अंधा बांटे रेवड़ी, चीन्ह-चीन्ह कर देय: टीकमगढ़ में अतिक्रमण हटाओ मुहिम पर उठे सवाल, क्या रसूखदारों के आगे नतमस्तक है प्रशासन?

टीकमगढ़ शहर में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की हालिया कार्रवाई ने ‘अंधा बांटे रेवड़ी, चीन्ह-चीन्ह कर देय’ की कहावत को चरितार्थ कर दिया है। शहर की मुख्य सड़कें और धमनियां अवैध निर्माण के कारण दम तोड़ रही हैं, जिससे आम जनता का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। चुनिंदा जगहों पर की गई दिखावे की कार्रवाई ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जबकि शहर को अब एक निष्पक्ष और व्यापक स्तर के ‘महा-अभियान’ की दरकार है।

अंधा बांटे रेवड़ी, चीन्ह चीन्ह कर देय की तर्ज पर चुनिंदा जगहों पर हटा टीकमगढ़ में अतिक्रमण …
सिकुड़ चुकीं हैं टीकमगढ़ में सड़क रूपी दिल तक पहुंचने वाली धमनियां, बड़ी कार्रवाई की है दरकार . . . .