प्रदेश के विकास की रफ्तार होगी और तेज: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाचरौद में 78.61 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन जिले के खाचरौद में 78.61 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर प्रदेश के तेज़ विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित करते हुए शिक्षा, कृषि, सिंचाई और आधारभूत संरचना को विकास का केंद्र बताया। इन योजनाओं से खाचरौद सहित पूरे मालवा क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।

(नन्द किशोर)

उज्जेन (साई)।मध्यप्रदेश के विकास को नई गति देने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर स्पष्ट संकेत दिया है कि राज्य सरकार “समग्र विकास” के लक्ष्य पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शुक्रवार 2 जनवरी 2026 को उज्जैन जिले के खाचरौद में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 78 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से पूर्ण एवं प्रस्तावित 39 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के नागरिकों की समृद्धि और खुशहाली ही सरकार का सबसे बड़ा पारितोषिक है।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य विकास को केवल शहरों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि गांव, किसान, गरीब, महिला और युवाओं तक इसका वास्तविक लाभ पहुंचाना है। खाचरौद में हुए ये विकास कार्य उसी सोच का जीवंत उदाहरण हैं।

मालवा क्षेत्र का उज्जैन जिला ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कृषि दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। खाचरौद क्षेत्र लंबे समय से शिक्षा, कृषि और प्रशासनिक ढांचे के विस्तार की मांग कर रहा था। राज्य सरकार ने इन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सिंचाई को प्राथमिकता वाले क्षेत्र घोषित किया है। इसी कड़ी में खाचरौद को सांदीपनि विद्यालय, नवीन कृषि उपज मंडी, संयुक्त तहसील कार्यालय, जनपद पंचायत भवन और स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े कार्यों की सौगात दी गई।

वर्तमान स्थिति / Latest Developments

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाचरौद में कुल 39 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया, जिनमें—

  • 16पूर्ण कार्यों का लोकार्पण – लागत 51 करोड़ रुपये
  • 23प्रस्तावित कार्यों का भूमिपूजन – लागत 10 करोड़ रुपये

इन कार्यों में प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • 40 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन
  • 30 करोड़ रुपये की लागत से नवीन कृषि उपज मंडी प्रांगण
  • 10 करोड़ रुपये से संयुक्त तहसील कार्यालय भवन
  • 25 करोड़ रुपये से जनपद पंचायत का नया भवन
  • 91 करोड़ रुपये की लागत से स्वच्छ भारत मिशन (SBM-2.0) के कार्य

मुख्यमंत्री ने इन सभी परियोजनाओं को खाचरौद के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया।

शिक्षा और कृषि को नई दिशा

मुख्यमंत्री ने सांदीपनि विद्यालय को शिक्षा का पवित्र मंदिर बताते हुए कहा कि यह विद्यालय आधुनिक शिक्षण सुविधाओं से युक्त होगा और विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का यही सही समय है।

वहीं, नवीन कृषि उपज मंडी को किसानों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां कृषक विश्राम भवन, भोजनालय, पानी की टंकी और प्याऊ जैसी सुविधाएं किसानों को राहत देंगी। इससे किसानों को अपनी उपज के विपणन में सहूलियत मिलेगी।

खाचरौद में फूड प्रोसेसिंग पार्क और स्टेडियम की घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाचरौद में फूड प्रोसेसिंग पार्क स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर होने वाली हरी मटर सहित अन्य फसलों को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए यह पार्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे किसानों और कृषि आधारित उद्यमियों को रोजगार और बेहतर आय के अवसर मिलेंगे।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के लिए नया स्टेडियम बनाने की भी घोषणा की, जिससे युवाओं को खेल प्रतिभा निखारने का मंच मिलेगा।

सड़क, सिंचाई और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि नागदा-खाचरौद-जावरा-उज्जैन को जोड़ने वाला नया फोरलेन हाईवे करीब 5 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। इससे पूरे क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा और इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।

उन्होंने पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे मालवा, निमाड़ और चंबल क्षेत्र को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना है।

किसान कल्याण वर्ष 2026: सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सरकार का पूरा फोकस किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगा।

उन्होंने प्रमुख घोषणाएं करते हुए कहा—

  • गेहूं खरीदी पर 175रुपये प्रति क्विंटल बोनस
  • 32लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे
  • हर साल 10लाख किसानों को सोलर पंप
  • किसान बिजली उत्पादक बनकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे

इससे किसानों को बिजली बिल से स्थायी मुक्ति मिलेगी और वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे।

प्रशासनिक, सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव

खाचरौद में हुए विकास कार्यों से प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ होगी। नए तहसील कार्यालय और जनपद पंचायत भवन से आम जनता को सरकारी सेवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

सामाजिक दृष्टि से शिक्षा, कृषि और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। राजनीतिक रूप से यह कार्यक्रम सरकार की विकास प्रतिबद्धता को दर्शाता है और आगामी वर्षों के लिए मजबूत आधार तैयार करता है।

आंकड़े, तथ्य और विश्लेषण

  • 61 करोड़ रुपये के कुल विकास कार्य
  • 39 परियोजनाएं – शिक्षा, कृषि, प्रशासन, स्वच्छता
  • हजारों किसानों और विद्यार्थियों को सीधा लाभ
  • मालवा क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सरकार विकास को योजनाबद्ध तरीके से धरातल पर उतार रही है।

आम जनता पर असर

इन विकास कार्यों का सीधा असर—

  • किसानों को बेहतर बाजार और सिंचाई सुविधा
  • विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
  • युवाओं को रोजगार और खेल के अवसर
  • आम नागरिकों को बेहतर सड़क और प्रशासनिक सुविधा

खाचरौद और आसपास के क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद बढ़ी है।

भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?

आने वाले समय में—

  • खाचरौद का औद्योगिक और कृषि विकास तेज होगा
  • मेट्रोपॉलिटन एरिया से जुड़ाव बढ़ेगा
  • किसानों की आय और युवाओं के अवसरों में वृद्धि होगी

सरकार का यह रोडमैप मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य की दिशा में ले जाता दिखाई दे रहा है।

8️⃣ Conclusion / निष्कर्ष

खाचरौद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किए गए 78.61 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन केवल परियोजनाओं की शुरुआत नहीं, बल्कि प्रदेश के तेज और समावेशी विकास का मजबूत संकेत है। शिक्षा, कृषि, सिंचाई और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित ये योजनाएं आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखती हैं। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित कर सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश का विकास किसानों और आम नागरिकों के सशक्तिकरण से ही संभव है।