  • इससे आगजनी और आपात स्थितियों से निपटने के लिए आधुनिक ढांचा तैयार होगा।
  • निरीक्षण, सुरक्षा प्रमाणीकरण और प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी।

✅ निजी निवेश और स्थानीय निकायों को मजबूती

डॉ. यादव ने कहा कि स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे रोजगार और आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास होगा।

📊 मुख्य बिंदुओं का सारांश

  1. शहरीकरण आज की सबसे बड़ी जरूरत – CM डॉ. यादव।
  2. ग्रीन और क्लीन सिटीज़ के लिए EV पॉलिसी और प्रदूषण नियंत्रण।
  3. मेट्रो और फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स से आसान यातायात।
  4. स्मार्ट सिटी और डिजिटल शासन से नागरिकों की जिंदगी सरल।
  5. अफोर्डेबल हाउसिंग – 10 लाख नए घरों का लक्ष्य।
  6. 2047तक 2ट्रिलियन इकोनॉमी का संकल्प।
  7. सिंहस्थ-2028 तक नई सुविधाएं।
  8. अग्नि एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम 2025 – सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की नई पहल।
  9. निजी निवेश से नगरीय निकायों की मजबूती।

🏁 निष्कर्ष (Conclusion)

अर्बन ट्रांसफार्मेशन समिट-2025 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संबोधन इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मध्यप्रदेश शहरी विकास की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है। ग्रीन और क्लीन सिटीज़, स्मार्ट सिटी मिशन, मेट्रो और फ्लाईओवर प्रोजेक्ट, अफोर्डेबल हाउसिंग और डिजिटल शासन जैसे प्रयास न केवल नागरिकों का जीवन आसान बनाएंगे, बल्कि प्रदेश को विकसित भारत की दिशा में अग्रसर करेंगे।

शहरीकरण आज की सबसे बड़ी जरूरत है और मध्यप्रदेश इस दिशा में देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभर रहा है।