मध्य प्रदेश बजट 2026-27: एक नई युग की शुरुआत
(बुद्धसेन शर्मा)
भोपाल (साई)। बजट सत्र और वंदे मातरम का गान मध्य प्रदेश की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। बुधवार, 18 फरवरी 2026 को विधानसभा समिति कक्ष में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मन्त्रि-परिषद की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के ओजपूर्ण गान के साथ हुई। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट रहा, जिसे लेकर मुख्यमंत्री ने अत्यंत उत्साहजनक और सकारात्मक दृष्टिकोण साझा किया।
मुख्यमंत्री ने सदन में बजट प्रस्तुत किए जाने से पहले उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा सहित वित्त विभाग की पूरी टीम को उनकी कड़ी मेहनत के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि साढ़े आठ करोड़ प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।
ऐतिहासिक बजट: ‘ज्ञान’ (GYAN)के मूल मंत्र पर आधारित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में वर्ष 2026-27 के बजट को ‘ऐतिहासिक’ की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ‘विकसित भारत 2047’ को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार ने इस बार “GYAN” मॉडल को अपनाया है, जिसका अर्थ है:
- G (Garib): गरीबों का कल्याण और उत्थान।
- Y (Yuva): युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास।
- A (Annadata): किसानों की आय में वृद्धि और आधुनिक तकनीक।
- N (Nari): नारी शक्ति का सशक्तिकरण और सुरक्षा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प का प्रमाण है, जो कदम दर कदम आगे बढ़ते जाने की प्रेरणा देता है।
बजट के मुख्य आंकड़े और आर्थिक विश्लेषण वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने कुल 4,38,317करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। यह पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। बजट का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च किया जाएगा।
- महिला कल्याण: बजट में महिला केंद्रित योजनाओं के लिए कुल 1,27,555करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- लाड़ली बहना योजना: प्रदेश की करोड़ों महिलाओं की पसंदीदा योजना ‘लाड़ली बहना’ के लिए 23,882करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है, जिससे ₹1,500 की मासिक सहायता जारी रहेगी।
- कृषि और अन्नदाता: किसानों को बड़ी राहत देते हुए 3,000 करोड़ रुपये की लागत से 1लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रशासनिक और सामाजिक प्रभाव मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बजट में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को भी प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुँचे। इसके साथ ही, उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए भी विशेष बजटीय प्रावधान किए गए हैं, ताकि बुनियादी ढांचे का समय पर विकास हो सके।
जनता की प्रतिक्रिया और विपक्षी रुख बजट को लेकर आम जनता में काफी उत्साह देखा जा रहा है, विशेषकर महिला वर्ग और किसान समुदाय ने सरकार के कदमों का स्वागत किया है। हालांकि, विधानसभा परिसर में विपक्ष ने राज्य पर बढ़ते कर्ज को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी नेताओं का दावा है कि राज्य पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है, जबकि सरकार का तर्क है कि विकास कार्यों के लिए लिया गया ऋण निर्धारित सीमाओं के भीतर है और इससे राज्य की जीडीपी में 11.14% की वृद्धि का अनुमान है।
शिक्षा और स्वास्थ्य: भविष्य की नींव बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए भी विशेष ध्यान दिया गया है। 23,747करोड़ रुपये का आवंटन स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए किया गया है, जिसके तहत कई जिलों में नए मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों का उन्नयन किया जाएगा। शिक्षा क्षेत्र में 15,000 नए शिक्षकों की भर्ती और स्कूलों में कक्षा 8वीं तक के छात्रों को फ्री टेट्रा-पैक दूध वितरण जैसी अभिनव योजनाएं शामिल की गई हैं।
भविष्य की संभावनाएं: आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि यह बजट मध्य प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में नए निवेश आने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। सरकार का ध्यान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर है, ताकि शहरों की ओर होने वाले पलायन को रोका जा सके।
CONCLUSION /निष्कर्ष मध्य प्रदेश का वर्ष 2026-27 का बजट राज्य की आर्थिक दिशा तय करने वाला एक व्यापक दस्तावेज है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने गरीब, युवा, किसान और महिलाओं को केंद्र में रखकर विकास का जो खाका खींचा है, वह निश्चित रूप से सराहनीय है। यद्यपि वित्तीय चुनौतियों और कर्ज प्रबंधन पर चर्चा जारी रहेगी, लेकिन 4.38 लाख करोड़ का यह निवेश प्रदेश के बुनियादी ढांचे और सामाजिक ढांचे को नई ऊंचाई देने की क्षमता रखता है।

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