स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान: बिलकिसगंज में स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ, 2,000 विशेषज्ञ डॉक्टरों की होगी भर्ती

भोपाल के बिलकिसगंज में “स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान” के अंतर्गत भव्य स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मज़बूत बनाने के लिए जल्द ही 2,000 विशेषज्ञ डॉक्टर्स की भर्ती की जाएगी। शिविर में नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य जांच, परामर्श और रक्तदान जैसी सेवाएँ प्रदान की गईं।

(सोनल सूर्यवंशी)

सीहोर (साई)।मध्यप्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। “स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान” के अंतर्गत सीहोर जिले के बिलकिसगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शिविर का शुभारंभ किया और नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए सरकार की योजनाओं और प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी।

अभियान की पृष्ठभूमि

“स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार” अभियान को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस (17 सितंबर) से शुरू किए गए सेवा पखवाड़ा का हिस्सा माना जा रहा है। यह अभियान 2 अक्टूबर तक चलेगा और इसके अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में विशेष स्वास्थ्य शिविरों, जागरूकता कार्यक्रमों और रक्तदान कैंपों का आयोजन किया जा रहा है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार करना और गंभीर बीमारियों की रोकथाम करना है।

उप मुख्यमंत्री का संबोधन

शिविर का शुभारंभ करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा –

“स्वस्थ परिवार की नींव महिलाओं के स्वास्थ्य पर आधारित है। यदि नारी स्वस्थ होगी तो परिवार और समाज स्वतः ही सशक्त बनेंगे।”

उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाना है। जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है, वहाँ जल्द ही 2,000विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती की जाएगी।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि टेलीमेडिसिन प्रणाली को और मज़बूत बनाया जाएगा ताकि नागरिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त कर सकें।

स्वास्थ्य शिविर की मुख्य गतिविधियाँ

बिलकिसगंज सीएचसी में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में हज़ारों नागरिकों ने हिस्सा लिया। यहाँ पर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएँ निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं –

  • रक्तदान शिविर – बड़ी संख्या में युवाओं और नागरिकों ने रक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद की।
  • टीबी मुक्त भारत अभियान – मरीजों को पोषण टोकरी वितरित की गई।
  • महिलाओं की स्वास्थ्य जांच – हीमोग्लोबिन, एनीमिया, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की गई।
  • विशेष परामर्श – स्त्री रोग, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और सिकल सेल रोग से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा परामर्श दिया गया।
  • आयुष्मान कार्ड वितरण – नागरिकों को आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ आईडी और कार्ड प्रदान किए गए।

महिलाओं और किशोरियों पर विशेष ध्यान

इस अभियान में महिलाओं और किशोरियों को विशेष रूप से शामिल किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने पाया है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में किशोरियों में हीमोग्लोबिन की कमी (एनीमिया) और मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएँ आम हैं।

शिविर में “खुल के पूछो” कार्यक्रम के तहत छात्राओं और महिलाओं ने अपने स्वास्थ्य से जुड़ी शंकाएँ रखीं, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया। यह पहल महिलाओं को स्वास्थ्य समस्याओं पर खुलकर बात करने के लिए प्रेरित करती है।

सेवा पखवाड़ा और जागरूकता कार्यक्रम

“सेवा पखवाड़ा” के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों में स्वास्थ्य खेल, योग, पोषण संबंधी गतिविधियाँ और जागरूकता सत्र भी शामिल हैं। सरकार का मानना है कि स्वास्थ्य केवल रोगों का इलाज नहीं बल्कि संतुलित आहार, व्यायाम और मानसिक शांति से भी जुड़ा हुआ है।

इसलिए शिविर में ज़ुम्बा डांस और “थोड़ी सेहत, थोड़ी मस्ती” जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए ताकि लोग फिटनेस को मनोरंजन के साथ जोड़ सकें।

स्वास्थ्य विभाग का भविष्य का रोडमैप

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने संकेत दिया कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा और मजबूत किया जाएगा।

  • 2,000विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती से स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञों की कमी पूरी होगी।
  • टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म के जरिए गाँव-गाँव तक विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध होगा।
  • एनीमिया और सिकल सेल रोग से निपटने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
  • आयुष्मान भारत योजना का विस्तार कर अधिक से अधिक नागरिकों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।
  • निक्षय मित्र पहल के तहत टीबी मरीजों को पोषण और परामर्श दोनों मिलेगा।

शिविर में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी

इस अवसर पर स्थानीय विधायक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी और सामुदायिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर नागरिकों को जागरूक करने और स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने में सहयोग किया।

🟢निष्कर्ष

बिलकिसगंज में आयोजित “स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान” का स्वास्थ्य शिविर प्रदेश सरकार के गंभीर प्रयासों का प्रमाण है। इस पहल ने न केवल महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य को केंद्र में रखा बल्कि आम नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाने की दिशा में भी नई उम्मीद जगाई।

सबसे बड़ी घोषणा रही – 2,000विशेषज्ञ डॉक्टर्स की भर्ती, जो आने वाले समय में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
यह अभियान इस संदेश को मजबूत करता है कि स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला है।