(नन्द किशोर)
भोपाल (साई)। समाज सेवा, अध्यात्म और महिला सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय योगदान देने वाली ब्रह्माकुमारी संस्था की वरिष्ठ राजयोगिनी बी.के. अवधेश दीदी का हाल ही में निधन हो गया। इस दुखद समाचार ने पूरे मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा से जुड़े लोगों को गहन शोक में डाल दिया है।
राज्य के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने दीदीजी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जीवन निस्वार्थ सेवा, अध्यात्म और मानव कल्याण को समर्पित था।
🙏उप मुख्यमंत्री का शोक संदेश
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा –
“बी.के. अवधेश दीदी का सरल जीवन, मधुर वाणी और सेवा-भावना हमेशा लोगों को प्रेरणा देती रहेगी। उनका निधन अध्यात्म और समाज सेवा क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।”
उन्होंने यह भी कहा कि दीदीजी ने नशा मुक्ति, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा में नैतिकता और मूल्य आधारित जीवन की दिशा में जो कार्य किए, वे आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करेंगे।
🌸बी.के. अवधेश दीदी का जीवन परिचय
- दीदीजी ने अपना संपूर्ण जीवन ब्रह्माकुमारी संस्था को समर्पित किया।
- भोपाल ज़ोन की क्षेत्रीय निदेशक के रूप में उन्होंने हजारों परिवारों को राजयोग और सत्संग से जोड़ा।
- उनकी सरलता, सहजता और सेवा-भावना ने उन्हें समाज में एक आदर्श व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया।
📌समाज सेवा और योगदान
बी.के. अवधेश दीदी ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए:
- नशा मुक्ति अभियान – दीदीजी ने शराब और नशे की बुराईयों से समाज को मुक्त करने के लिए लगातार जनजागरण किया।
- महिला सशक्तिकरण – उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, शिक्षा और मूल्य आधारित जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
- शिक्षा में नैतिकता – विद्यालयों और महाविद्यालयों में नैतिक शिक्षा और योग प्रशिक्षण के माध्यम से छात्रों को जीवन-मूल्य सिखाए।
- आध्यात्मिक प्रशिक्षण – हजारों लोगों को राजयोग के जरिए तनावमुक्त और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा दी।
🌍समाज पर प्रभाव
दीदीजी के प्रयासों से भोपाल और मध्यप्रदेश के अनेक जिलों में समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला।
- युवाओं में सकारात्मक सोच और नशा त्याग की प्रवृत्ति बढ़ी।
- महिलाओं को आत्मविश्वास और आर्थिक स्वावलंबन की राह दिखाई।
- हजारों परिवारों में सद्भाव और संस्कारों का वातावरण बना।
📜ब्रह्माकुमारी संस्था में योगदान
ब्रह्माकुमारी संस्था का उद्देश्य ‘विश्व परिवर्तन के लिए आत्म परिवर्तन’ है।
- दीदीजी ने इस उद्देश्य को साकार करने के लिए जन-जन तक आध्यात्मिक संदेश पहुँचाया।
- उन्होंने राजयोग शिविर,सत्संग,प्रवचन और प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया।
- उनके नेतृत्व में संस्था ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला उत्थान और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम उठाए।
📌समाज में दीदीजी की पहचान
बी.के. अवधेश दीदी को लोग “सरलता और सेवा का प्रतीक” मानते थे।
- उनकी वाणी में मिठास और हृदय में करुणा थी।
- वे हर व्यक्ति को परिवार के सदस्य की तरह अपनाती थीं।
- उनका विश्वास था – “जब तक आत्मा शुद्ध नहीं होगी,तब तक समाज में शांति संभव नहीं।”
✍️राजनीतिक और सामाजिक व्यक्तित्वों की श्रद्धांजलि
दीदीजी के निधन पर केवल आमजन ही नहीं, बल्कि कई जनप्रतिनिधियों,सामाजिक कार्यकर्ताओं और आध्यात्मिक नेताओं ने भी शोक प्रकट किया।
- उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल के अलावा कई विधायक, सांसद और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
- सोशल मीडिया पर भी हजारों लोगों ने दीदीजी को श्रद्धांजलि संदेश भेजे।
📢लोगों की प्रतिक्रियाएँ
- स्थानीय नागरिकों ने कहा कि “दीदीजी ने हमारे परिवार को नई दिशा दी।”
- कई महिलाओं ने बताया कि “उनकी प्रेरणा से हमने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया।”
- युवा वर्ग ने लिखा कि “दीदीजी के राजयोग प्रशिक्षण ने हमें नशे और गलत आदतों से दूर रखा।”
🌹समाज के लिए छोड़ी गई विरासत
बी.के. अवधेश दीदी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी शिक्षाएँ,आदर्श और मूल्य समाज को हमेशा दिशा देंगे।
- नशा मुक्ति का अभियान
- महिला सशक्तिकरण की राह
- शिक्षा में नैतिकता की परंपरा
- आध्यात्मिक शांति और योग का महत्व
✅निष्कर्ष
बी.के. अवधेश दीदी का जीवन सच्चे अर्थों में अध्यात्म,सेवा और समाज उत्थान को समर्पित रहा। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने ठीक ही कहा कि उनका निधन अध्यात्म और समाज सेवा के लिए अपूरणीय क्षति है।
उनकी सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके बताए रास्ते पर चलें – नशा मुक्त समाज,महिला सशक्तिकरण और मूल्य आधारित जीवन का निर्माण करें।

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