अपने कार्यों से दूसरों की जिंदगी को बेहतर बनाने में ही सफलता : राज्यपाल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि सफलता का असली अर्थ दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने में है। उन्होंने दीपावली शुभकामना समारोह में सफाई मित्रों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता, सद्भाव और सेवा ही सच्चे जीवन मूल्यों का प्रतीक हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रेम, करुणा और पारस्परिक सद्भाव बढ़ाने की अपील की।

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई)।भोपाल। मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने दीपावली शुभकामना समारोह के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि “मनुष्य का जीवन तभी सार्थक होता है जब उसके कार्यों से दूसरों के जीवन में सुधार आता है।” उन्होंने कहा कि सफलता केवल भौतिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और समर्पण से प्राप्त होती है।

राज्यपाल श्री पटेल राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित दीपावली शुभकामना समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में भोपाल और पचमढ़ी राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी,डाकघर,बैंक एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे। राज्यपाल ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएँ दीं और उपहार प्रदान किए।

🌟 राज्यपाल का प्रेरक संदेश– “दूसरों की जिंदगी को बेहतर बनाना ही असली सफलता

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सफाई मित्र समाज के असली नायक हैं। वे सुबह-सवेरे उठकर पूरे वातावरण को स्वच्छ बनाते हैं ताकि नागरिक दिनभर स्वच्छ और सुखद माहौल में जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि दूसरों के लिए कुछ करना ही ईश्वर की सच्ची पूजा है।

उन्होंने कहा,

“मानव जीवन का उद्देश्य केवल अपनी प्रगति नहीं, बल्कि समाज के उत्थान में योगदान देना भी है। जो व्यक्ति दूसरों के जीवन में प्रकाश लाता है, वही सच्चा दीपक कहलाता है।”

🌺 जीवन में कर्म ही सबसे बड़ा धर्म

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि कर्म ही मानव जीवन का आधार है। व्यक्ति को अपने कार्यों के माध्यम से ही आत्मसंतोष प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने प्रत्येक व्यक्ति को किसी विशेष उद्देश्य से जन्म दिया है, और हमें उस उद्देश्य को पहचानकर कर्मपथ पर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “कर्मों का फल इसी जीवन में मिलता है।” इसलिए हमें ऐसे कार्य करने चाहिए जो समाज, परिवार और देश के लिए उपयोगी हों। उन्होंने कहा कि अच्छी वृत्तियाँ और बुरी वृत्तियाँ दोनों ही मनुष्य को प्रकृति से प्राप्त होती हैं, परंतु कौन-सी दिशा अपनानी है, यह स्वयं व्यक्ति के निर्णय पर निर्भर करता है।

💡 ईर्ष्या और द्वेष जीवन का आनंद छीन लेते हैं

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि दूसरों की उन्नति से ईर्ष्या करने वाला व्यक्ति कभी सच्चा सुख नहीं पा सकता। ईर्ष्या का भाव व्यक्ति को भीतर से खोखला बना देता है और मानसिक शांति छीन लेता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपनी कमियों को स्वीकार कर सुधार के मार्ग पर चलता है, वही वास्तविक सफलता प्राप्त करता है।

उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आग्रह किया कि वे ईर्ष्या,द्वेष और अहंकार से दूर रहकर समाज में प्रेम और सौहार्द का वातावरण बनाएँ।

🔱 अक्टूबर का महीना : आत्मशुद्धि और उत्सवों का प्रतीक

राज्यपाल ने कहा कि अक्टूबर का महीना भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। नवरात्र और विजयादशमी जैसे पर्व हमें सिखाते हैं कि बुराई पर अच्छाई की विजय ही जीवन का सार है। दीपावली का पर्व इस श्रृंखला का अगला चरण है, जो हमें नवीन ऊर्जा,नई आशा और आत्मशुद्धि का अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने कहा –

“दीपावली केवल घरों में दीप जलाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारे मन के अंधकार को दूर करने का भी अवसर है। यह समय है कि हम दूसरों की गलतियों को भूलकर प्रेम और सद्भाव बढ़ाएँ।”

🕯️ राजभवन में दीपावली का उल्लास

राजभवन भोपाल में दीपावली का उल्लासपूर्ण वातावरण था। सांदीपनि सभागार को रंग-बिरंगी रोशनी और दीपों से सजाया गया था। समारोह में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

राज्यपाल ने स्वयं सभी कर्मचारियों और अतिथियों से मुलाकात कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम का संचालन नियंत्रक हाउस होल्ड शिल्पी दिवाकर ने किया।

🌼 संतोष,मेहनत और योग्यता से मिलता है स्थायी आनंद

राज्यपाल ने अपने भाषण में कहा कि जीवन में स्थायी आनंद और सच्चा सुख केवल संतोष,मेहनत और योग्यता से ही प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने कर्मों पर विश्वास रखना चाहिए। जो भाग्य में लिखा है, वह तो मिलेगा ही, लेकिन मेहनत से भाग्य भी बदला जा सकता है।

उन्होंने कहा कि “मनुष्य का जीवन एक बार मिलता है। इसलिए इसे सार्थक बनाने के लिए हमें अच्छे कर्मों में लगना चाहिए।”

🌸 मानवता ही सर्वोच्च धर्म

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भारत की संस्कृति सदैव से “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना पर आधारित रही है। हमें दूसरों की सहायता करने, उनकी पीड़ा को समझने और उनके साथ खड़े रहने की भावना रखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि दीपावली का यह पर्व केवल मिठाइयों और दीपों का नहीं, बल्कि मानवता,प्रेम और भाईचारे का उत्सव है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे इस दीपावली पर जरूरतमंदों की मदद करें और उनके जीवन में भी प्रकाश फैलाएँ।

🌻 पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश

राज्यपाल ने सफाई मित्रों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक आदत नहीं, बल्कि जीवनशैली होनी चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पटाखों का सीमित उपयोग करें और पर्यावरण को सुरक्षित रखें।

उन्होंने कहा कि दीपावली का असली आनंद तभी है जब हम प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलें और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण छोड़ें।

🎁 राज्यपाल की सौगातें और शुभकामनाएँ

कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल श्री पटेल ने सभी कर्मचारियों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों को उपहार भेंट किए और दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि हर नागरिक के जीवन में खुशियाँ, स्वास्थ्य और समृद्धि आए।

राज्यपाल ने कहा –

“ईश्वर से यही प्रार्थना है कि हर दिन सभी के जीवन में नई रोशनी और नई ऊर्जा लेकर आए। दीपों का यह पर्व सबके जीवन को उज्जवल बनाए।”

🔚 Conclusion (निष्कर्ष)

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल का यह संदेश केवल एक औपचारिक शुभकामना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने वाला जीवन दर्शन है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सच्ची सफलता तब मिलती है जब हमारे कार्य किसी और के जीवन को खुशहाल बनाते हैं।

दीपावली के इस पावन अवसर पर राज्यपाल का यह संदेश सभी नागरिकों के लिए प्रेरणा है कि हम स्वच्छता,सेवा और सद्भाव को अपनाकर अपने जीवन को सफल बना सकते हैं।