📰 मध्यप्रदेश में हवाला नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई,शीलादेही में पुलिस ने पकड़ी संदिग्ध रकम
(अखिलेश दुबे)
सिवनी (साई)। मध्यप्रदेश में हवाला नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बीती रात शीलादेही क्षेत्र के पास पुलिस ने एक संदिग्ध वाहन को रोका, जिसमें भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई। शुरुआती जांच में यह रकम हवाला कारोबार से जुड़ी बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, रकम का अनुमान करोड़ों में लगाया जा रहा है।
हालांकि, यह रकम अब खुद पुलिस के लिए सिरदर्द बन गई है, क्योंकि इसका कोई वैध दस्तावेज़ या स्वामित्व सामने नहीं आ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, रकम इतनी अधिक है कि “गिनती में ही पूरी रात लग गई”।
🚨 रातभर चली कार्रवाई,टीमों ने कई ठिकानों पर मारे छापे
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात करीब 11 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि शीलादेही के पास से गुजरने वाला एक वाहन हवाला रकम लेकर जा रहा है।
सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच, स्थानीय पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की टीमों ने इलाके में नाकाबंदी कर दी।
करीब आधे घंटे बाद संदिग्ध SUV को रोका गया, जिसमें दो व्यक्ति सवार थे। तलाशी लेने पर वाहन से कई बैगों में भरी नकदी बरामद हुई।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी रकम के स्रोत का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद पुलिस ने रकम जब्त कर ली और दोनों को हिरासत में ले लिया।
💰 रकम की गणना में जुटी पुलिस,गिनती के लिए बुलाए गए बैंक कर्मचारी
पुलिस के मुताबिक, जब्त रकम इतनी अधिक है कि उसकी सटीक गणना के लिए बैंक कर्मचारियों की मदद ली गई।
सील किए गए बैगों को पुलिस लाइन ले जाया गया और सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी में गिनती का काम शुरू हुआ।
माना जा रहा है कि रकम 3से5करोड़ रुपये के बीच हो सकती है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया —
“हम किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले रकम की पूरी गिनती और नोटों के सीरियल नंबर की जांच कर रहे हैं। हर बंडल की वीडियोग्राफी कराई जा रही है।”
🕵️ जांच में कई परतें खुलने की उम्मीद,इंटरस्टेट कनेक्शन की संभावना
क्राइम ब्रांच की प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह रकम राजस्थान और गुजरात के हवाला नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है।
कुछ दस्तावेज़ों से यह भी पता चला है कि रकम व्यापारिक सौदों के नाम पर नकद रूप में इधर-उधर की जा रही थी, लेकिन वास्तविक मालिक कौन है, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
सूत्रों का कहना है कि रकम के पीछे कई राजनीतिक और कारोबारी चेहरे भी हो सकते हैं।
मामला ज्यों-ज्यों आगे बढ़ रहा है, उसकी संवेदनशीलता बढ़ती जा रही है।
🧾 हवाला क्या है और कैसे होता है इसका नेटवर्क?
‘हवाला’ शब्द अरबी से आया है, जिसका अर्थ होता है “हस्तांतरण”।
भारत में हवाला को गैरकानूनी धन हस्तांतरण प्रणाली माना जाता है, जिसमें पैसा एक जगह से दूसरी जगह बिना बैंकिंग सिस्टम के भेजा जाता है।
हवाला नेटवर्क की मुख्य विशेषताएँ:
- कागजविहीन और अज्ञात लेन-देन – कोई रसीद या कानूनी दस्तावेज नहीं होता।
- काले धन की आवाजाही – टैक्स चोरी और गैरकानूनी कमाई का माध्यम।
- अंतर्राष्ट्रीय संपर्क – कई देशों में फैले हवाला एजेंट्स के जरिए पैसा तुरंत पहुंचाया जाता है।
- राजनीतिक फंडिंग और अवैध व्यापार – चुनावों या अवैध सौदों में उपयोग।
विशेषज्ञों का कहना है कि हवाला का नेटवर्क तोड़ना आसान नहीं है, क्योंकि इसमें कई परतें और गुप्त चैनल काम करते हैं।
🧠 पुलिस के लिए मुश्किल–रकम की वैधता और स्वामित्व पर उलझन
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि जब्त रकम का मालिक कौन है?
दोनों संदिग्ध आरोपियों ने अलग-अलग बयान दिए हैं —
एक का कहना है कि वह “सूरत के व्यापारी” के लिए रकम ला रहा था, जबकि दूसरा दावा कर रहा है कि “यह डिलीवरी दिल्ली के क्लाइंट के लिए थी”।
अब जांच एजेंसियाँ रकम की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए बैंक खातों,मोबाइल कॉल डिटेल्स औरGPSलोकेशन की पड़ताल कर रही हैं।
लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि किसी भी लेन-देन का कानूनी सबूत मौजूद नहीं है।
📂 क्राइम ब्रांच और आयकर विभाग की संयुक्त जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने आयकर विभाग औरED (प्रवर्तन निदेशालय) को भी सूचना दी है।
संभावना है कि जांच अब मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से भी की जाएगी।
एक अधिकारी ने बताया —
“अगर रकम हवाला नेटवर्क से जुड़ी साबित हुई, तो मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
हम इस रकम के हर लेन-देन की जाँच करेंगे।”
⚖️ कानूनी प्रक्रिया और संभावित कार्रवाई
अगर रकम हवाला साबित होती है, तो आरोपियों पर FEMA (Foreign Exchange Management Act) और PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत मामला दर्ज होगा।
ऐसे मामलों में:
- रकम जब्त की जाती है,
- संबंधित खातों को फ्रीज़ किया जाता है,
- और संदिग्धों की संपत्ति पर भी कार्रवाई हो सकती है।
कई बार ऐसे मामलों में रकम के असली मालिक तक पुलिस नहीं पहुँच पाती, जिससे जांच वर्षों तक लटकी रहती है।
📊 हवाला कारोबार पर पहले भी हुई हैं बड़ी कार्रवाईयाँ
- 2023,इंदौर: पुलिस ने 4 करोड़ की हवाला रकम जब्त की थी।
- 2024,भोपाल:7 करोड़ की नकदी एक कार से बरामद की गई, हवाला लिंक सामने आया।
- 2025,ग्वालियर: चुनाव फंडिंग के शक में 5 करोड़ रुपये जब्त हुए थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, हवाला का नेटवर्क अब डिजिटल ट्रांसफर और क्रिप्टो करेंसी के जरिए और भी जटिल हो गया है।
इसलिए पारंपरिक तरीकों से जांच करना चुनौतीपूर्ण है।
🔍 स्थानीय सूत्रों की भूमिका,मुखबिरों से मिली जानकारी
इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस को सफलता एक गुप्त मुखबिर की सूचना से मिली।
मुखबिर ने बताया था कि एक SUV में दो लोग भारी नकदी लेकर गुजरने वाले हैं।
इस सूचना के बाद रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
हालांकि, यह भी चर्चा में है कि मुखबिर खुद हवाला नेटवर्क से जुड़ा व्यक्ति हो सकता है जिसने अपने प्रतिस्पर्धी का खुलासा किया हो।
📰 पुलिस के लिए रकम बनी गले की फांस
अब पुलिस के सामने सबसे कठिन सवाल यही है —
इतनी बड़ी रकम का निपटारा कैसे होगा?
जाँच लंबी खिंचने की संभावना है, और इस बीच रकम पुलिस के कब्जे में रहेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रकम को ट्रेजरी में सुरक्षित जमा किया जाएगा, लेकिन तब तक यह प्रशासनिक जिम्मेदारी बनी रहेगी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा —
“रकम ज़ब्त करने से बड़ी चुनौती होती है, उसे साबित करना कि यह गैरकानूनी है।
📣 स्थानीय जनता और मीडिया में चर्चा तेज़
शीलादेही और आसपास के इलाकों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पिछले कुछ महीनों से कई संदिग्ध कारोबारी गतिविधियाँ चल रही थीं।
कई बार देर रात अनजान वाहन आते-जाते देखे गए थे।
मामले के खुलासे के बाद लोगों में यह विश्वास बढ़ा है कि प्रशासन अब काले धन और हवाला नेटवर्क पर सख्ती से कार्रवाई करेगा।
🏁 निष्कर्ष (Conclusion)
हवाला कारोबारियों पर पुलिस की कार्रवाई ने एक बार फिर इस गुप्त नेटवर्क के खतरे को उजागर किया है।
शीलादेही से बरामद रकम भले ही एक सफलता मानी जा रही हो, लेकिन यह पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती भी बन गई है।
जांच एजेंसियाँ अब इस मामले को राष्ट्रीय स्तर के हवाला नेटवर्क से जोड़कर देख रही हैं।
यदि इस रकम का स्रोत और गंतव्य उजागर होता है, तो यह काले धन के खिलाफ बड़ी सफलता साबित होगी।
“पुलिस ने शिकंजा तो कस दिया है, लेकिन अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रकम की गुत्थी सुलझती है या गले की फांस बनी रहती है।”

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