पेंच के रिसोर्टों में खाद्य सुरक्षा पर सख्ती, प्रशासन ने लिए खाद्य नमूने, एक का लाइसेंस निलंबित

पेंच क्षेत्र में स्थित प्रमुख रिसोर्टों में खाद्य एवं सुरक्षा प्रशासन द्वारा औचक निरीक्षण कर विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर साफ-सफाई की कमी और खाद्य सामग्री के अस्वस्थ भंडारण की स्थिति सामने आई। खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के तहत सुधार नोटिस जारी किए गए, वहीं एक रिसोर्ट का लाइसेंस निलंबित भी किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य गुणवत्ता की जांच आगे भी लगातार जारी रहेगी।

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)।पर्यटन स्थलों पर खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता का मुद्दा हमेशा से ही प्रशासन और आम जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय रहा है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र पेंच टाइगर रिजर्व के आसपास स्थित रिसोर्टों में बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में यहां परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा सीधे तौर पर पर्यटकों के स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन सिवनी द्वारा खाद्य एवं सुरक्षा प्रशासन विभाग के माध्यम से लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।

सिवनी जिले में बीते कुछ वर्षों में पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पेंच क्षेत्र में कई नए रिसोर्ट, होटल और गेस्ट हाउस संचालित हो रहे हैं। बढ़ते पर्यटन के साथ-साथ खाद्य कारोबार भी तेजी से फैला है। हालांकि, समय-समय पर यह शिकायतें सामने आती रही हैं कि कुछ खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और गुणवत्ता मानकों का पालन पूरी तरह से नहीं किया जा रहा।

खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। इसी अधिनियम के तहत जिला प्रशासन को यह अधिकार प्राप्त है कि वह खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने ले और आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई करे।

वर्तमान स्थिति / Latest Developments

दिनांक 15 नवम्बर 2025 को कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग सिवनी द्वारा पेंच क्षेत्र में स्थित विभिन्न रिसोर्टों का निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण अभियान के दौरान कई प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने गुणवत्ता जांच हेतु लिए गए।

निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित रिसोर्टों से खाद्य नमूने लिए गए:

  • बाघ विला रिसोर्ट – पनीर का नमूना
  • आरण्यनी होटल एंड इवेंट प्राइवेट लिमिटेड रिसोर्ट – पनीर एवं इमली का नमूना
  • तुली टाइगर कॉरिडोर रिसोर्ट – हल्दी पाउडर एवं मिर्च पाउडर का नमूना
  • इन्फिनिटी रिसोर्ट – मूंग दाल एवं मूंगफली दाना का नमूना

सभी नमूनों को विधिवत सील कर गुणवत्ता जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है।

निरीक्षण में सामने आई कमियां

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण में यह पाया गया कि कुछ रिसोर्टों में:

  • खाद्य सामग्री को अस्वस्थ और खुले वातावरण में रखा गया था
  • किचन एरिया में पर्याप्त साफ-सफाई नहीं थी
  • खाद्य भंडारण के लिए निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था
  • कर्मचारियों द्वारा स्वच्छता नियमों का समुचित अनुपालन नहीं किया गया

इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 की धारा 32 के अंतर्गत इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किए गए।

प्रशासनिक कार्रवाई और निर्देश

निरीक्षण के पश्चात खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी खाद्य प्रतिष्ठान:

  • स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में खाद्य निर्माण करें
  • खाद्य सामग्री का उचित भंडारण सुनिश्चित करें
  • किचन और स्टोरेज एरिया में नियमित साफ-सफाई रखें
  • लाइसेंस एवं पंजीयन की शर्तों का पालन अनिवार्य रूप से करें

प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी कि निर्धारित समयावधि में सुधार नहीं होने की स्थिति में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

लाइसेंस निलंबन और सुधार सूचना पत्र

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:

  • आरण्यनी होटल रिसोर्ट का लाइसेंस सुधार सूचना पत्र का जवाब समय पर प्रस्तुत न करने के कारण निलंबित कर दिया गया है।
  • पेंच इन्फिनिटी रिसोर्ट को खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के तहत लाइसेंस रजिस्ट्रेशन की शर्तों का पालन न करने के कारण सुधार सूचना पत्र जारी किया गया है।

यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती और खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीरता को दर्शाती है।

आंकड़े, तथ्य और विश्लेषण

विशेषज्ञों के अनुसार, पर्यटन स्थलों पर खाद्य जनित बीमारियों का जोखिम सामान्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक होता है। एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में पर्यटक भोजन ग्रहण करते हैं, ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है।

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण से:

  • मिलावटी खाद्य पदार्थों पर रोक लगाई जा सकती है
  • पर्यटकों का विश्वास बना रहता है
  • पर्यटन की छवि को नुकसान से बचाया जा सकता है
  • स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आती है

आम जनता और पर्यटकों पर असर

इस निरीक्षण अभियान का सीधा लाभ आम जनता और पर्यटकों को मिलेगा। स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलने से:

  • खाद्य विषाक्तता की घटनाओं में कमी आएगी
  • पर्यटकों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा
  • पेंच क्षेत्र की पर्यटन साख मजबूत होगी

साथ ही, यह कार्रवाई अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए भी एक संदेश है कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान एक दिवसीय नहीं है। आगे भी:

  • औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे
  • अलग-अलग क्षेत्रों में खाद्य नमूने लिए जाएंगे
  • नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी

प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारकर्ताओं को नियमों के प्रति जागरूक करना भी है।

🏁 निष्कर्ष / Conclusion

पेंच स्थित रिसोर्टों में किया गया खाद्य सुरक्षा निरीक्षण प्रशासन की जिम्मेदार और सक्रिय भूमिका को दर्शाता है। खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के तहत की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि पर्यटकों और आम जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी, लेकिन फिलहाल यह अभियान खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। प्रशासन की यह सतत निगरानी न केवल खाद्य सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि पेंच क्षेत्र के पर्यटन को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।