(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। जिले में महिला सशक्तिकरण और बाल विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस चयन प्रक्रिया के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का प्रयास किया जा रहा है। यह कदम न केवल आंगनवाड़ी सेवाओं को सुदृढ़ करेगा, बल्कि स्थानीय महिलाओं को रोजगार का अवसर भी प्रदान करेगा।
नियुक्ति से संबंधित शर्तें, शैक्षणिक एवं अन्य योग्यता संबंधी संपूर्ण जानकारी चयन पोर्टल https://chayan.mponline.gov.in के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।
आंगनवाड़ी व्यवस्था देश की सामाजिक संरचना का एक अहम हिस्सा है। गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की जिम्मेदारी आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से निभाई जाती है। मध्यप्रदेश के ग्रामीण अंचलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं जमीनी स्तर पर इस योजना की रीढ़ मानी जाती हैं।
पिछले कुछ वर्षों में कई केंद्रों पर पद रिक्त होने के कारण सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। सिवनी जिले में भी अनेक आंगनवाड़ी केंद्र ऐसे थे, जहां कार्यकर्ता या सहायिका के पद खाली थे। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने वर्ष 2026 की शुरुआत में भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की है।
🆕 वर्तमान स्थिति / Latest Developments
महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए 31 दिसंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन प्रक्रिया चयन पोर्टल के माध्यम से पूरी की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और समयबद्ध चयन सुनिश्चित किया जा सके।
सिवनी ग्रामीण-2 परियोजना में रिक्त पद
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
- छिडिया पलारी
- मैली
- आंगनवाड़ी सहायिका
- पिपरिया
- बलारपुर-1
धनौरा परियोजना में रिक्त पद
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
- घोघरीमाल
- नाई पिपरिया-1
- गनेरी-2
- बरबसपुर
- आंगनवाड़ी सहायिका
- थांवरी
- सर्रा
- गनेरी-1
- मढदेवरी-2
- घाट पिपरिया
इन पदों के लिए पात्र महिलाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
🏛️ प्रशासनिक दृष्टिकोण और प्रक्रिया
प्रशासनिक स्तर पर यह भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि चयन प्रक्रिया में शैक्षणिक योग्यता, स्थानीय निवास और निर्धारित मापदंडों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
भर्ती प्रक्रिया का उद्देश्य केवल पदों को भरना नहीं है, बल्कि आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाना भी है। लंबे समय से रिक्त पदों के कारण कई केंद्रों में सेवाएं प्रभावित हो रही थीं, जिन्हें अब सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा।
📊 आंकड़े, तथ्य और विश्लेषण
सिवनी जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों की संख्या सैकड़ों में है। इनमें से कुछ केंद्रों पर कार्यकर्ता या सहायिका के पद खाली होने से:
- बच्चों के पोषण कार्यक्रम प्रभावित हो रहे थे
- गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी नहीं हो पा रही थी
- टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच में देरी हो रही थी
विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि यदि समय पर भर्ती नहीं की जाती, तो सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाता। वर्तमान भर्ती प्रक्रिया इन सभी समस्याओं के समाधान की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
👩👧👦 सामाजिक प्रभाव / Social Impact
इस भर्ती का सबसे बड़ा सामाजिक प्रभाव ग्रामीण महिलाओं पर पड़ेगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पद पर नियुक्ति से:
- महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा
- आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी
- सामाजिक सम्मान और पहचान मजबूत होगी
- परिवार की आय में स्थायित्व आएगा
इसके साथ ही बच्चों और माताओं को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
🏘️ आम जनता पर असर
ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केंद्र केवल सरकारी कार्यालय नहीं, बल्कि सामाजिक गतिविधियों का केंद्र होते हैं। यहां पोषण आहार, स्वास्थ्य परामर्श और प्रारंभिक शिक्षा दी जाती है। रिक्त पदों की पूर्ति होने से:
- बच्चों को नियमित पोषण मिलेगा
- गर्भवती और धात्री महिलाओं को समय पर सेवाएं मिलेंगी
- स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभाव बढ़ेगा
आम जनता को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा, जिससे क्षेत्र का सामाजिक और स्वास्थ्य स्तर बेहतर होगा।
📌 पात्रता और योग्यता की भूमिका
हालांकि विस्तृत शर्तें चयन प्रक्रिया के अंतर्गत निर्धारित हैं, लेकिन सामान्य तौर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के लिए स्थानीय निवासी होना, न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा का पालन आवश्यक होता है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि चयनित महिला अपने क्षेत्र की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझ सके।
🔮 भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?
इस भर्ती प्रक्रिया के पूरा होने के बाद सिवनी जिले में आंगनवाड़ी व्यवस्था के सुदृढ़ होने की संभावना है। भविष्य में:
- पोषण और स्वास्थ्य कार्यक्रमों की निगरानी बेहतर होगी
- बाल कुपोषण की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकेगा
- महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी
यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो आने वाले समय में और भी पदों पर भर्ती की जा सकती है।
🧾 निष्कर्ष / Conclusion
सिवनी जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों पर आवेदन आमंत्रित किया जाना प्रशासन का एक सराहनीय कदम है। यह पहल न केवल आंगनवाड़ी सेवाओं को मजबूत करेगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया रास्ता भी खोलेगी। निर्धारित समय सीमा के भीतर पात्र अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन करने से जिले की सामाजिक और स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

आशीष कौशल का नाम महाराष्ट्र के विदर्भ में जाना पहचाना है. पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 30 वर्षों से ज्यादा समय से सक्रिय आशीष कौशल वर्तमान में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के नागपुर ब्यूरो के रूप में कार्यरत हैं .
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