- कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन की अभिनव पहल “गिफ्ट अ डेस्क” से बढ़ रही सामाजिक भागीदारी
- सेंट्रल रेलवे नागपुर के ट्रेन मैनेजर श्री राजेश सारिका घरोटे ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी
- टिकारी ई.पी.ई.एस. शाला में 15 डेस्क बेंच का हुआ वितरण
- शिक्षकों, स्टाफ और समाजसेवियों के सहयोग से बच्चों के लिए बेहतर व्यवस्था
(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। गिफ्ट अ डेस्क मुहिम अब महाराष्ट्र तक पहुँची। सेंट्रल रेलवे नागपुर के ट्रेन मैनेजर राजेश सारिका घरोटे ने शासकीय हाई स्कूल टिकारी ई.पी.ई.एस. को 5 डेस्क बेंच दान किए। समाजसेवियों के सहयोग से कुल 15 डेस्क बेंच प्रदान किए गए।
शिक्षा का अधिकार तभी सार्थक होता है जब बच्चों को पढ़ाई के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध हों। इन्हीं सुविधाओं में सबसे अहम है कक्षा में बैठने की व्यवस्था। अक्सर ग्रामीण व सरकारी स्कूलों में बच्चों को फर्श पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। इस समस्या का समाधान करने के लिए कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन ने “गिफ्ट अ डेस्क” नामक अभिनव पहल की शुरुआत की।
यह मुहिम केवल सिवनी जिले तक ही सीमित नहीं रही बल्कि अब इसकी गूंज पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र तक पहुँच गई है।
महाराष्ट्र में भी गूंजा “गिफ्ट अ डेस्क”
सेंट्रल रेलवे, नागपुर में ट्रेन मैनेजर श्री राजेश सारिका घरोटे ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस मुहिम से जुड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने 21 अगस्त 2025 को शासकीय हाई स्कूल टिकारी ई.पी.ई.एस. शाला (कक्षा 1 से 10) को 5डेस्क बेंच उपहार में दिए।
कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर संकुल प्राचार्य श्रीमती प्रतिक्षा मानगडे और श्री संदीप कुमार सूर्य सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम में बच्चों के चेहरों पर विशेष उत्साह देखा गया।
सामूहिक प्रयास से पहुँची कुल 15 डेस्क बेंच
सिर्फ श्री घरोटे ही नहीं बल्कि विद्यालय के अन्य स्टाफ और समाजसेवियों ने भी इस नेक कार्य में हाथ बढ़ाया।
- श्री अनंत रांहगडाले ने 2 डेस्क बेंच प्रदान किए।
- श्री संजय मर्सकोले, श्रीमती अदिति जरगर, श्री जसराज बिसेन, श्रीमती ज्योति राठी, श्रीमती लक्ष्मी सिरसाम, श्री राजेश डोंगरे, श्रीमती शबाना खान एवं श्री मनोज तिवारी ने 1-1 डेस्क बेंच प्रदान किए।
इस प्रकार प्राथमिक विभाग को कुल 15डेस्क बेंच उपलब्ध कराए गए।
बच्चों के चेहरों पर खुशी
डेस्क बेंच मिलने के बाद छात्रों ने विद्यालय में बेहतर सुविधा पाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। वे अब फर्श पर बैठने के बजाय आरामदायक और व्यवस्थित ढंग से पढ़ाई कर सकेंगे।
समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता
इस पहल से यह स्पष्ट हो गया है कि शिक्षा को लेकर समाज में सकारात्मक सोच तेजी से बढ़ रही है। “गिफ्ट अ डेस्क” जैसी मुहिम से न केवल छात्रों को सुविधा मिलती है, बल्कि समाज में शिक्षा के महत्व का संदेश भी फैलता है।
कलेक्टर संस्कृति जैन की सराहनीय सोच
इस पूरी मुहिम की नींव कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन की उस सोच से पड़ी, जिसमें उन्होंने कहा था कि शिक्षा की राह में कोई भी बच्चा सिर्फ डेस्क की कमी के कारण पीछे नहीं रहना चाहिए। आज उनकी इस पहल से समाज के विभिन्न वर्ग जुड़ रहे हैं।
समाजसेवियों और नागरिकों का योगदान
विद्यालय के शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस अवसर पर कहा कि यह पहल आगे और भी बढ़ाई जानी चाहिए ताकि अन्य स्कूलों को भी इसी तरह से लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में उपस्थित लोग
इस अवसर पर श्री यमन्द्रसिंह सरोत,श्री बिसेन,श्री विजय घरोटे समेत विद्यालय का पूरा स्टाफ और सैकड़ों छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे।
“गिफ्ट अ डेस्क” महज़ एक अभियान नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग को शिक्षा से जोड़ने वाला एक आंदोलन बन चुका है। महाराष्ट्र में इस मुहिम की गूंज और ट्रेन मैनेजर जैसे जिम्मेदार अधिकारियों का इसमें सहयोग यह दर्शाता है कि शिक्षा को लेकर जागरूकता अब सीमाओं से परे जा रही है।

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