अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर मध्यप्रदेश में वरिष्ठजनों का हुआ सम्मान, “शतायु सम्मान” ने बढ़ाया गर्व

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान समारोह आयोजित किए गए। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बुजुर्गों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। एक सौ वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले वरिष्ठजनों को “शतायु सम्मान” से सम्मानित किया गया।

🌿 वृद्धजनों के सम्मान का प्रतीक — अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस 2025

(बुद्धसेन शर्मा)

भोपाल (साई)।हर वर्ष 1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य समाज में वरिष्ठ नागरिकों के योगदान को सम्मानित करना और उन्हें सामाजिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। वर्ष 2025 में भी मध्यप्रदेश में इस दिवस को बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। राज्यभर के शहरों और गांवों में स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी संस्थाएँ तथा नागरिकों ने मिलकर वरिष्ठजनों का सम्मान किया।

🌼 प्रदेशभर में शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह से सम्मान

भोपाल से लेकर बड़वानी, इंदौर, देवास, रायसेन, अशोकनगर और निवाड़ी तक, हर जिले में वृद्धजन सम्मान समारोह आयोजित किए गए।
इस दौरान शासकीय और अशासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने वरिष्ठ नागरिकों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

एक सौ वर्ष या उससे अधिक आयु वाले बुजुर्गों को “शतायु सम्मान” प्रदान किया गया। इस विशेष सम्मान के तहत न केवल आर्थिक राशि दी गई बल्कि उन्हें राज्य की प्रेरणा स्वरूप भी सम्मानित किया गया।

🌆 इंदौर में हुआ सबसे बड़ा समारोह

इंदौर महानगर में कल्याण मित्र समिति द्वारा एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सांसद श्री शंकर लालवानी मुख्य अतिथि रहे।
उन्होंने 140वरिष्ठ नागरिकों को शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी समान रूप से उत्सव का माहौल रहा।

ग्राम पंचायत कलारिया में श्री जगन चौधरी, ग्राम पंचायत पिवडाय में श्री कन्हैया लाल तोमर, ग्राम पंचायत माचला में श्रीमती अयोद्धया बाई तथा नगर निगम क्षेत्र में श्रीमती चन्दु जैन को जिला प्रशासन के अधिकारियों ने घर-घर जाकर सम्मानित किया।

🏡 निवाड़ी जिले में वृद्धाश्रम का विशेष कार्यक्रम

निवाड़ी जिला मुख्यालय पर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड स्वयं श्री रामराजा वृद्धाश्रम पहुँचे।
उन्होंने वहाँ रहने वाले वृद्धजनों से संवाद किया और उनके स्वास्थ्य, भोजन, सुविधा और आश्रम की व्यवस्था पर चर्चा की।
उन्होंने सभी बुजुर्गों को राज्य की ओर से शुभकामनाएँ दीं और सम्मान स्वरूप उपहार भेंट किए।

🌺 रायसेन में विधायक और कलेक्टर का सहभाग

रायसेन जिले में विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री प्रभुराम चौधरी और कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा ने महात्मा गांधी वृद्धाश्रम पहुँचकर वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया।
दोनों अतिथियों ने वृद्धजनों के साथ भोजन भी किया और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
उन्होंने कहा —

“वृद्धजन समाज की नींव हैं। उनकी सेवा और सम्मान से ही परिवार और समाज की संस्कृति सुरक्षित रहती है।”

🏆 देवास में खेलों के माध्यम से उत्सव का आयोजन

देवास जिले में इस बार वृद्धजन दिवस को एक अनोखे तरीके से मनाया गया।
यहाँ वरिष्ठ नागरिकों के लिए नीबू रेस,कैरम,शतरंज जैसी प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं।
इन खेलों में बुजुर्गों ने उत्साह के साथ भाग लिया और कार्यक्रम स्थल पर सभी के चेहरे खिल उठे।

इस अवसर पर 101वर्ष की आयु पूर्ण करने वाली श्रीमती सौरभ बाई को शॉल-श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

🌻 बड़वानी जिले में सामाजिक एकता का प्रतीक समारोह

बड़वानी जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री बलवंत पटेल की अगुवाई में समारोह आयोजित हुआ।
यहाँ वरिष्ठजनों के साथ स्थानीय स्कूलों के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं।
समारोह में “तीन पीढ़ियों का संगम” देखने को मिला — बच्चों, अभिभावकों और दादा-दादी, नाना-नानी सभी एक मंच पर थे।

🕊️ अशोकनगर में 100 वर्ष से अधिक आयु वाले नागरिकों का विशेष सम्मान

अशोकनगर जिले में नगर पालिका अध्यक्ष श्री नीरज मनोरिया और अपर कलेक्टर श्री देवकीनंदन की उपस्थिति में जिला स्तरीय समारोह आयोजित हुआ।
यहाँ 100वर्ष से अधिक आयु की3महिलाओं को “शतायु सम्मान” के अंतर्गत ₹1000 की नगद राशि, शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रशासन ने वचन दिया कि वृद्धजनों के कल्याण हेतु नई योजनाएँ लागू की जाएंगी।

💬 समाजसेवी संगठनों की सराहनीय भूमिका

राज्यभर में सामाजिक संस्थाएँ जैसे सेवा भारती,कल्याण समिति,वरिष्ठजन मित्र मंडल,लायंस क्लब,रोटरी क्लब आदि ने भी इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए।
कई संस्थाओं ने वृद्धजनों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर,भोजन वितरण,और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य था —

“समाज में बुजुर्गों के प्रति आदर और आत्मीयता की भावना को पुनर्जीवित करना।”

💖 सम्मान के पीछे संवेदनशील सोच

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के ये आयोजन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक संवेदनशील संदेश हैं —
कि समाज में वृद्धजन आज भी समान रूप से आवश्यक और सम्माननीय हैं।
उनके अनुभव, मार्गदर्शन और संस्कार हमारे भविष्य के लिए अमूल्य हैं।

🕯️ सरकार की ओर से प्रयास

मध्यप्रदेश शासन द्वारा भी वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण हेतु अनेक योजनाएँ चलाई जा रही हैं —

  • वृद्धजन पेंशन योजना
  • मुख्यमंत्री वरिष्ठ नागरिक यात्रा योजना
  • वृद्धजन स्वास्थ्य बीमा योजना
  • वरिष्ठ नागरिक सेवा केंद्र
    इन योजनाओं का उद्देश्य बुजुर्गों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन प्रदान करना है।

🔶 Conclusion (निष्कर्ष)

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर प्रदेशभर में आयोजित सम्मान समारोह न केवल एक परंपरा को निभाने का कार्य था, बल्कि यह एक मानवीय मूल्य का संदेश भी था —
कि समाज का हर वृद्ध नागरिक सम्मान और प्रेम का पात्र है।

वरिष्ठ नागरिकों के जीवन अनुभव, त्याग और संघर्ष हमारी सामाजिक पूँजी हैं।
उनके प्रति कृतज्ञता और आदर की भावना से ही हम एक संवेदनशील और संस्कारित समाज का निर्माण कर सकते हैं।