(नन्द किशोर)
भोपाल (साई)।लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसका मतदाता होता है। इसी भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में फोटो निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत मतदाता सूची को अद्यतन करने, नए पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने, त्रुटियों को सुधारने और अपात्र प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया जारी है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे जिम्मेदार मतदाता की भूमिका निभाते हुए अपने नाम की जांच करें और आवश्यकता पड़ने पर समयसीमा में दावा-आपत्ति प्रस्तुत करें, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
भारत में चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता मतदाता सूची की शुद्धता पर निर्भर करती है। समय के साथ जनसंख्या में बदलाव, स्थानांतरण, मृत्यु और नए मतदाताओं के जुड़ने से सूची में संशोधन आवश्यक हो जाता है।
इसी कारण समय-समय पर विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाए जाते हैं ताकि:
- नए 18 वर्ष पूर्ण कर चुके नागरिकों के नाम जोड़े जा सकें,
- गलत या दोहरी प्रविष्टियां हटाई जा सकें,
- नाम, पता या अन्य विवरणों में सुधार किया जा सके।
फोटो निर्वाचक नामावली 2026 इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रारंभ की गई है।
वर्तमान स्थिति / Latest Developments
प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 23 दिसंबर 2025 को किया गया है। नागरिकों को 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है।
इस दौरान:
- प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल ऑफिसर उपस्थित रहेंगे।
- नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
- नागरिकों को निर्धारित प्रपत्रों के साथ आवेदन करना होगा।
दावा-आपत्ति के बाद प्राप्त आवेदनों की जांच और सुनवाई की प्रक्रिया फरवरी 2026 तक चलेगी।
प्रशासनिक, सामाजिक और लोकतांत्रिक प्रभाव
इस प्रक्रिया का प्रभाव कई स्तरों पर देखा जा सकता है:
प्रशासनिक स्तर पर — मतदाता सूची की शुद्धता से चुनावों का निष्पक्ष संचालन सुनिश्चित होगा।
सामाजिक स्तर पर — वंचित और नए मतदाताओं को प्रतिनिधित्व मिलेगा।
लोकतांत्रिक स्तर पर — जनभागीदारी बढ़ेगी और लोकतंत्र मजबूत होगा।
यह प्रक्रिया नागरिकों और प्रशासन के बीच विश्वास को भी सुदृढ़ करती है।
दावा और आपत्ति की प्रक्रिया
नागरिक निम्न कार्य कर सकते हैं:
- नया नाम जोड़ना
- किसी गलत प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज करना
- नाम, उम्र या पते में सुधार करना
- स्थानांतरण के कारण प्रविष्टि बदलवाना
इसके लिए निर्धारित प्रपत्रों का उपयोग किया जाता है और आवश्यक दस्तावेज संलग्न किए जाते हैं।
आंकड़े, तथ्य और विश्लेषण
पिछले पुनरीक्षण अभियानों से यह स्पष्ट हुआ है कि:
- हर अभियान में लाखों नए नाम जोड़े जाते हैं।
- बड़ी संख्या में त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियां सुधारी जाती हैं।
- मतदाता सूची की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
इससे चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा और मजबूत होता है।
आम जनता पर असर
आम नागरिकों के लिए यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- यह उन्हें मताधिकार सुनिश्चित करने का अवसर देती है।
- युवाओं को पहली बार मतदान में भागीदारी मिलती है।
- प्रवासी नागरिक अपने नए पते पर पंजीकरण करा सकते हैं।
इससे समाज के हर वर्ग की आवाज लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होती है।
मतदाता जागरूकता का महत्व
मतदाता जागरूकता अभियान का उद्देश्य यह संदेश देना है कि “कोई मतदाता छूट न जाए।” इसके माध्यम से नागरिकों को उनके अधिकार और कर्तव्यों के प्रति सजग किया जाता है।
जागरूक नागरिक ही मजबूत लोकतंत्र की नींव होते हैं।
भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?
आने वाले समय में:
- दावा-आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा।
- अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन होगा।
- इसके आधार पर आगामी चुनावों की तैयारी की जाएगी।
यह प्रक्रिया आगामी चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करेगी।
फोटो निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने का अभियान है। प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही यह प्रयास सफल हो सकता है। समय पर नाम जांचना, आवश्यक सुधार कराना और नए मतदाताओं को जोड़ना न केवल अधिकार है बल्कि जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य भी है। इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी ही मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला है।
मध्यप्रदेश में फोटो निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (SIR-2026) के अंतर्गत मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया जारी है। इस क्रम में निर्वाचक नामावली का प्रारूप प्रकाशन 23 दिसंबर 2025 को किया गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने नागरिकों से अपील की है कि वे एक जिम्मेदार मतदाता के रूप में अपने नाम की जांच कर समय-सीमा में आवश्यक दावे-आपत्तियां प्रस्तुत करें,जिससे कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।
प्रारूप निर्वाचक नामावली voters.eci.gov.in, ceoelection.mp.gov.inएवं ECINet Appपर उपलब्ध है। मतदाताओं को सर्वप्रथम अपना नाम प्रारूप सूची में अवश्य जांचना चाहिए। दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत करने की अवधि 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है।
इस अवधि में प्रत्येक कार्यदिवस पर सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO)उपस्थित रहेंगे। उनके माध्यम से नाम जोड़ने,हटाने/आपत्ति दर्ज करने तथा संशोधन से संबंधित आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के साथ घोषणा-पत्र (Annexure-IV)प्रस्तुत करना अनिवार्य है। वहीं,यदि कोई मतदाता राज्य से बाहर से स्थानांतरित होकर आया है,तो उसे फॉर्म-8 के साथ भी घोषणा-पत्र देना होगा। ऑफलाइन आवेदन करने पर मतदाताओं को BLOसे पावती प्राप्त करना न भूलने की सलाह दी गई है।
दावे-आपत्तियों के निराकरण तथा गणना पत्रक के आधार पर तैयार प्रारूप निर्वाचक नामावली की पात्रता प्रविष्टियों की जांच के उपरांत,कतिपय निर्वाचकों को नोटिस जारी कर सुनवाई 23 दिसंबर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक की जाएगी। नोटिस की तामीली के बाद संबंधित मतदाता को निर्धारित दिनांक,समय एवं स्थान पर आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियों सहित उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
फॉर्म-6,फॉर्म-6A,फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 मतदाता वेबसाइट से डाउनलोड, BLOसे,निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी,सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा जिला निर्वाचन कार्यालय से भी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त ऑनलाइन आवेदन सुविधा voters.eci.gov.in, ceoelection.mp.gov.inएवं ECINet Appपर उपलब्ध है।
ऑनलाइनआवेदन की प्रक्रिया
ECINet Appद्वारा:
गूगल प्ले-स्टोर से ECINet Appडाउनलोड करें।
मोबाइल नंबर एवं प्राप्त OTPसे रजिस्ट्रेशन करें।
Voters Servicesसेक्शन में जाकर Voters Registrationपर क्लिक करें।
फॉर्म-6 घोषणा-पत्र (Annexure-IV)के साथ भरें।
Voters Portalद्वारा https://voters.eci.gov.inपर जाएं।
मोबाइल नंबर एवं OTPसे साइन-अप करें।
New Voters Registrationटैब पर क्लिक कर फॉर्म-6 एवं घोषणा-पत्र (Annexure-IV)भरें।
मतदाता जागरूकता अभियान के संदेश “कोई मतदाता छूट न जाए”के साथ नागरिकों से सक्रिय सहभागिता की अपील की गई है। अधिक जानकारी एवं सहायता के लिए 1950 हेल्पलाइन, ceoelection.mp.gov.in/CEOMPElections, @ceompelectionsतथा /ceompelections/CEOMPSVEEPपर संपर्क किया जा सकता है।

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