🌾 किसानों का आत्मीय स्वागत – उज्जैन में ऐतिहासिक नज़ारा
(ब्यूरो कार्यालय)
उज्जैन (साई)। रविवार 28 सितम्बर 2025 का दिन मध्यप्रदेश के किसानों और सरकार के रिश्ते को और मजबूत करने वाला दिन साबित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उज्जैन आगमन हुआ तो बड़ी संख्या में किसानों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। किसानों ने हाथों में “सोयाबीन भावांतर के लिए मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद” लिखी तख्तियाँ थाम रखी थीं।
हैलीपेड पर मुख्यमंत्री जैसे ही पहुँचे, किसानों ने पुष्पमालाएँ पहनाकर और पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। यह दृश्य किसानों और सरकार के बीच विश्वास और सहयोग का प्रतीक बन गया।
🌱 भावांतर योजना – किसानों के लिए जीवनदायिनी पहल
भावांतर योजना का उद्देश्य स्पष्ट है – किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब दाम दिलाना।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कहा:
- किसानों को समर्थन मूल्य से कम दाम मिलने पर नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।
- राज्य सरकार बाजार दर और समर्थन मूल्य के बीच का अंतर सीधे किसानों को देगी।
- किसी भी किसान को घाटे में उपज बेचने की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इस योजना से विशेषकर सोयाबीन उत्पादक किसान लाभान्वित होंगे। मध्यप्रदेश देश में सोयाबीन उत्पादन में अग्रणी है और इसकी फसल भाव-उतार-चढ़ाव की वजह से कई बार किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
📊 किसानों के लिए फायदे
- उपज का न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित होगा।
- किसानों को सीधे बैंक खातों में राशि मिलेगी।
- मंडी में दलालों के दबाव से राहत।
- किसान आत्मनिर्भर बनेंगे।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती।
👨🌾 किसानों की प्रतिक्रियाएँ
कई किसानों ने मीडिया से बातचीत में खुशी जाहिर की। उनका कहना था कि –
- “भावांतर योजना से हमें उपज का सही मूल्य मिलेगा।”
- “अब हमें समर्थन मूल्य से कम पर सोयाबीन बेचने का डर नहीं रहेगा।”
- “मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के हित में ऐतिहासिक फैसला लिया है।”
🏛️ मुख्यमंत्री का वक्तव्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वागत के जवाब में कहा:
- “राज्य सरकार किसानों की हितैषी सरकार है।”
- “किसान-कल्याण हमारी पहली प्राथमिकता है।”
- “सरकार के पास किसानों के हित के लिए राशि की कोई कमी नहीं है।”
उन्होंने आश्वस्त किया कि किसानों के लिए योजनाओं की श्रृंखला लगातार आगे बढ़ाई जाएगी और आने वाले दिनों में और भी नई पहल की जाएगी।
🏬 स्वदेशी मेला-प्रदर्शनी का अवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने कार्यक्रम के दौरान भारतीय ज्ञानपीठ परिसर में आयोजित स्वदेशी मेला-प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
- इस प्रदर्शनी का आयोजन खादी ग्रामोद्योग मंडल द्वारा किया गया।
- मुख्यमंत्री ने स्वदेशी को बढ़ावा देते हुए खादी के कुर्ते का कपड़ा खरीदा और डिजिटल माध्यम से भुगतान भी किया।
- उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “हर घर स्वदेशी – घर-घर स्वदेशी” अभियान को जन-जन तक पहुँचाने के लिए ऐसी प्रदर्शनियाँ पूरे प्रदेश में लगनी चाहिए।
🌍 स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
स्वदेशी उत्पादों के उपयोग से न केवल ग्रामीण कारीगरों को रोजगार मिलेगा बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने जनता से आह्वान किया कि –
- खादी और स्वदेशी वस्त्रों का उपयोग बढ़ाएँ।
- स्थानीय हस्तशिल्प और उद्योगों को प्रोत्साहित करें।
- डिजिटल भुगतान और स्थानीय उत्पादों की खरीद को बढ़ावा दें।
📌 राजनीतिक महत्व
भावांतर योजना का शुभारंभ केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अहम है।
- यह योजना किसानों को सीधा लाभ पहुँचाती है।
- ग्रामीण वोट बैंक में इसका सकारात्मक असर होगा।
- विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब भी यह योजना देगी।
📸 कार्यक्रम का माहौल
हैलीपेड से लेकर प्रदर्शनी स्थल तक उत्साहपूर्ण माहौल रहा।
- किसानों के चेहरों पर खुशी थी।
- प्रशासन पूरी तरह सक्रिय और मुस्तैद नजर आया।
- मीडिया ने इस घटना को बड़े स्तर पर कवर किया।
✅ निष्कर्ष (Conclusion)
रविवार 28 सितम्बर 2025 को उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का किसानों द्वारा किया गया आत्मीय स्वागत इतिहास में दर्ज हो गया। भावांतर योजना किसानों के लिए उम्मीद और राहत की नई किरण लेकर आई है। इस योजना से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और प्रदेश की कृषि व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
साथ ही, मुख्यमंत्री का स्वदेशी मेला-प्रदर्शनी का अवलोकन और खादी उत्पाद खरीदना यह संदेश देता है कि सरकार किसान-हित और स्वदेशी अभियान दोनों को समान महत्व दे रही है। आने वाले दिनों में यह योजना किसानों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाएगी और प्रदेश की आर्थिक-सामाजिक संरचना को मजबूत करेगी।

लगभग 16 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के सिवनी ब्यूरो के रूप में लगभग 12 सालों से कार्यरत हैं.
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.





