दिनदहाड़े नशैलों ने दीवार में दे मारी कार, रास्ता घंटों अवरुद्ध – पुलिस की सुस्त कार्रवाई पर जनता भड़की

दिनदहाड़े नशे में धुत कार चालक ने बेकाबू होकर एक दीवार में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे रास्ता लंबे समय तक अवरुद्ध रहा। स्थानीय लोगों ने हादसे के बाद पुलिस की देरी और सुस्त प्रतिक्रिया पर नाराजगी जताई। नशे की हालत में वाहन चलाने के बढ़ते मामलों ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना ने यातायात व्यवस्था और पुलिस चौकसी पर बड़े सवाल छोड़ दिए हैं।

दिनदहाड़े हुई लापरवाही,कार सीधे दीवार से भिड़ी

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। शहर के व्यस्त क्षेत्र में दिनदहाड़े एक बड़ा हादसा उस वक्त हुआ जब नशे में धुत कार चालक ने नियंत्रण खो दिया और तेज रफ्तार से चल रही कार सीधे एक मकान की दीवार से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीवार का एक हिस्सा ढह गया और सड़क का बड़ा भाग मलबे से पूरी तरह भर गया।

घटना के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई, लेकिन चालक नशे की हालत में इतना अधिक था कि वह स्वयं वाहन से बाहर भी नहीं निकल पा रहा था।

आसपास मौजूद लोगों के अनुसार —

  • कार काफी तेज रफ्तार में थी
  • चालक लड़खड़ाता हुआ दिखाई दिया
  • सड़कों पर उसकी ड्राइविंग पहले से ही संदिग्ध लग रही थी
  • टक्कर के बाद वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया

हादसे के बाद सड़क लंबे समय तक बंद,लोग परेशान

हादसे की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि सड़क पर लगे मलबे और गिरी हुई ईंटों के कारण रास्ता कई घंटों तक अवरुद्ध रहा।

ट्रैफिक जाम से आम लोगों को भारी दिक्कतें

– मरीजों को लेकर जा रहे वाहन बीच रास्ते में फँस गए
– दुकानें बंद करनी पड़ीं क्योंकि मुख्य मार्ग अवरुद्ध था
– हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ
– स्कूली बच्चों के वाहन भी लंबे समय तक फँसे रहे

स्थानीय लोगों का कहना था कि यदि यातायात नियंत्रण बेहतर होता और नशे में ड्राइविंग पर सख्त निगरानी रखी जाती, तो ऐसा हादसा टाला जा सकता था।

पुलिस की सुस्त कार्रवाई पर उठे सवाल

इस पूरे हादसे में सबसे अधिक चर्चा पुलिस की देरी और उनकी सुस्त प्रतिक्रिया को लेकर हुई।

समय पर पुलिस क्यों नहीं पहुँची?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार —

  • घटना के बाद कई बार फोन करने पर भी पुलिस देर से पहुँची
  • आसपास के लोगों को स्वयं ट्रैफिक नियंत्रित करना पड़ा
  • घायल चालक को बाहर निकालने में भी स्थानीय लोग आगे आए

इस धीमी कार्रवाई ने लोगों में काफी आक्रोश पैदा किया।

लोगों ने कहा:

“दिनदहाड़े शहर में नशे में धुत चालक खुलेआम घूम रहे हैं, पुलिस को दिखता क्यों नहीं? हादसा होने के बाद भी समय पर पहुँचने में देरी क्यों?”

नशे में ड्राइविंग के बढ़ते मामलेचिंता बढ़ाने वाले आंकड़े

शहर में पिछले कुछ महीनों में नशे में ड्राइविंग के मामलों में तेज़ बढ़ोतरी देखी गई है।

बढ़ती घटनाएँ भविष्य के लिए चेतावनी

– युवा वर्ग में शराब और नशे के सेवन के बाद वाहन चलाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है
– रात के साथ-साथ दिनदहाड़े भी ऐसे मामले सामने आ रहे
– बिना रोक-टोक वाहन चलाने वाले कई लोग दुर्घटनाओं को दावत दे रहे

स्थानीय सामाजिक संगठनों ने प्रशासन को चेताया है कि यदि ऐसे मामलों में कार्रवाई तेज़ नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में सड़क हादसे और भी खतरनाक रूप ले सकते हैं।

स्थानीय निवासियों की नाराजगी और मांगें

घटना के बाद लोगों ने एकजुट होकर प्रशासन और पुलिस से कड़े कदम उठाने की मांग की।

लोगों की प्रमुख मांगें

  • नशे में वाहन चलाने वालों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई हो
  • शहर में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए
  • ट्रैफिक जांच चौकियों की संख्या दिन और रात दोनों समय बढ़ाई जाए
  • बड़े बाजार क्षेत्रों में CCTV निगरानी मजबूत की जाए
  • हादसों के बाद त्वरित राहत दल (Rapid Response) सक्रिय किया जाए

लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक बड़ी चेतावनी है, जिसे अनदेखा करना भविष्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

प्रत्यक्षदर्शियों की आँखों-देखी

कई लोगों ने बताया कि कार टक्कर से पहले अनियंत्रित तरीके से मुड़ रही थी।

एक दुकानदार ने कहा:

“मैंने दूर से ही देख लिया था कि कार का बैलेंस बिगड़ा हुआ था। चालक का सिर बार-बार आगे-पीछे झुक रहा था। कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या कर रहा है।”

एक महिला राहगीर ने बताया:

“धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि लगा जैसे किसी ने विस्फोट कर दिया हो। बच्चे डरकर रोने लगे और लोग अपनी दुकानों से बाहर निकल आए।”

घटना के बाद चालक को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मेडिकल रिपोर्ट में भारी मात्रा में नशे का सेवन पाया गया।

क्या बदलेगी प्रशासन की कार्यशैली?

हर हादसे के बाद प्रशासन सख्ती की बात करता है, लेकिन कुछ दिनों बाद हालात फिर पहले जैसे ही हो जाते हैं।

संभावित सुधार

यदि प्रशासन चाहे तो—
– विशेष अभियान चलाकर नशे में ड्राइविंग को नियंत्रित कर सकता है
– लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया को तेज कर सकता है
– शराब ठेकों के आसपास निगरानी बढ़ा सकता है
– शहर के व्यस्त मार्गों पर Breath Analyzer चेकिंग को अनिवार्य कर सकता है

लेकिन इसके लिए सिर्फ बयान नहीं, ठोस कार्रवाई की ज़रूरत है।

समाज की भी है जिम्मेदारी

केवल पुलिस और प्रशासन दोषी नहीं ठहराए जा सकते। समाज को भी अपनी भूमिका समझनी होगी।

क्या करें लोग?

– नशे में वाहन चलाते दिखे तो तुरंत शिकायत करें
– परिवार के सदस्य को नशे के बाद वाहन चलाने से रोकें
– स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलें
– युवाओं में जिम्मेदारी की भावना बढ़ाई जाए

सड़क सुरक्षा तभी मजबूत होगी, जब समाज, पुलिस और प्रशासन—all मिलकर जिम्मेदार बनें।

निष्कर्ष /Conclusion

दिनदहाड़े हुई यह दुर्घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि चेतावनी है कि नशे में वाहन चलाना किस हद तक खतरनाक साबित हो सकता है। सड़क लंबे समय तक अवरुद्ध रही, लोग परेशान हुए, और पुलिस की सुस्त कार्रवाई ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। अब समय आ गया है कि पुलिस सख्त कदम उठाए, समाज भी अपनी जिम्मेदारी समझे और प्रशासन सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।

यदि तुरंत सुधार नहीं हुआ, तो ऐसे हादसे आगे और भी भयावह रूप ले सकते हैं।