मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 30 से अधिक अधिकारियों के तबादले, देखें पूरी सूची

मध्यप्रदेश सरकार ने 27 सितम्बर 2025 को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा (आरएएस) और भारतीय प्रशासनिक सेवा (भाप्रसे) के 30 से अधिक अधिकारियों के तबादले किए। इनमें कई जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। यह तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

 (बुद्धसेन शर्मा)

भोपाल (साई)। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने शनिवार को बड़ा प्रशासनिक आदेश जारी किया। इस आदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) और भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 30 से अधिक अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। आदेश के मुताबिक, ये तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और सभी अधिकारियों को उनकी नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया है।

यह फेरबदल न केवल जिला प्रशासनिक संरचना को प्रभावित करेगा बल्कि पंचायत और ग्रामीण विकास की कार्यप्रणाली पर भी सीधा असर डालेगा, क्योंकि बड़ी संख्या में जिला पंचायत सीईओ बदले गए हैं।

क्यों किए गए ये तबादले?

तबादले किसी भी राज्य सरकार की नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। मध्यप्रदेश सरकार का कहना है कि यह कदम प्रशासनिक दक्षता,पारदर्शिता और जनहित में उठाया गया है।

  • विभिन्न जिलों में नए अधिकारियों की नियुक्ति से कार्यप्रणाली में तेजी आएगी।
  • लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को बदलाव का अवसर मिलेगा।
  • ग्रामीण विकास और शहरी निकायों की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

तबादला सूची (Transfer List) – प्रमुख नाम

आरएएस (RAS) अधिकारी तबादले

  1. श्री शैलेन्द्र सिंह सोलंकी (2007)
    अपर संचालक, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, इंदौर → CEOजिला पंचायत,सीधी
  2. डॉ. इन्द्रजीत गजभिये (2008)
    उप सचिव, गृह विभाग → CEOजिला पंचायत,राजगढ़
  3. श्री विप्रय राज (2011)
    अपर आयुक्त, नगर निगम ग्वालियर → CEOजिला पंचायत,शिवपुरी
  4. श्री शैलेन्द्र सिंह (2011)
    अपर कलेक्टर, जिला मैहर → CEOजिला पंचायत,सतना
  5. श्रीमती अनुपमा चौहान (2006)
    उप सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग (पूल) → CEOजिला पंचायत,शाजापुर
  6. श्री नम: शिवाय अजरिया (2012)
    राज्य शिष्टाचार अधिकारी, भोपाल → CEOजिला पंचायत,छतरपुर
  7. श्री शाश्वत सिंह मीना (2012)
    उप सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग → CEOजिला पंचायत,मंडला
  8. श्रीमती अंजली शाह (2012)
    अपर कलेक्टर, नरसिंहपुर → CEOजिला पंचायत,सिवनी

हाल ही में चयनित अधिकारी एवं युवा अधिकारी तबादले

  1. सुश्री संजना यादव (2020)
    अपर कलेक्टर, जबलपुर → CEOजिला पंचायत,सीहोर
  2. सुश्री वैशाली जैन (2021)
    राजस्व अधिकारी, रीवा → CEOएवं अपर कलेक्टर,रतलाम
  3. श्री दिवांशु चौधरी (2021)
    राजस्व अधिकारी, ग्वालियर → CEOएवं अपर कलेक्टर,डिंडोरी
  4. श्री सुमन वर्मा (2021)
    राजस्व अधिकारी, सिंगरौली → CEOएवं अपर कलेक्टर,बुरहानपुर
  5. श्री अनेना कुमार (2021)
    राजस्व अधिकारी, शाजापुर → CEOएवं अपर कलेक्टर,उमरिया
  6. श्री शिवम प्रजापति (2021)
    राजस्व अधिकारी, डबरा → CEOएवं अपर कलेक्टर,शहडोल
  7. सुश्री सौम्या आनंद (2021)
    सहायक कलेक्टर, शहडोल → CEOएवं अपर कलेक्टर,छतरपुर
  8. श्री आफिक खान (2023)
    सहायक कलेक्टर, मंडला → राजस्व अधिकारी,पिपरिया (नरसिंहपुर)
  9. श्री पंकज वर्मा (2023)
    सहायक कलेक्टर, सिवनी → राजस्व अधिकारी,पुनासा (खंडवा)
  10. श्रीमती सपना अनुराग जैन (भाप्रसे)
    अपर कलेक्टर, बुरहानपुर → अपर संचालक,नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण,इंदौर एवं उप सचिव,मप्र शासन

असर किन जिलों पर पड़ेगा?

इन तबादलों का सबसे अधिक असर ग्वालियर,सतना,शाजापुर,सिवनी,सीहोर,छतरपुर,मंडला,रतलाम,डिंडोरी,बुरहानपुर,उमरिया और शहडोल जैसे जिलों पर पड़ेगा।

  • जिला पंचायतों में नए सीईओ आने से योजनाओं के क्रियान्वयन में नई गति आने की उम्मीद है।
  • पंचायत चुनाव की तैयारियों और ग्रामीण विकास योजनाओं में यह बदलाव अहम साबित हो सकता है।
  • युवाओं को रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं के लागू होने की रफ्तार बढ़ सकती है।

जनता और राजनीतिक प्रतिक्रिया

ऐसे प्रशासनिक फेरबदल पर आमतौर पर जनता और स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया भी देखने को मिलती है।

  • जनता की उम्मीदें – नए अधिकारियों से पारदर्शी कार्यप्रणाली और तेज़ फैसलों की अपेक्षा रहती है।
  • स्थानीय राजनीति – कुछ जिलों में नेताओं का अधिकारियों से तालमेल अहम माना जाता है, इसलिए राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज है।
  • कर्मचारियों की प्रतिक्रिया – अधिकारियों के तबादले का असर अधीनस्थ कर्मचारियों पर भी पड़ता है, क्योंकि नई कार्यशैली अपनानी होती है।

प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े फेरबदल से प्रशासनिक सुधार की दिशा में राज्य सरकार की मंशा साफ होती है।

  • लंबे समय से एक ही जिले में पदस्थ अधिकारियों को स्थानांतरित करना प्रशासनिक ताजगी लाता है।
  • नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारी अधिक सक्रिय और जिम्मेदार बनते हैं।
  • जनता को नई कार्यशैली और दृष्टिकोण का लाभ मिलता है।

निष्कर्ष

मध्यप्रदेश में हुआ यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल आने वाले समय में जिला स्तर पर प्रशासन की कार्यप्रणाली को प्रभावित करेगा। 30 से अधिक अधिकारियों के तबादले से ग्रामीण और शहरी विकास की योजनाओं में गति आने की संभावना है। साथ ही, जिला पंचायत सीईओ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नए चेहरों की नियुक्ति से प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहितकारी निर्णयों की उम्मीद बढ़ी है।

मध्यप्रदेश सरकार का यह कदम प्रशासनिक मजबूती और जनता तक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन” की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।