पीएमश्री योजना से बदलेगा मध्यप्रदेश का शिक्षा परिदृश्य . . .
(नन्द किशोर)
भोपाल (साई)। मध्यप्रदेश शिक्षा सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए पीएमश्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना के अंतर्गत प्रदेश के 799 विद्यालयों को चयनित किया गया है। यह चयन न केवल इन स्कूलों के ढांचागत विकास का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रदेश सरकार शिक्षा को भविष्य उन्मुख, समावेशी और उच्च गुणवत्ता वाला बनाने के लिए गंभीर रूप से प्रतिबद्ध है।
नई शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप इन विद्यालयों को आधुनिक शिक्षण प्रणाली, तकनीकी संसाधनों और नवाचार केंद्रित गतिविधियों से सुसज्जित किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थी 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बन सकें।
प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (PM SHRI) योजना भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर में चिन्हित विद्यालयों को उत्कृष्ट शिक्षण मॉडल के रूप में विकसित करना है। ये विद्यालय—
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के आदर्श पैमाने
- आधुनिक तकनीकी सुविधाओं
- नवाचार और कौशल आधारित शिक्षा
- सुरक्षित एवं समावेशी वातावरण
के साथ विकसित किए जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश में लंबे समय से शिक्षा क्षेत्र में सुधार और नवाचार की आवश्यकता महसूस की जाती रही है। इसी दिशा में पीएमश्री योजना राज्य के लिए एक बड़ा अवसर बनकर सामने आई है।
वर्तमान स्थिति /Latest Developments
• 799विद्यालयों का चयन—एमपी के लिए बड़ी उपलब्धि
प्रदेश के 799 शासकीय विद्यालयों को इस योजना का हिस्सा बनाना दर्शाता है कि—
- शिक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने
- गुणवत्तापूर्ण सीखने को बढ़ावा देने
- तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने
पर राज्य सरकार की स्पष्ट प्राथमिकता है।
इन स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से मॉडल स्कूल के रूप में रूपांतरित किया जा रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास—अधिक सुरक्षित और प्रेरणादायी वातावरण
योजना के अंतर्गत विद्यालयों में किए जा रहे कार्यों में शामिल हैं—
- कक्षाओं का नवीनीकरण
- आधुनिक प्रयोगशालाएं
- सुदृढ़ पुस्तकालय
- स्वच्छ पेयजल सुविधाएं
- उन्नत स्वच्छता अवसंरचना
- दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं
‘हरित विद्यालय’ संकल्पना के तहत—
- सोलर पैनल
- वर्षा जल संरक्षण
- वृक्षारोपण
- ऊर्जा संरक्षण उपाय
को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को पर्यावरण मित्र जीवन शैली का भी ज्ञान मिलेगा।
आईसीटी लैब और डिजिटल शिक्षा—भविष्य की दिशा
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु सभी उच्च व उच्चतर माध्यमिक पीएमश्री विद्यालयों में आईसीटी लैब स्थापित की जा रही हैं। इनमें—
- कंप्यूटर
- इंटरैक्टिव पैनल
- डिजिटल लाइब्रेरी
- इंटरनेट आधारित शिक्षण सामग्री
उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके साथ ही प्रदेश में458अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जा रही हैं, जो विद्यार्थियों को—
- वैज्ञानिक सोच
- नवाचार कौशल
- लॉजिक व डिज़ाइनिंग
- रिसर्च–आधारित सीखने
के लिए प्रेरित कर रही हैं।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की पहल
प्रधानमंत्री स्कूलों में शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है। सरकार ने विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर विशेष बल दिया है। इसके अंतर्गत—
•खेल और योग गतिविधियां
- आउटडोर खेल सामग्री
- इंडोर स्पोर्ट्स किट
- प्रशिक्षित योग एवं खेल विशेषज्ञ
नियमित रूप से उपलब्ध कराए गए हैं।
•मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग
- मानसिक स्वास्थ्य परामर्श
- समर कैंप
- कैरियर मार्गदर्शन सत्र
- बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण
इन कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और जीवन कौशल का विकास हो रहा है।
व्यावसायिक शिक्षा—रोजगार उन्मुख भविष्य
नई शिक्षा नीति का एक प्रमुख आधार व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसी दृष्टि से—
- प्रदेश के663में से650पीएमश्री विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं।
- इससे विद्यार्थियों को कौशल आधारित प्रशिक्षण मिलता है।
- कई तरह के ट्रेड और व्यावसायिक विषय उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
- इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
यह व्यवस्था विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ–साथ रोजगार से जुड़े कौशल भी प्रदान करती है।
विद्यालय सुरक्षा—सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रदेश सरकार ने सभी पीएमश्री विद्यालयों में सुरक्षा को सर्वोच्च स्थान दिया है। इसके अंतर्गत—
- सीसीटीवी निगरानी प्रणाली
- अग्नि सुरक्षा उपकरण
- आपातकालीन व्यवस्था
- सुरक्षित परिसर
सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए अतिरिक्त कक्षाओं का प्रबंध भी किया गया है।
विद्यालय नेतृत्व विकास—प्राचार्यों का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण
शैक्षणिक नेतृत्व को मजबूत बनाने के लिए प्राचार्यों को—
- IIM इंदौर
- IIM रायपुर
- टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़, मुंबई
जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
इससे स्कूल प्रबंधन, नवाचार आधारित नेतृत्व और संसाधन प्रबंधन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
प्रशासनिक और सामाजिक प्रभाव
पीएमश्री योजना से—
- ग्रामीण और शहरी विद्यालयों में समान अवसर सुनिश्चित हो रहे हैं।
- शिक्षा की गुणवत्ता में सीधा सुधार हो रहा है।
- माता–पिता और समुदाय का विद्यालयों से जुड़ाव बढ़ा है।
- शिक्षक प्रशिक्षण और टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षण की गति तेज हुई है।
यह योजना न केवल विद्यार्थियों का भविष्य सुधार रही है, बल्कि प्रदेश की समग्र शिक्षा व्यवस्था को भी बदल रही है।
आम जनता पर असर
इस पहल से—
- बच्चों को बेहतर सुविधाएं
- सुरक्षित वातावरण
- आधुनिक शिक्षा संसाधन
- व्यावसायिक अवसर
प्राप्त हो रहे हैं।
दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, जिससे सामाजिक असमानता घटने में मदद मिलेगी।
भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?
पीएमश्री विद्यालय मध्यप्रदेश में शिक्षा गुणवत्ता के नए मानक स्थापित करेंगे। आने वाले वर्षों में—
- डिजिटल शिक्षा का विस्तार
- व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण
- पर्यावरण–अनुकूल विद्यालय
- वैज्ञानिक नवाचार केंद्र
- तकनीकी शिक्षण
प्रदेश के सभी जिलों में विकसित होंगे।
सरकार का लक्ष्य है कि पीएमश्री मॉडल को अन्य विद्यालयों में भी विस्तारित किया जाए।
8️⃣ निष्कर्ष /Conclusion
पीएमश्री योजना के तहत चयनित 799 विद्यालय मध्यप्रदेश के शिक्षा परिदृश्य को एक नए युग में प्रवेश करा रहे हैं। सुरक्षित, आधुनिक और नवाचार आधारित शिक्षण मॉडल विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण को और अधिक सशक्त बना रहे हैं। यह योजना न केवल विद्यालयों का रूपांतरण कर रही है, बल्कि पूरे प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता और अवसरों को भी व्यापक रूप से बढ़ा रही है। मध्यप्रदेश अब राष्ट्रीय शिक्षा मॉडल के रूप में उभर रहा है—जहां आधुनिकता, परंपरा, तकनीक और समावेशन का संतुलित संयोजन नई पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है।

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