धार्मिक पर्यटन में सबसे आगे रहा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव से पर्यटन को नई दिशा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बीते वर्ष देशभर में धार्मिक पर्यटन के लिए सबसे अधिक पर्यटक मध्यप्रदेश आए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पर्यटन को केवल विकास का साधन नहीं माना, बल्कि उसे रोजगार सृजन से भी जोड़ा है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों से देश की छवि बदली है। उसी कड़ी में पर्यटन को भी सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है।

“पर्यटन जितना बढ़ेगा, उतने ही नए रोजगार के अवसर प्रदेश में बनेंगे,”

ग्वालियर में शनिवार को आयोजित रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव को प्रदेश सरकार ने पर्यटन विकास की नई शुरुआत बताया। इससे पहले रीवा और उज्जैन में भी इस तरह के आयोजन हो चुके हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि इस पहल से ग्वालियर और चंबल क्षेत्र की पर्यटन क्षमता को नई पहचान मिलेगी।

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। कूनो राष्ट्रीय उद्यान देश का पहला चीता अभ्यारण्य है, वहीं चंबल नदी क्षेत्र में घड़ियाल अभ्यारण्य और दुर्लभ कछुआ प्रजातियों का संरक्षण किया जा रहा है। इसी वर्ष माधव नेशनल टाइगर पार्क का लोकार्पण भी हुआ है।

इतना ही नहीं, देश के कुल 66 विश्व धरोहर स्थलों में से 27 स्थल मध्यप्रदेश में स्थित हैं। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए गौरव की बात बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन न केवल प्रदेश की पहचान को मजबूत करेगा बल्कि आने वाले समय में युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार भी उपलब्ध कराएगा। सरकार का लक्ष्य है कि पर्यटन को प्रदेश की आर्थिक समृद्धि का आधार बनाया जाए।